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  • 5 months ago
नमस्कार दोस्तों 🙏
इस वीडियो में हम जानेंगे धनु संक्रांति 2025 से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

धनु संक्रांति हिंदू पंचांग की एक अत्यंत पवित्र संक्रांति मानी जाती है, इसी दिन से खरमास की शुरुआत होती है। यह काल दान, जप, तप, संयम और आत्मशुद्धि के लिए विशेष फलदायी माना गया है।

📌 इस वीडियो में आप जानेंगे:

धनु संक्रांति 2025 की दिनांक और शुभ समय

संक्रांति का पुण्य काल और महापुण्य काल

धनु संक्रांति फलम् 2025

खरमास क्या है और इसकी प्रसिद्ध धार्मिक कथा

धनु संक्रांति की सही पूजा विधि

कौन-कौन से दान करने से विशेष पुण्य मिलता है

खरमास में क्या न करें – 5 महत्वपूर्ण नियम

📅 धनु संक्रांति 2025 की दिनांक:
मंगलवार, 16 दिसंबर 2025

यदि आप पंचांग, संक्रांति, सूर्य उपासना और धार्मिक नियमों में रुचि रखते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए बहुत उपयोगी है।

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🌞 सूर्य देव और भगवान विष्णु आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।

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Transcript
00:00नमस्कार दोस्तों! आशा करती हूँ, आप सभी कुशल मंगल होंगे और सूर्य नारायन की कृपा आप पर बनी रहे. हिंदू पंचांग में 12 संक्रांतियां होती हैं और इन में से सबसे पवित्र मानी जाती है धनू संक्रांती.
00:16यह सूर्य देव का अपने गुरु ब्रहस्पती की राशी धनू में दिव्य प्रवेश है, जो खर्मास की शुरुआत करता है. यह समय केवल पूजापाट का नहीं, बलकि आध्यात में कनुशासन, आत्मशुधी और दान का महाकाल है. आज के इस विडियो में हम जानेंगे.
00:46और इसके पीछे की प्रसिद कथा क्या है. पूजा की सही विधी, दान और पांच काम जो आपको इस दौरान बिलकुल नहीं करने चाहिए. तो इस पवित्र महीने का संपूर्ण लाब उठाने के लिए विडियो को अंत तक जरूर देखिए. धनू संक्रान्ती क्या है और �
01:16प्रवेश करते हैं. जब सूर्य देव धनू राशी में प्रवेश करते हैं, तो उसे धनू संक्रान्ती कहा जाता है? यह संक्रान्ती धनू मास की शुरुआत करती है, जो आध्यात्मिक साधना, सन्यम, दान और सूर्य उपासना का श्रेष्ट समय माना जाता है. अब नोट
01:46संक्रान्ती का अक्षन यह रात्री दो बचकर 27 मिनट बजे होगा
01:53इस दिन स्नान दान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेश समय है
01:58पुन्यकाल यह सूरियोदै सुबह 6 बचकर 54 मिनट से लेकर दोपहर 12 बचकर 30 मिनट बजे तक रहेगा
02:06और सबसे श्रेश्ट समय महापुन्यकाल यह सुबह 7 बचकर 6 मिनट बजे से सुबह 8 बचकर 50 मिनट बजे तक रहेगा
02:16धार्मिक कार्य, दान और पूजा महापुन्यकाल में करना सबसे श्रेश्ट माना जाता है
02:22धनु संक्रान्ती फलम 2025, पंचांग की भविश्यवानियों के अनुसार, इस वर्ष यह संक्रान्ती कुछ मिलाजुला फल देगी
02:32अनाज के भंडार में व्रिद्धी होगी, पर साथ ही वस्तूओं की कीमतों में भी बड़ोतरी हो सकती है
02:39लोगों को स्वास्थ्य लाब मिलेगा और राश्ट्रों के बीच संबंध मधुर होंगे
02:44शास्त्रों में कहा गया है कि यह संक्रान्ती सन्यम और धैर्य की परीक्षा लेती है, लेकिन परिश्रमी लोगों को इससे विशेश लाब सिद्ध होगा
02:54खर्मास, कथा और महत्व
02:57धनु संक्रान्ती के साथ ही खर्मास की शुरुवात हो जाती है
