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बेबाक भाषा के Decoding RSS कार्यक्रम में जाने-माने लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता राम पुनियानी बात कर रहे हैं इस खुलासे की जिसमें पता चल रहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हाथ-पांव और सिर दुनियाभर में कैसे अलग-अलग संगठनों के नाम से फैले हुए हैं, लेकिन वे सब एक ही मकसद के लिए काम करते हैं.
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00:00दोस्तो बेबाग भाशा पर आपका स्वागत है
00:07डिकोडिंग RSS की कड़ी में आज हम बात करेंगे
00:15RSS नाम का जो समठन है जिसे अभी प्रधान मंत्री जी ने तुनिया का सबसे बड़ा NGO कहा
00:21जो नॉन रिजिस्टर है उसकी शाखाओं का जाल कितना फैला हुआ है इसके बारे हम बात करें
00:29RSS ज़्यादा तर दावा करता है कि उससे जुड़े हुए करीब 36 संगठन है
00:35और जो एक International Center for Studies फ्रांस में जो इससे थे थे
00:40उसने पिछले कई सालों से एक अध्यान चालू कर रखा था
00:44कि ऐसे कौन से संगठने दुनिया में जो RSS की विचारदारा से मेल खाकर
00:50RSS के कारे को अलग-अलग तरीके से अलग-अलग शित्रों में बढ़ाने का काम करते हैं
00:56और उनकी ये जो स्टेडी है वो अभी कारवान जो अंग्रेजी की बहुत प्रतिष्ठित मैगजीन है उसके वेबसाइट पर भी ये पूरे वर्णन आये है इन्होंने दुनिया भर के संगठनों को जब इस प्रकार से स्टेडी किया
01:11तो उन्हें पता चला कि करीब धाई हजार संगठन दुनिया भर में हैं जो RSSK से जुड़े हैं अप्रत्यक्ष रूप से और जो इस प्रकार की विचारधारा को दुनिया भर में फैला रहे हैं
01:27अब ये संगठनों को उन्होंने जब ल्यांकन करना शुरू किया तो उन्होंने इसकी ग्रेडिंग की कि जो पूरी तोर से RSSK विचारधारा का स्पष्ट रूप से बात करते हैं उनको एक पॉइंट दिया गया जो आधे तोर पे करते हैं उनको पॉइंट फाइव और जि
01:57पूरी जानकारी उपलब्ध है आप इसको उस पर देख सकते हैं और अभी आपने देखा होगा कि दिल्ली में एक भव्य इमारत बनी है जो फाइव स्टार होटल से भी ज्यादा बेहतर लगती है वो भी RSSK हेड़ आफिस है अब मज़े की बात यह है कि RSSK कोई रिजिस्�
02:27जमा करते हैं उसके आधार पर उन्होंने ये बिल्डिंग बनाए अब गुरु दक्षिना का कोई हिसाब किताब रखा नहीं जाता और इसको इंकम टेक्स का भी कोई बंदन नहीं है क्योंकि जब ट्राइबिनल ने इसकी स्टेडि किया तो उन्होंने का भई ये चैरिटी क
02:57वो इमारत गुरु दक्षिना से बनी है लोगों के चंदे से बनी है चंदा भी नहीं लेता है ये लोग तो यह तो कहते हैं गुरु दक्षिना सही बनी है तब इसके बारे में एक्जेक्ट जानकारी तो हम बताने सकते हैं अब जहां तक RSS एक साथ दुनिया का सबसे बड�
03:27फर ये वो संगठन नहीं है जिसके कारेकरता आपको बड़े स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे वी एचपी से जुड़े हुए बजरंगजल से जुड़े हुए आजकल क्रिस्टिन्स को मार रहे हैं क्रिस्मस का विरोध कर रहे हैं कभी मुस्लिम फेस्टिवल आया तो
03:57वास्ता में जो RSS जिसके सरसंगचालक ये डॉक्टर मोहन भागवत हैं और होसबले उनके सरकारेवा हैं ये संगठन जो है इसकी धाई हजार के करीब शाखाएं इस से जुड़े हुए धाई हजार के करीब संगठन दुनिया भर में फैले हुए हैं और इसमें करीब 2000 संग
04:27कैनेरा में 113, यूके में 26 इस प्रकार से फैले हुए हैं और भारत में भी ये खाजाए तो उत्तर प्रदेश, महराष्टर, केरल इन राज्यों में इनकी काफी बड़ी संग हैं बाकी सब राज्यों में भी ये अपनी उपस्तिती निश्चित तौर से दर्ज कराते हैं अ�
04:57प्रदकों में ये अपने संगठन बनाते हैं इनके जो एक तो प्रचारक रहते हैं प्रचारक जो इनमें सबसे उँची डिगरी पर बैठने वाले लोग रहते हैं और स्वयम से वक्त जो पार्ट टाइम कारे करता रहते हैं स्वयम से वक्त अपना परिवार भी बसाते हैं �
