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डिएगो फेलिक्स डॉस सैंटोस ने अपने पिता के गुजरने के बाद AI तकनीक की मदद से उनके वॉइस नोट को प्रोसेस कर नए मैसेज तैयार किए। इस ऐप से वह पिता की आवाज़ में नए संदेश सुनकर उनका सुकून महसूस करते हैं। शुरुआत में परिवार को यह आइडिया अजीब लगा, लेकिन बाद में उन्होंने इसे बीते पलों की याद के रूप में अपनाया। यह तकनीक अब ‘Grief Tech’ के रूप में जानी जा रही है, जो खोए हुए प्रियजनों के लिए मानसिक सहारा देती है। हालांकि इसके साथ डेटा सुरक्षा और भावनात्मक असर जैसे सवाल भी जुड़े हैं। AI यादें लौटाता है, इंसान नहीं।

After losing his father, Diego Felix dos Santos used AI to process his father’s voice note and create new messages. Listening to them brings him comfort. Initially surprising to his family, they later embraced it as a memory-preserving tool. This ‘Grief Tech’ aids emotional support but raises privacy and emotional concerns.

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~HT.96~

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Transcript
00:00क्या वाकई मरे हुए लोगों से बात करना मुम्किन है
00:09सुनने में इस सवाल भले ही अजीव लग सकता है
00:11लेकिन जिसने किसी अपने को खोया है
00:14वो जानता है कि उनकी आवाज एक बार भी सुन लेना दिल को कितना सुकून दे सकता है
00:18टेकनोलिजी के इस दौर में अब ऐसी चीजे हो रही हैं जिन पर यकीन करना मुश्किल लगता है
00:24AI की मदद से लोग अपने गुजर चुके रिष्टेदारों की आवाज दुबारा सुन पा रहे हैं
00:29उसी लहजे में उसी अंदाज में बिलकुल वैसे ही जैसे वो कभी बात किया करते थे
00:33Economic Times की एक रिपोर्ट के मताबिक 29 साल के D.O. फेलिक्स डॉस सेंटॉस ने अपने पिता को खो दिया
00:40पिता के जाने के बाद वो कुछ वक्त ब्राजील में परिवार के साथ रहे
00:44लेकिन जब स्पोट लाइन लोटे तो अकेले पन में उन्हें अपने पापा की बहुत याद आने लगी
00:50उनके पास यादों के नाम पर सिर्फ एक चीज बची थी
00:53अस्पताल में भीजा गया पिता का आखरी वोईस नोट
00:56यही चोटा सा वोईस नोट उनके लिए सहारा बन गया
01:00दियोगो ने AI अधारितिक आप की मदद से उस अवास को प्रोसेस कराया
01:05ताकि अपने पिता की आवास में नई मेसेज तयार हो सके
01:08अब जब भी वो आप खोलते हैं और उस पे आवास को सुनते हैं
01:12तो उन्हें ऐसा लगता है जैसे उनके पिता अब भी आसपास ही है
01:15दियोगो कहते हैं कि आवास का टोन और इमोशन लगबग वैसा ही है जैसे कि उनके पापा की
01:21जब दियोगो ने अपने परिवार को इस बारे में बताया तो शुरुआत में सबको ये आईडिया अजीब लगा
01:27धार्मिक मान्यताओं के चलते उन्हें लगा कि किसी गुजर चुके वैक्ति की आवास को दोबारा सुनना सही नहीं है
01:33लेकिन वक्त के साथ उन्होंने इसे एक याद की तरह सुईकार कर लिया
01:37एक ऐसा जर्या जो बीते पलो को संजोय रखता है
01:41दियोगो की कहाने अकेली नहीं है
01:43दुनिया भर में अब ऐसी तक्नीकों को ग्रीफ टेक कहा जा रहा है
01:47जो किसी अपने के जाने के बाद मानसिक सहारा देने की कोशिश करती है
01:51हलाकि इसके साथ डेटा सुरक्षा, सहमती और भावनात्मक असर जैसे सवाल भी जुड़े है
01:57याद रखे, टेक्नोलेजी यादे जिम्दा रख सकती है
02:00लेकिन रिष्टे और एहसास वो हमेशा हमारे दिलों में रहते है
02:03याई आवाज तो लोटा सकता है, लेकिन इंसान नहीं
02:07देश भर और दुनिया की बाकी खबरे जानने के लिए देखते रहिए
02:10One India Hindi
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