00:00भारत चावल का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है
00:06सबसे बड़े दूद उत्पादक देशों में से एक है
00:10हर साल लाखों टन अनाज एक्सपोर्ट भी करता है
00:13तो ऐसा देश जो दुनिया भर को खाना खिलाता है
00:16उसके खुद के लोग आज भी भूखे क्यों है
00:19ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट 2025 आचुकी है
00:23और आकड़े ज्यादा संतोष जनक नहीं है
00:27भारत का स्कोर 25.8 है और सीरियस काटेगरी में आता है
00:31अगर रैंकिंग की बात करें तो भारत का स्थान 123 देशों में 102 है
00:36आकड़े बताते हैं लगबग 12 प्रतिशद आबादी भूक मरी यानी अंडर नरिश्मेंट का शिकार है
00:42पांच वर्ष से कम उम्र में बच्चों में 32.9% का स्टंटिंग और 18.7% वेस्टिंग है
00:50महिलाओं में अनेमिया, बच्चों में पोशन की कमी जैसे छिपी भूक भी बढ़ रही है
00:552023 के कुछ आकड़े देखें तो भारत में अनुमानित 20 करोड कुपोशित लोग है
01:01जो व्यापक खादिर आसुरक्षा का संकेत है
01:04समस्य उत्पादन की नहीं, बलकि वित्रन, पोशन तक पहुँच और असमान ताओं की है
01:12GHI स्कोर 2000 में लगबग 38.4 था और अब 25.8 पर है
01:18मतलब सुधार हुआ है पर पर्याप नहीं है
01:22चलिए पहले जान लेते हैं कि सरकार ने अब तक क्या क्या किया है
01:25कौन से महत्वपून और सार्थक स्कीम्स और योजनाएं चली है
01:29तो सबसे पहली है Integrated Child Development Services
01:33यह योजना बच्चों यानी जो नवजाद से लेके 6 वर्ष की आयू के हैं और माताओं के लिए हैं
01:38जहां आंगनवाडी केंद्रों के माध्यम से पोशन, स्वास जांच, शिक्षा, आदी उपलब्ध है
01:44फिर है अंत योध्याय अन्न योजना
01:47इसके तहट बहुत ही गरी परिवारों को बेहत सपसीड़ी पर अनाच उपलब्ध कराया जाता है
01:53इस योजना की कोशिश ये सुनिश्चित करना है कि सबसे आवश्यक स्तर पर खाद्य सुरक्षा की पहुँच हो
02:00फिर है मिड़े मील योजना
02:01स्कूल में बच्चों के लिए पोशन युग्त भोजन उपलब्ध कराने की
02:06हाल ही में ये भी खबर आई है कि खाद्य महंगाई के कारण
02:09कुछ स्कूलों में मिड़े मील के पोशन मान कम हो गए है
02:13इसके अलावा निक्षे पोशन योजना भी मौजूद है
02:16जो टीबी रोगियों को पोशन सहायता देती है
02:19तो चुनौतियां कहां आ रही है
02:20क्यों ये सभी और कई ऐसी योजनाय पूरी तरह सफल नहीं हो पाई
02:25क्यों हम आज Global Hunger Index में serious category में आ रही है
02:29सबसे पहले है food inflation यानी बढ़ती महंगाई
02:32आज खानी पीने की चीजों के दाम इस तरह बढ़ गए है
02:36कि उसका सीधा असर nutrition level पर आ रहा है
02:39लोग quantity तो manage कर लेते हैं
02:41लेकिन quality यानी पोशक तत्व कम हो जाते हैं
02:45अगली चुनाओती है last meal problem
02:47योजनाय पहुँचती नहीं है
02:49सरकार की बहुत सारी schemes हैं
02:51जैसे PM potion योजना, public distribution system, ICDS, RD
02:56लेकिन जो सबसे ज्यादा जरूरत मन्द लोग हैं
02:59खासकर गाओं या tribal areas में
03:01वहां तक ये योजनाय पूरी तरह पहुच ही नहीं पा रहीं
03:04तीसरी चुनाओती देखें तो वो होगी
03:06urban slums में पहुच की कमी
03:08शहरों के slum areas में
03:09सरकारी योजनाओं की पहुच बहुत सीमित है
03:12PubMed Central की एक report कहती है कि
03:15शहरी गरीबों को सरकारी राशन या
03:17आंगनवाडी सेवाएं अकसर नहीं मिलती
03:20क्योंकि documentation या verification की दिक्कत आ जाती है
03:24इसके अलावा data quality की समस्त्य भी गंभीर है
03:27Indian Council of Medical Research और ISAS की report के मताबिक
03:31भारत में stunting यानि बच्चों का कम कद और wasting
03:35यानि कमजोर शरीर के data में कई बार अंतर या विवाद देखा गया है
03:40इससे सही planning करना मुश्किल हो जाता है
03:42क्योंकि आकडे साफ नहीं होते
03:44तो करना क्या चाहिए?
