बेबाक़ भाषा के दो टूक कार्यक्रम में पत्रकार भाषा सिंह चर्चा कर रही हैं कि क्यों फ़ोन एप पर दिए एक ऑर्डर को आपके घरों तक तुरंत पहुंचाने के लिए दौड़ पड़ने वाले गिग वर्कर्स नए साल की पूर्व संध्या पर हड़ताल पर हैं। क्या हैं उनकी मांगें और क्यों एक संवेदनशील समाज में इन बातों को सुनना और समझना ज़रूरी है। #news #latestnews #newsanalysis #gigworkers #gigworkersstrike #ecommerce #10minutedelivery #swiggy #zomato #blinkit #zepto #amazon #quickdelivery
00:00क्या आप जानते हैं जिस समय आप साल के अंतिम दिन यानि 31 दिसंबर को सेलिब्रेशन में डूबे हुए हैं
00:09उस समय आपके सेलिब्रेशन में तड़का लगाने वाले गिग वर्कर्स स्ट्राइक पर हैं
00:15देश भर में तकरीबन 4 लाख के करीब जो gig workers हैं उन्होंने हरताल एनाउंस किये हैं उनकी दो unions सीधे सीधे उन्होंने कहा है कि हमें भी जीने का अधिकार चाहिए लिहाजा उन्होंने मांग की है और हम भी बेबाग भाशा से मांग करते हैं कि चाहे स्विगी हो, जो मैटो हो
00:45आज आप इस्तमाल ना करिए, उनका बायकॉट कीजिए, gig workers के पक्ष में खड़े हो ये, क्योंकि gig workers का कहना है कि उन्हें गुलामी में ढखेल दिया गया है, दस मिनट की जो तलवार उनकी उपर लटकाई गई है कि दस मिनट में delivery करो, वरना तुम्हारा रास्ता बाहर का हो
01:15और अंगिनत लोगों को जो social security मिलनी चाहिए, वर नहीं मिली है, आज का दिन gig workers की हड़ताल के पक्ष में खड़े होने का दिन है, नमस्कार दोस्तों मैं आपकी दोस्भाषा आप देख रहे हैं बेबाग भाषा पे दोटू कायकरम, आज का हमारा प्रोग्राम देश भर मे
01:45मिडल क्लास सबका जीवन डिपेंडेंट है कम से कम मेट्रोज और शहरों में, वे हड़ताल कर रहे हैं, जो चुटकियों में दस मिनट के भीतर आपको खाना डिलिवर करते हैं, आपकी पसंदीदा चीजें डिलिवर करते हैं, वे कह रहे हैं, हे प्यारे भारतवासियों हमा
02:15इसलिए भी बहुत इंपॉर्टन्ट है, क्योंकि इस समय देश में जब बेरोजगारी चरम पर है, अंगिनत लोगों को गिग वर्क में धकेल दिया गया है, और यहां पर किसी भी तरह की सिक्योरिटी नहीं है, जिस तरह के वाके, जिस तरह के इंसिडेंट सामने आ रहे है
02:45बस और बस साथ सो आठ सो रुपे, यह असंगटित गिग वर्कर्स इतनी बड़ी बड़ी कंपनियों से कैसे लड़ाई लड़ पाएंगे और क्या जीत पाएंगे, क्योंकि यह भी दिखाई दे रहा है, कि तमाम एप्स ने आज की तारीख में कस्टमर्स को लुभाने के ल
03:15नाकाम हो जाएं, विफल हो जाएं, देखना बहुत जरूरी है कि भारत अपने इन गिग वर्कर्स के फक्ष में खड़ा होता है और सरकार जाकती है या नहीं
03:26और जिस तरह से इन तमाम बड़े-बड़े MNCs के इन एप मालिकों ने निया रेट कार्ड डाला है, जिसमें रेटिंग और जिसमें तमाम गिग वर्कर्स को जब मन चाहे तब उनकी ID ब्लॉक कर दी जाती है, उनकी समस्या सुनी नहीं जाती है, इसने इनके गुस्से को वि
03:56बरदाश करने को तयार नहीं है, साथी साथ उन्होंने मांग की है कि चार किलो मीटर तक की पर डिलीवरी पर उन्हें कम से कम 35 रुपे मिलने चाहिए और इस तरह का नेटवर्क होना चाहिए कि महिने के अंत में कम से कम नियूनतम 40,000 रुपे वे कमा सकें, ये तमाम मांगे
04:26नेता प्रतिपक्ष कॉंग्रेस के सांसद और नेता राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स से मुलाकात की थी और उस मुलाकात में जो अनौपचारिक मुलाकात थी, वहाँ पर तमाम गिग वर्कर्स ने यही मांगे रखी थी
04:41और देखिए, आज जब पेट्रोल डीजल की कीमतें आसमान छूरें ये लगातार बढ़ती जाती हैं, लेकिन यहाँ पर अपनी जेब से पेट्रोल और डीजल खर्च करके ये गिग वर्कर्स जिस तरह से सर्विस दे रहे हैं और इनकी कमाई लगातार कम हो रही है, ऐसे मे
05:11महराष्ट का ये जो इंसिडेंट आया है कि कैसे गिग वर्कर्स की पिटाई हो रही है सड़क पर, देश की राजधानी दिल्ली का इंसिडेंट बता रहे हैं गिग वर्कर्स की बारक हमबा के पास एक्सिडेंट हो जाता है और कोई जिम्मेदारी नहीं लेता, सारे गिग �
05:41लेकिन बड़ी जरूरत के लिए छोटे कश्ट उठाए जा सकते हैं, शुक्रिया
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