00:00व्रिश्चिक संक्रान्ती 2025 तिथी, मुहुर्द, पूजाविधी और बारह राशियों पर प्रभाव
00:07नमस्कार दोस्तों
00:09स्वागत है आपका हमारे चैनल पर
00:12आज हम बात करने वाले हैं व्रिश्चिक संक्रान्ती 2025 के बारे में
00:18इस प्रस्तुती में आप जानेंगे व्रिश्चिक संक्रान्ती क्या है, इसे क्यों मनाया जाता है, इसका धार्मिक महत्व क्या है, इस दिन सूर्य देव के राशी परिवर्तन से आपकी जिन्दगी पर क्या प्रभाव पड़ेगा, कौन से उपाय और पूजाविधी करनी चा
00:48व्रिश्चिक संक्रान्ती क्या है, जियोतिश शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य एक राशी से निकल कर दूसरी राशी में प्रवेश करते हैं, तो उस दिन को संक्रान्ती कहा जाता है, नवंबर महीने में जब सूर्य तुला राशी से निकल कर व्रिश्चिक राशी में प
01:18आत्मविश्वास और सकारात्मक परिवर्तन लेकर आता है।
01:23व्रिष्चिक संक्रांती दो हजार पचीस शुब मुहूर्द।
01:28पंचांग के अनुसार 16 नवंबर दो हजार पचीस रविवार को सूर्य देव तुला राशी से निकल कर व्रिष्चिक राशी में प्रवेश करेंगे।
01:38सूर्य का यह राशी परिवर्तन ही व्रिष्चिक संक्रांती कहलाता है।
01:43इस दिन स्नान, दान और पूजा पाठ के लिए दो विशेश समय अत्यंत शुब माने जाते हैं।
01:49पुनेकाल और महापुनेकाल
01:50संक्रांती का मुख्यक्षन दो पहर के पौने दो बजे सबसे पवित्र और फलदाई माना जाता है।
02:16इसी क्षन के आसपास दानपुन्य करना विशेश रूप से उत्तम होता है।
02:22धार्मिक महत्व और पूजा विधी
02:24व्रिष्चिक संक्रांती के दिन सूर्य देव की आराधना करने से कई शुबफल प्राप्थ होते हैं।
02:31घर में सुक्सम्रिद्धी बढ़ती है।
02:34जीवन की बाधाय दूर होती हैं।
02:37करियर में प्रग्ती मिलती है।
02:40पित्रों का आशीरवात प्राप्थ होता है।
02:43कहा जाता है कि संक्रांती के दिन किये गए शुब कर्मों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।
02:49पूजन विधी
02:50सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर ही जल में गंगा जल मिलाकर स्नान करें।
02:57स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें, अर्ग्य दें।
03:02अर्ग्य देते समय ओम घ्रिणय सूर्याय नमा मंत्र का जाप करें।
03:07गुड, गेहू, तिल, मसूर दाल या लाल वस्त्र का दान करें।
03:13सूर्य के सामने दीपक जलाएं और आदित्य हरिदय स्तोत्र का पाठ करें।
03:19व्रिष्चिक संक्रान्ती की रात के विशेश उपाय।
03:22सूर्यास के बाद ये उपाय करने से धन और पित्रों का आशिरवाद मिलता है।
03:28घर के पूजा स्थान या तुलसी के पौधे के पास दिल के तेल का एक दीपक जलाएं।
03:34एक दीपक पीपल के पेड के नीचे भी रखें।
03:38स्नान के बाद लाल वस्त्र पहनें।
03:41मा लक्ष्मी के सामने बैठ कर श्री सुक्त का पाठ करें।
03:46तांबे के लोटे में गंगा जल भरकर रखें और अगले दिन इस जल को पूरे घर में छिड़के।
03:52व्रिश्चिक संक्रांती के सामान्य प्रभाव।
03:56सूर्य के इस राशी परिवर्तन से सभी के जीवन में कुछ सामान्य बदलाव आते हैं।
04:02सकारात्मक उर्जा में व्रिद्धी, सूर्य का यह गोचर आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा, उर्जा देगा और जीवन में नए अवसर खोलेगा।
04:11करियर और बिजनेस में प्रगती, नए निवेश और व्यापार विस्तार के लिए समय शुब है।
04:18आपके रुके हुए काम दोबारा गती पकड़ेंगे।
04:22नेत्रित्वक्षमता में व्रिद्धी, जिन लोगों का काम मैनेजमेंट, गाइडेंस या टीम लीडिंग से जुड़ा है, उन्हें विशेश लाब मिलेगा।
04:31व्रिश्चिक संक्रांती दो हजार पचीस बार राशियों पर प्रभाव।
04:36यह संक्रांती बार राशियों के जीवन पर क्या असर डालेगी।
04:41जानिये किसे मिलेगा शुब फल और किसे बरतनी होगी सावधानी।
04:46सबसे शुब राशिया मेश, करक, कन्या, व्रिश्चिक, कुम्ब।
04:52जिन्हें थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है तुला, धनू, मीन।
04:58क्या करें और क्या न करें।
05:00क्या करें।
05:02पवित्र स्नान करें।
05:04सूर्य को अर्ग्यदे और आदित्य हृदाय स्तोत्र का पाठ करें।
05:09अपनी क्षमतानुसार दानपुन्य करें।
05:12पित्रों के निमित तरपन करें।
05:15क्या न करें।
05:17एहंकार न करें।
05:20क्रोध्या जल्दबाजी से बचें।
05:23किसी का अपमान न करें।
05:25या कटू वचन न बोलें।
05:27तामसिक भोजन, मा समदिरा का सेवन न करें।
05:31तो दोस्तों, यह थी व्रिष्चिक संक्रांती
05:352025 की पूरी जानकारी इसका महत्व,
05:39पूजाविधी, उपाय और आपके जीवन पर पढ़ने वाले प्रभाव।
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05:58हम फिर मिलेंगे एक नई जानकारी के साथ।
06:02जय सूर्य देव।
06:03करें।
06:05झाल
06:08करें।
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