03:02यह अवधी धनु संक्रान्ती से मकर संक्रान्ती तक अर्थात लगभग एक महीने तक रहती है
03:08जोतिश के अनुसार इस समय सूर्य देव की उर्जा कुछ कम हो जाती है और गुरु ग्रह का प्रभाव भी कमजोर होता है
03:17इसी लिए खर्मास के दौरान विवा, सगाई, ग्रह प्रवेश, मुंडन, नामकरण या कोई भी ऐसा उत्सव जो घर में खुशी और सम्रिध्धी लाए नहीं किया जाता
03:29लेकिन यह समय दान, जब, तब, पूजा और पित्री तरपन के लिए अत्यंत पुन्यकारी माना जाता है
03:37खर्मास की प्रसिद कथा धार्मिक कथाओं के अनुसार, सूर्य देव का रत साथ शक्तिशाली घोडों द्वारा खीचा जाता है, जो गती और कर्म के प्रतीक है
03:59रत को अस्थाई रूप से गदो मतलब खर द्वारा खीचा जाता है, गदो के धीमी गती के कारण सूर्य की गती भी धीमी और सन्यमित मानी जाती है, इसी कारण इस अवधी को खर्मास कहा जाता है
04:13यह कथा हमें सिखाती है कि यह समय दोड़ भाग का नहीं, बलकि रुकर आत्मचिंतन, साधना और सन्यम का है
04:22धनु संक्रांती पर सरल पूजा विधी से आप भगवान, सूर्य और विष्णों का आशिरवात प्राप्त कर सकते हैं
04:32प्राताकाल ब्रहमा मुहूर्त में स्नान करें और स्वच, हलके पीले वस्त्र धारन करें
04:39तामबे के पात्र में जल लें, उसमें लाल फूल, अक्षत और थोड़ा गुड मिलाएं
04:45उक्ते सूर्य को अर्ग्य दें और इस मंत्र का जाप करें
04:50सूर्य देव और भगवान विश्णू की पूजा करें
04:56दीपक और अगर बत्ती जलाए
04:59विश्णू सहस्र नाम या आदित्य हरिदय स्तोत्रम का पाठ करें
05:04संध्या समय तुलसी के पौधे के पास घी का दिया अवश्य करें
05:09इस पावन काल में दान का विशेश महत्व है
05:13खास कर पुन्यकाल में
05:15इन वस्तों का दान अवश्य करें
05:17तिल और गुड
05:19चावल या पोहा
05:21गी उनी वस्तर या कंबल
05:24गौ सेवा और ब्रामन भोज कराना अत्यंत शुब माना गया है
05:29ओडिशा में विशेश रूप से धनू मुआन का दान किया जाता है
05:34खरमास में क्या न करें
05:37धार्मिक मान्यताओं के अनुसार
05:39खरमास के दौरान इन पाँच कार्यों से बचना चाहिए
05:43ताकि नकारात्मक फल न मिले
05:45मांगलेक कार्य, विवा, सगाई और ग्रिह प्रवेश जैसे
05:50कोई भी नया मांगलेक अनुष्ठान न करें
05:53संसकार, बच्चों का मुंडन और जनेव संसकार न करवाएं
05:58नया व्यापार या निवेश, कोई भी नया व्यवसाय शुरू करने
06:03या बड़ी संपत्ती, घर वाहन खरीदने से बचें
06:06इस दौरान शराब और मासाहारी भोजन का सेवन बिलकुल न करें
06:11सात्विक भोजन ही ग्रहन करें
06:15मन में क्रोध, आलस्य और नकारात्मकता न लाएं
06:19वानी और व्यवार में सन्यम रखें
06:23याद रखें, यह समय योजना बनाने का है
06:26न कि नए कार्य शुरू करने का
06:28तो दोस्तों, धनु संक्रान्ती और खर्मास आत्मशुद्धी
06:33दान और भक्ती का पावन काल है
06:35यदि इस अवधी में श्रद्धा, सन्यम और नियम से
06:39सूर्य देव और भग्वान विष्णों की उपासना की जाए
06:43तो आपके जीवन में निश्चित रूप से शान्ती, स्वास्थ्य और सकारात्मक उर्जा का संचार होगा
06:49इस 16 दिसंबर 2025 को इन नियमों का पालन करें
06:55और अपने जीवन को सफल बनाएं
06:57अगर आपको यह विस्तरित जानकारी अच्छी लगी हो तो विडियो को लाइक करें
07:02ऐसे ही ज्यानवर्धक विडियो के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें
07:06और इस महत्वपून जानकारी को दूसरों तक शेर करना न भूलें
07:10आप सभी पर सूर्य देव और भगवान विष्णों की क्रिपा बनी रहे
07:15नमस्कार
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