00:00जैसल मेर के वीरान गाव कुलधारा में एक मंदिर है जहां प्रवेश करते ही हवा ठंडी हो जाती है
00:07कहते हैं 200 साल पहले वहां एक पुजारी देवराम उम्र 40 वर्ष ने आत्मा पूजा की थी
00:14जब गाव के लोग पलायन कर गए वो अकेले यही रह गया
00:19आज भी रात में उसकी घंटी बचती है ठीक तीन बजे एक बार 24 साल का रोहित ड्रोन लेकर वहा गया
00:27ड्रोन फुटेज में देखा मंदिर के सामने एक परच्छाई आरती कर रही थी
00:32जब वो पास पहुचा घंटी अपने आप बची अब वहां हर तीसरी रात नया नाम लिखा मिलता है
00:40मंदिर की दीवार पर जैसे आत्माई गिंती रख रही हो
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