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  • 7 weeks ago
नक्सलबाड़ी, एक ऐसा गांव, जिसने कभी नक्सल आंदोलन को जन्म दिया और आज, वही गांव पश्चिम बंगाल की बदली हुई राजनीति का प्रतीक बन चुका है. नक्सलबाड़ी में ये बदलाव साफ दिखता है. गांव के नए कारगिल वॉर मेमोरियल से लेकर इसके ऐतिहासिक  तियानमेन स्क्वायर तक.उत्तर बंगाल का नक्सलबाड़ी, जो कभी नक्सल आंदोलन का केंद्र था, अब भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ बन चुका है. इस बदलाव की शुरुआत मानी जाती है साल 2017 से जब अमित शाह ने नक्सलबाड़ी में एक दलित परिवार के साथ भोजन किया और इसे ऑपरेशन लोटस की शुरुआत के तौर पर देखा गया.बीते वर्षों में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में तेजी से विस्तार किया. विधानसभा में लगभग शून्य से दो अंकों की सीटों तक, खास फोकस रहा उत्तर बंगाल की आदिवासी और हाशिए पर रहने वाली आबादी पर, कभी फूस की झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों को अब पक्के घर मिले.  उत्तर बंगाल की 54 विधानसभा सीटें निर्णायक मानी जाती हैं, दार्जिलिंग के गोरखा और कूचबिहार के राजबंशी समुदाय अपनी अलग पहचान और राजनीतिक अलगाव की उम्मीद के साथ भाजपा को मसीहा के तौर पर देख रहे हैं. यहां तृणमूल कांग्रेस हाशिए पर दिखाई देती है.कभी वामपंथ का गढ़ रहा नक्सलबाड़ी, अब इतिहास के पन्नों में सिमटता दिखता है. कानू सान्याल और चारु मजूमदार से शुरू हुआ आंदोलन. आज कुछ मूर्तियों और स्मारकों तक सीमित रह गया है.नक्सलबाड़ी का ये इलाका स्थानीय लोग, तियानमेन स्क्वायर के नाम से जानते हैं. लेकिन आज हालात ये हैं कि पास के खेत में काम करने वाली महिलाओं को भी ये नहीं पता कि यहां खड़ी मूर्तियां किसकी हैं.इसके उलट, गांव के प्रवेश द्वार पर बना कारगिल वॉर मेमोरियल हर किसी की नजर में है. युवा यहां सेल्फी लेते हैं और इसे देशभक्ति के प्रतीक के तौर पर देखते हैं. ये स्मारक धीरे-धीरे नई पीढ़ी की स्मृति का केंद्र बनता जा रहा है.87 साल की शांति मुंडा आज भी उस दौर को याद करती हैं. जब नक्सलबाड़ी में वाम आंदोलन अपने चरम पर था. उनका मानना है कि सशस्त्र संघर्ष एक गलती थी लेकिन उन्हें अब भी भरोसा है कि वाम आंदोलन एक दिन लौटेगा.कानू सान्याल की बांस की झोपड़ी, जो अब एक पुस्तकालय है. आज भी नक्सलबाड़ी के इतिहास की गवाही देती है. इसे पर्यटन स्थल बनाने की योजना पर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी है.क्सलबाड़ी आज दो स्मृतियों के बीच खड़ा है. एक ओर नक्सलवाद का अतीत, दूसरी ओर राष्ट्रवाद का नया प्रतीक. 2026 के चुनाव में ये गांव एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय करता दिखेगा. 

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00:00नकसल बाड़ी एक ऐसा गाउं जिसने कभी नकसल आंदोलन को जनम दिया और आज वही गाउं पश्युम बंगाल की बदलती हुई राजनीती का प्रतीक बन चुका है नकसल बाड़ी में बदला साफ दिखता है गाउं के नए कारगिल वार मेमोरियल से लेकर इसके एतियासिक
00:30अब भारत्य जन्ता पार्टे का मजबूत गड़ बन चुका है इस बदलाव के शुरुआत मानी जाती है साल 2017 से जब अमित्षा ने नकसल बाड़ी में एक दलित परिवार के साथ भोजन किया और इसे ओप्रेशन लोटस के शुरुआत के तौर पर देखा गया
00:44बीते वर्षों में बीजेपी ने पश्चुम बंगाल में तेजी से विस्तार किया है विधान सबा में लगभग शुन्य से दो अंकों की सीटों तक खास फोकस रहा उत्तर बंगाल की आदिवासी और हाश्य पर रहने वाली आबादी पर कभी फूस की जोप्रियों में रहन
01:14अलग पहचान और राजनेतिक अलगाव की उमीद के साथ भाजपा को मसीहा के तौर पर देख रहे हैं
01:19यहां त्रणमुल कॉंग्रेस हाश्य पर दिखाई देती है
01:22कभी वाम पंथ का गड़ रहा नकसल बाड़ी अब इतिहास के पन्नों में सिमटता दिखता है
01:28कानू सानियाल और चारू मज़ुमदार से शुरू हुआ आंदोलन
01:31आज कुछ मूर्तियों और इसमारकों तक सीमित रह गया है
01:34नकसल बाड़ी का एलाका इस्थानिय लोग त्यानमेन स्क्वार के नाम से जानते हैं
01:40लेकिन आज हालात ये हैं कि पास के खेट में काम करने वाली महिलाओं को भी
01:44ये नहीं पता कि यहां खड़ी मूर्तिया किसकी है
01:47इसके उलट गाओं के प्रवेश दुआर पर बना कारगिल वार मेमोरियन हर किसी की नजर में है
01:53युआ यहां सेल्फी लेने आते हैं और इसे देश भक्ती के प्रतीक के तौर पर देखते हैं
01:59ये इसमार धीरे धीरे नई पीड़ी की स्मृति का केंद्र बनता जा रहा है
02:0387 साल की शान्ती मुंडा आज भी उस दौर को याद करती हैं
02:08जब नकसल बाड़ी में वाम आंदोलन्चरम पर था
02:11उनका मानना है कि सश़ष्ट्र संगर्ष एक गल्ती थी
02:37लेकिन उन्हें अब भी भरोसा है कि वाम आंदोलन एक दिन लोटेगा
02:41कानु सान्याल की बांस की जोपड़े जो अब एक पुस्तकाल्य है
02:46आज भी नकसल बाड़ी के इत्यास की गवाही देती है
02:49इसे परियाटन इस्थल बनाने की योजना पर इस्थाने लोगों में नराजगी भी है
02:54नकसल बाड़ी आज दो इस्मत्यों के बीच खड़ा है
03:00एक और नकसल वाद का ती
03:01दूसरी और रास्ट वाद का नया प्रती
03:04दोजाट 26 के चुनाओं में गाओं एक बार फिर पश्यम मंगाल के राजनीती की दिशा तै करता दिखेगा
03:09पश्यम मंगाल के नकसल बाड़ी से ETV भारत की रिपूर
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