00:00जीविका दीदियां बिहार की वो महिलाएं हैं, जो गाओं में गरीब परिवारों को जोड़ कर सेल्फ हेल्फ क्रूप बनाती है।
00:08ये बिहार Rural Livelihoods Project यानी BRLP का हिस्सा है, जिसे जीविका के नाम से जाना जाता है।
00:14अब जीविका दीदी Community Motivator के तौर पर खुद और समाज की महिलाओं को जागरुक करते हुए उद्ध्यमी बन रही है।
00:21बिहार के भागलपूर में भी कुछ ऐसा ही दिखा।
00:24भागलपूर जिले के पीर पैंती, सबोर और जगदीशपूर की रेखा देवी, स्वन संध्याबार्ती और फरहाना, प्रधानमंतर योजना और सीम योजना का लाब लेकर जीरो से हीरो बन गई है।
00:34तीनों जीरिका दीदियों ने सरकार द्वारा मिली मदद से कैसे अपने जीवन को सुधारा सुनिया।
01:04अपना तो फिर बाइंके से पचाच जार रूप लाउन लेके अब अपना बिजनस करते हैं, मतलब साड़ी बिनते हैं, अपना दुसरे को सेल करते हैं।
01:12कुछ परिवर्तन आया है।
01:14कुछ परिवर्तन के पहले दुसरे का मजदूरी करते थे।
01:16अपना खुछ से बिजनस कर रहे हैं, अपने साड़ी दुसरे को देते हैं।
01:20हम साड़ी देते हैं दुसरे को बिनकर हम मश्रूम की खेती कर रहे हैं।
01:25ओइस्टर मश्रूम बटर मश्रूम उसमें पिंक और एलो यानि पीला ये सब उप जा रहे हैं।
01:31पहले क्या सीन था संध्या जी पहले कुछ नहीं था जीरो पे थे। अब तो बहुत कुछ है।
01:41जीरो से हीरो बने हीरो किसने मनाये। हीरो के बने हीरो तो अपना घर से सपोर्ट मिले।
01:51परदान मंत्री योजना। परदान मंत्री योजना से हम 10 लाख रुपया रिन लिए हैं।
02:05कौन सी योजना। पीम इजीपी।
02:09मेरा तो साधी से पहले हम नन मैट्रीक थे सर। और 2019 में मैट्रीक का बिहार ओपन से एक्जाम दिये। फिर उसके बाद हम इंटर किये सर।
02:20और इंटर करने के बाद फिर पढ़ाई हम छोड़ दी, आगे पढ़ाई जारी नहीं रखे। बाल बच्चे सब पढ़ रहे हैं।
02:40हमारे घर एक प्रतिस्थित घर से हम हैं। लेकिन हमारे पास ओएसा अपना खुद का सोर्स कुछ नहीं था।
02:47मेरे पती उस समय दो महिना कमाते थे, दो महिना घर में बैठ जाते थे। लेकिन आज ओभी बहुत अच्छा हैं।
02:54हमारे खुल के सहियोग करते हैं। जिससे हमारे बच्चा पढ़ाई लिखाई भी बढ़िया कर रहा हैं।
03:13भागलपुर के टाउन हॉल में एक हजार से ज्यादा जीविका दीदियों को स्वरोजगार हेतु विक्तिय सहायता के बारे में जानकारी दी गई।
03:26जीविका दीदियों ने महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में किये जा रहे प्रयास के लिए पियेम मोदी का आभाड जताया और अनुरोथ किया कि NTPC और पावर प्लांट में उन्हें भोजन आपूर्ती का अवसर दिया जाए।
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