इंदौर, जिसे देश का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाता है, आज दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सवालों के घेरे में है। भागीरथपुरा इलाके में सरकारी नलों से आए जहरीले पानी ने गरीब परिवारों की जिंदगी छीन ली। कई दिनों तक शिकायतें होती रहीं, लेकिन प्रशासन ने समय रहते सप्लाई नहीं रोकी। नतीजा सामने है, बीमारियां, मौतें और गुस्से में उबलते लोग। मुआवज़े के चेक को ठुकराकर पीड़ित परिवार जवाब और जिम्मेदारी की मांग कर रहे हैं। यह सिर्फ पानी की समस्या नहीं, सिस्टम की नाकामी की कहानी है। सवाल बड़ा है, क्या गरीबों की जान की कीमत सिर्फ मुआवज़ा है?
00:00इंदौर में लोग रो नहीं रहे हैं गुस्से से उबल रहे हैं
00:10मंत्री कैलाश विजेवर्गी सामने हैं हाथ में मुआबजे का चेक है और सामने खड़े लोग साफ कह रहे हैं हमें पैसा नहीं चाहिए हमें जवाब चाहिए यही है क्या विकास
00:21इंदौर जिसे भारत का सबसे सक्ष शहर कहा गया आज यही शहर अपने नलो में जहरीला पानी बहने के नाम पर मौतो का नाम ले रहा है
00:30जहां अमीर लोग फिल्टर और बोतल का पानी पी रहे हैं वहीं गरीब परिवारों के घरों में दूशिक पानी ने मातम फैला दिया है
00:38भागी रतपूरा इलाके में सरकारी नलों से मिलने वाला पानी इतना गंदा निकल रहा था कि लोगों ने कई दिनों से अलग अलग शिकायते उठाई लेकिन अस्थानिय प्रशासन ने सुनने तक की जहमत नहीं उठाई
00:50कुछ रिपोर्टों के मताबिक इस पानी में सीवेच का मैला मिला हुआ था जिससे लोगों को डायरिया, उल्टी, बुखार जैसी गंभीर बिमारियां फैल गई और अब तक कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है
01:04कई दिनों तक लोग शिकायत करते रहे, पानी बद्बुदार है, गंदा है, पीने लायक भी नहीं है, लेकिन ना तो सफाई हुई, ना ही गंदे पानी की सप्लाई रोकी गई, और ना ही कोई चेताउनी जारी की गई
01:17फिर नतीजा क्या हुआ, डायरिया, उल्टी, तेजबुखार और फिर मौत का तांडो, सरकारी आकडे जो कुछ भी कहते हैं, लेकिन अस्थानी लोगों के मुताबिक मौतों की संख्या 14 से भी कहीं जादा हो सकती है, अब सवाल उठता है, सिर्फ गरीब ही क्यों मरे, जिन
01:47मौत हो गई, उसकी माने वही पानी दूद में मिलाया, जो सरकार ने सप्लाई किया था, और वही पानी बच्चे के लिए जहर बन गया, वहीं एक 80 साल के बुजुर्ग ने अस्पताल पहुचने से पहले ही दम तोर दिया, एक महिला की इलाज के लिए ले जाते हुए रास्
02:17सिर्फ मौत है, मौपजा तो आ गया लेकिन इनसाफ अभी नहीं मिला, सरकार ने मृत्कों के परिजिनों को दो लाख रुपे का मौपजा घोशिक किया, लेकिन यही कहानी पलट गई है, पीडित परिवारों ने मौपजे का चेक लेने से साफ इनकार कर दिया है, उनका कहन
02:47क्यों मिलता है, इनसाफ हमें कब मिलेगा, लोगों का गुस्सा अपसीद है, मंतरी कैलाश विजेवरगिये पर फूट रहा है, आरोप लग रहा है कि सरकार जवाब देने की बजाए मामले को दबा रही है, मौपजे से गुस्सा शान्त करने की कोशिश की जा रही है और सिस
03:17मंतरी और पत्रकार के बीच हुई बहस का वीडियो भी सामने आया है, एक सीधा सवाल और मंतरी ने अपना आपा खो दिया, वीडियो वारल हुआ और जनता का गुस्सा और जादा बढ़ गया, सवाल उठने लगा क्या सत्ता सवालों से डरने लगी है, क्या गरीबों की मौ
03:47मौत के बाद भी अक्षन क्यूंनी हो रहा और सिर्फ गरीब ही क्यों मरे, ये सिर्फ पानी का संकत नहीं है, ये सिस्टम का आईना है, आज लोगोंने मौाबजे का पैसा ठुकरा दिया है क्योंकि ये लड़ाई पैसे की है ही नहीं, ये लडाई है इमसाफ की अगर आज ज
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