मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवता और लोकतंत्र दोनों को शर्मसार कर दिया है। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 10 मासूम लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोग अस्पतालों में अपनी आखिरी सांसों के लिए लड़ रहे हैं। लेकिन जब इस त्रासदी पर सीनियर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) से सवाल किया गया, तो वे संवेदना जताने के बजाय पत्रकार पर ही भड़क गए। उन्होंने कैमरे के सामने 'फोकट का सवाल' और अभद्र भाषा (गाली) का इस्तेमाल किया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है।
00:00पीने के पानी की ठीक से बाता है जणत की कलीजी पर मातम का बूझ है आखों में अपनों को खोने का दर्द और अस्पताल के बैट पर
00:27सांसों की जद्दो जहद चल रही है
00:30लेकिन मध्यप्रदीश के दिगज मंत्री कैलाश विजवर्ग्य को ये सब फूकट का सवाल लग रहा है
00:36दीश का सबसे स्वच शहर होने का तमगा रखने वाले इंदोर की आबो हवा में आज सिसकियां गूँच रही है
00:43मगर सत्ता के गलियारों में बैठे माननियों की चुपान से संवीधना की बजाए अप शब्द निकल रही है
00:50जब पत्रगार ने मौत का हिसाम मांगना चाहा तो मंत्री जी का पारा ऐसा चड़ा
00:54कि उन्होंने मर्यादा की सारी सीमाय लांग दी यह सिर्फ एक मंत्री का गुस्सा नहीं बलकि उस तंत्र की हकीकत है
01:01जो अपनी लापरवाही पर उठने वाले सवालों को बरताश नहीं करती
01:05जरा पूरा विडियो देखिए
01:24पर खंटा खंटा क� arrives दोता है आप मैं तो जाओंगा प्रलेज對啊 कि इतने सीनियर मंत्रिये गंटा बंटा क्या बोलते रहें बात करने की तमीज है
01:33हाँ और कि तुम मत किया कहां कि
01:39इन दौर के भागिरत पुरा में दूशित पानी पीनी से अब तक 10 लोग अपनी चान गवाच चुके हैं और 1500 से ज्यादा लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच छूल रहे हैं
02:05यह कोई मामूली आंकडा नहीं है यह उस शहर की कहानी है जो कि स्वच्छता में साथ बार नमबर वन रहा
02:11जब इस भीशन तरास्ती के बीच कैलाश विजवरगिया बुद्वार को प्रभावित लाकों का दारा करने पहुंचे तो उमीद थी कि जनता का दर्द बांटेंगे
02:19लेकिन हुआ इसके उलट मीडिया ने जब उनकी जिम्मेदारी और सरकार की कारवाई पर सवाल किया तो विजवरगिया भड़क गए और कैमली के सामने ही पत्रकार को फूकट के सवाल मत कर नसीहती
02:30बात कहीं खत नहीं होती उन्होंने अभद्र भाशा का इस्तेमाल किया जिसे सुनकर वहां मौजोद हर शक्स दंग रह गया और ये विडियो सोशल मीडिया पर तीजी से वाइरल हुआ
02:41एक तरफ मंत्री जी की कड़वी जुबान थी तो दूसरी तरफ मामली की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव को खुद कमान संभालनी पड़ी
02:50बुद्वार शाम मुख्यमंत्री इंदौर पहुंचे और अलग लग अस्पतालों में जाकर मरीजों का हाल जाना
02:55उन्होंने डॉक्टरों को सक्थ निर्देश दिये कि इलाज में रत्ती भर लापरवाही नहीं होनी चाहिए
03:00मामला इतना गंभीर हो चुका है कि अविंदौर हाई कोट ने भी इसमें लखल दिया है
03:04हाई कोट बार असोसियेशन की जन्हत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोट ने रचे सरकार को कड़ी फटकार लगाई
03:11और दो जन्वरी तक स्टेटस रिपोर्ट भी माँग ली
03:13कोट ने साफ पूछा कि आखिर शहर के नागरिकों को सच पैजल उपलब्ध कराने के लिए प्रिशाशन बार बार फेल क्यूं है
03:20विवाद बढ़नी और सोशल मीडिया पर फजियत होने के बाद कैलाश विजवर्गिया ने देरात अपनी सफाई भी पेश की और खेद प्रकट किया
03:28उन्होंने अपनी पूस्ट में लिखा
03:29मैं और मीरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोई प्रभावित क्षित्र में लगातार स्थिती सुधारने में जोटी है
03:35दूशित पानी से मेरे लोग प्रेडित हैं और कुछ हमें छोड़ कर चले गए
03:39इस गहरे दुख के अवस्था में मीडिया के एक प्रशन पर मेरे शब्द गलत निकले
03:44इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूँ
03:46लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह से सुरक्षत और स्वस्थ नहीं हो जाते
03:51मैं शांत नहीं बैठूँगा
03:53लेकिन सवाल ये उठता है कि नीद की कमी और दुख किसी जन प्रतिनेधी को पत्रकार या जनता को गाली देने अब शब्द कहने का अधिकार दे देते हैं क्या
04:02इंद और आज मातम में हैं उसे मंदरी की तीखी जुबान नहीं बलकि जबाब देही और शुद्ध पानी की दरकार है
04:08अब देखना ये है कि हाई कोट स्टेटस रिपोर्ट और मुख्य मंदरी के आश वासनों के बाद इस मौत के खेल का असली गुनेगार निकलता कौन है
04:16बेराल इस वाइरल वीडियो पे आपकी क्या राय है कॉमेंट बॉक्स आपके लिए ही है अपने टिपपणी वहाँ जरूर कीचेगा
04:22मेरा नाम है मुकंद आप बने रहे वन इंडिया के साथ शुक्रिया
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