05:27जैसे भारती जनता पार्टी, विश्व हिंदु परिशद, वनवासी कल्यान आश्रम, फिर ये राष्ट सेवी का समीती, अखिल भारती विध्यारती परिशद, हिंदु मुन्ननी, ये भारत में जगा जगा जाने जाते हैं, पर इसके अलावा भी जो अलग-अलग ख्षित्र
05:57अलग-प्रकार की शाकाएं चलती हैं, तो समाज की हर एक शित्र से ये अपना स्वयम सेवकों को लेते हैं, और उनमें काम करने के लिए परचारक और स्वयम सेवक ये काम करते हैं, पर उस संगठन के नाम से, और उनकी विचारधरा पर यहीं फैलाते हैं, हिंदु राष्�
06:27से आजकल जो मुसल्मानों के खिलाफ एक इस्लामोफोबिया फैलाने का भी ये काम करते हैं
06:33मैं एक दो उधारन देदू इतनी तो आश्चरी की बात हमारे लिए है
06:36ये तो पता था कि RSS के जो स्वेम सेवक और प्रचारक होते हैं
06:42वो आजीवन इसी प्रकार के काम को करते रहते हैं
06:45पर ये नहीं पता था कि इनका जाल इतना गहरा होगा
06:48जहां भी अप्रवासी भारती रहते हैं व्यापार में दूसरे च्षित्रों में
06:55वो RSS के काम को बहुत प्रतिवद्दता से करते हैं
06:59और उसी का परिणाम है कि इतने सारे संगठन दुनिया भर में इनके लिए खड़े होगे हैं
07:04अब सवाल ये आता है कि अब इतने संगठनों के होने के कारण
07:09ये एक प्रकार का जाल है इनमें से ज़्यादातर संगठन RSS तो रेजिस्टर नहीं है
07:15पर दूसरे संगठन अपने आपको रेजिस्टर कराते हैं ताकि उनका काम आगे चल सके
07:20खैर मैं बहुत उधान तो नहीं दूँगा कि किस प्रकार का इनके कारे करम रहते हैं
07:26वो हमने सब ने देखा है कि भारत में जैसे ये भावनात्मक मुद्दों पे
07:31राम मंदिर हो लव जिहाद हो लेंड जिहाद हो और इस प्रकार की चीज़ें यहां
07:37उसके आधार पे उन्होंने राजनिती की हैं कभी बंदे मात्रम का मुद्दा उचाल देते हैं
07:42कभी किसी और चीज़ का उशाल देते हैं
07:45और अमेरिका में भी जो अपरवासी भारती हैं
07:49उनके बीच में भी इसी प्रकार का काम करते हैं
07:51एक बात जो मुझे याद आती है वो बहुत भैंकर है
07:54भैंकर यह है कि आपको याद होगा
07:56कि नारवे में करीब 10-15 साल पहले
08:00एंडर्स बरलिंग ब्रेविक नाम के एक नौजवान ने
08:03अपने मशीन गन से चासी लोगों को
08:06और चासी नौजवानों को माल डाला था
08:09वो गोई कारिशाला के लिए आये हुए थे
08:11तो यह जो एंडर्स बरलिंग ब्रेविक था
08:14यह वहां गया और इसने उनको मारा
08:17और उसको खेर पकड़ा गया
08:19और उसके पास से एक डॉक्यूमेंट बरामद हुआ
08:22और अश्यरी की बात यह है
08:25कि उसने जो डॉक्यूमेंट लिखा हुआ था
08:27काफी बड़ा था उसमें ज्यादा तर उसमें
08:29RSS की वीचारदारा को उसमें कोट किया था
08:33खेर तो यह इनका जो अंतर राश्ट्री अप्रभाव है
08:36यह वहां भी दिखता रहता है
08:38और मुक्छे तोर से इस कौम कैसे समझें
08:41समझना तो ऐसे ही पड़ेगा
08:42कि आधनिक मुले जो आए हैं
08:44स्वतंतरता, समानता, बंदुता
08:47और अभी जो World Health Organization के आधार पे
08:50एक दुनिया बनाने का सपना है
08:52उसके विरोध में यह हिंदु धर्म की श्रिष्टता
08:55और उसी के आधार पे समाज को ढालने का काम यह कर रहे हैं
09:00तो हमें कम से कम इसकी जानकारी होना चाहिए
09:03कि यह संगठन वास्ताव में दुनिया में क्या कर रहा है
09:06और किस प्रकार से हमारे लोक तांत्रिक मूल्य
09:10United Nations के मूल्य
09:12और हर एक देश के मूल्यों को किस प्रकार से बचाके
09:15इन विचारों से अलग रखा जा सकता है
09:18मैं उमीद करता हूँ
09:20कि आप इस बात को गहराई से सोचेंगे
09:21और वीडियो को लाइक करके
09:24फारवर्ड करके हमारे चैनल को जरूर सब्सक्राइब करेंगे
09:27आपका बहुत धन्यवाद
09:29Thank you very much
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