अरावली पहाड़ियों के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही उस निर्देश पर रोक लगा दी जिसमें अरावली पहाड़ियों के लिए कम से कम सौ मीटर की ऊंचाई तय कर दी थी। लोगों के डटकर विरोध के आगे उसे झुकना पड़ा। #news #latestnews #newsanalysis #bebaakbhashashorts #shortsvideo #shortvideo #shorts #aravalihills #aravallihills #supremecourtofindia
00:00ना आप आवाज उठाते ना सुप्रिम कोर्ट स्वते संग्यान लेकर अपने ही फैसले पर रोक लगाता जिहां जनता के आंदूलन की जीत हुई है और सुप्रिम कोर्ट ने केंसरकार की सिफारिशों के बाद अरावली की जिस परिभाशा को स्विकार किया था उस पर रोक ल
00:30कई मुद्धे हैं जिनकी और जाच की जरूरत है पीट ने अरावली पाहड़ेों की परिभाशा को लेकर पहले बनी सभी समीतियों की सिफारिशों का आक्रन करने के लिए एक नई उचिस तरिये समीति गठित करने का भी प्रस्ताओ दिया है अब इस मामले की अगली सुनव
01:00मोधी सरकार की सिफारिशों के बाद जब सुपनकोर्ट में अरावली पाहड़ियों की परिभाशा बदली तो पूरे उत्तर भारत में आंदोलन शुरू हो गया
01:07मोधी सरकार के जिन सिफारिशों को सुपनकोर्ट ने स्विकार किया था उसके अनुसार अरावली की सौ मिटर से उची पाहड़ियों को ही पहाड़ माना गया था
01:16उस सो मिटर से नीचे की पहड़ी को अरावली शेतर से बाहर रखा गया था
01:21संदक्षित शेतर से बाहर रखा गया था
01:23और इससे तैह हो गया था कि अब कानूनी तोर पर उसका दोहन और खनन किया जा सकता है
01:30इन सिफारिशों को सिकार करने के बाद ये खत्रा पैदा हो गया था कि जो अरावली परवत पहले से ही आवायत खनन का शिकार है वो अब पूरी तरह नश्ट हो जाएगा
01:40पर जनता की आवाज मोदी सरकार ने भले ही अंसुनी कर दी लेकिन सुप्रिम कोर्ट तक पहुंची सकता है यानि ये सबूत है कि जनता की आवाज हमेशा जाया नहीं जाती
01:49परियावर अनविद और आंदोलन कारियों का कहना था कि अरावली को सिर्फ उचाई के आधार पर परिभाशित नहीं किया जा सकता बलकि इसके महत्व को समझना जरूरी है ये लाइफ लाइन का काम करती हैं ये भुजल को संरक्षित करती हैं हवा संरक्षित करती हैं आंद
Be the first to comment