03:46What is the way forward?
03:47सबसे पहले nutrition enriched food यानि पोशक तत्व वाले खादिप्रदार्थ को
03:52अपनी रूटीन में शामिल करें
03:54एक्सपर्ट का सुझाव है कि सरकारी योजनाओं में
03:57प्रोटीन रिच और fortified food जोडे जाएं
03:59जैसे सोया प्रोटीन, fortified milk, iron, vitamin D वाले आटा या चावल
04:04Times of India की रिपोर्ट के अनुसार सरकार इस दिशा में कदम उठा भी रही है
04:08दूसरा तरीका community participation हो सकता है
04:11हम सभी को मिलकर काम करना जरूरी है
04:13local community को साथ लाना होगा
04:15जैसे स्कूलों में nutrition gardens, आंगनवाडी में सबजी बागियां
04:20या पंचायत level पर food sharing drives शुरू की जाएं
04:23इसके बाद जाचना और impact measurement बहुत जरूरी है
04:26सिर्फ खाना बाटने से काम नहीं चलेगा
04:29अब जरूरत है कि हर योजना का असर ना पा जाए
04:32मतलब क्या बच्चों का वजन भढ़ रहा है
04:34क्या अनेमिया कम हुआ है
04:36ऐसे indicators को track करना जरूरी है
04:38फिर है citizen level action
04:40हम सब भी अपनी तरफ से बहुत कुछ कर सकते हैं
04:43अगर कोई परिवार scheme का benefit नहीं ले पा रहा
04:50तो उन्हें समझाईए उन्हें उसके बारे में बताईए
04:53NGO या food bank जैसी activities में हिस्सा लीजिए
04:56अगर हम दुनिया पर नजर डालें तो हमें कई ऐसे देश मिलते हैं
05:00जिन्होंने भूख और कुपोशन के लडाई में बड़ा बदलाव लाया है
05:04उधारन के तोर पर ब्राजील वहां 2003 में जीरो हंगर मिशन शुरू हुई
05:08इस योजना में सरकार ने किसानों, स्कूलों और स्थानिय समधाओं को
05:12साथ लेकर हर गरीब तक सस्ता और पॉष्टिक खाना पहुंचाया
05:17नतीजा ये हुआ कि सिर्फ 10 साल में ब्राजील ने भूख का सर लगबग 70% तक घटा दिया
05:24वहां के बच्चे स्कूल में सिर्फ पढ़ते नहीं थे
05:26बलकि रोजाना पॉष्टिक भोजन भी पाते थे
05:29बांगलादेश भी एक अच्छा उधारन है
05:31वहां सरकार ने महिलाओं की भागेदारी पर जोड दिया
05:34गाओं में महिला समू को पोशन बगीचे और माइक्रो किचिन गार्डन के लिए प्रोच साहन दिया गया
05:40इसका नतीजा ये हुआ कि वहां की महिलाओं ने अपने परिवारों का पोशन खुच सुधारा
05:45और आज बांगलादेश कई सुच कांकों में भारत से बहतर प्रदर्शन कर रहा है
05:50वहीं अफ्रीका को देखें
05:51तो वहां के कुछ देशों ने बायो फोटिफाइड क्रॉप यानि ऐसे अनाजुगाने शुरू किये जिनमें प्राक्रितिक रूप से ज्यादा पोशक्तत होता है
05:59जैसे विटामिन A से भरपूर मकई या आईरन युक बाजरा
06:03ये उधारन हमें बताते हैं कि भूग की समस्त्या का हल सिर्फ सरकारी फाइलों में नहीं जमीन पर है
06:08समुदायों और लोगों की भागेदारी में छिपा है
06:11भारत भी अगर चाहे तो हमारे पास क्रिशी शक्ती, जन शक्ति और तकनीकी शमता तीनों मौजूद है
06:18जरूरत है तो सिर्फ इच्छा शक्ती और सही दिशा की
06:21आज के लिए इतना ही इस विशे पर अपनी राय और विचार कमेंट्स में जरूर बताईएगा
06:25मैं कंगन पॉजदार आपसे विदा लेती हूँ
06:27देखते रहे एशियानेट नियूज
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