00:00शिलंका में भारती सेना की आउपरेशन पवन के शहीदों को तीन प्रशक बाद मंगलवार को पहली बार सेना ने आधिकारिक तोर पर श्रद्धान जिली दी।
00:30शामंत्री राजनास सिंग ने ऑपरेशन पवन के परमवीर चक्रविजेता मेजर आर परमेश्वरन को श्रद्धान जिली दी।
01:00शामंत्री दीवस तो खूब सुना होगा पर कभी आपने आपरेशन पवन सुना है क्या शायद आपका जवाब नामे होगा।
01:06इस ऑपरेशन का अंदारा इस बात से लगाया जत्ता है कि 1171 जवान इस ऑपरेशन में शहीद हुए और करीब 3500 से ज़्यादा जवान खायल हुए थे।
01:15लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी इस ऑपरेशन में शहीद हुए जवानों को आपचारिक संधाजी नहीं दी गई।
01:22अब आया को बदाते हैं कि आखिर ये ऑपरेशन था क्या।
01:251987 में राजी युगाई सरकार ने स्री लंका में तमिर और सिंगला समुदाय के बीच चल रहे ग्रह उद्ध को खत्म करने के लिए भारतिये शांती सेना भीजी।
01:37इसका मकसद लिट्टे यानि LTTE ये तमिर उगरबादी संगुद्टनों को हतियार डलवाना और शांती अस्थापित करना।
01:44लेकिन लिट्टे ने समझोते को तोड़ दिया और भारतिये सेना से ही भीड़ गया।
01:48टूबर 1987 से मार्च 1990 तक चलिए इस अभियान को ही ऑपरेशन पवन कहा गया।
01:53जंगलों जहाडियों में छिपे लिट्टे के साथ लाई इतनी भयानक थी कि कई जवानों ने तो अपने साथियों की लासे तक नहीं लापाए।
02:01सबसे बड़ा नाम परमवीर चक्रवजेता मेजर राधा स्वामी परमेश्वरन का है जो 25 नॉवंबर 1987 को शहीद हुए थे।
02:09अभी तक इसका कोई आधिकारिक्स भी दिवास नहीं मनायाता है।
02:11हर साल कुछ पूरु सैनिक शहीदों की विध्वाएं और परिजन चुपचा पसमारक पर इखटा होकर सुद्धानी देते रहे।
02:18लेकिन सरकारी अस्तर पर कुछ नहीं होदा था।
02:20लेकिन इस बार पहली बार सेना प्रमुग जनरल उपेंद दिवेदिय और उप सेना प्रमुग लेफ्टनेंट जनरल पुषपेंद्र सिंख खुद पुषपशक्र चाहती हुए इन विरों को याद किया।
02:29इसमों के पर आप्रेशन पौवन के कई पूर सेनिक और सहीदों के परजन मौझूद रहे।
02:34फिराकर बस अतना ही बाकी अप्डेट लेवने रहे है वन इंडिया हैंदी के साथ।
02:59जया हैंदी के साथ।
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