00:00हिंदू धर्म में विवाह को सर्फ दो लोगों का नहीं बलकि दो परिवारों के मिलन के रूप में माना जाता है
00:08जो हर किसी के जीवन का सबसे खास और यादकार रशन होता है
00:12इस शुबकारी के शुर्वास में देवताओं को आमंतरत करने से की जाती है
00:16शादी का कायड बनवाते समय भी कुछ नियमों का पालन करना बेहत जरूरी है
00:21यदि नियमों का पालन ना किया जाये तो उसका नकारात्मक असर जीवन पर दिखता है
00:26दरसल विवहा निमंत्रा पत्र यानी वेडिंग काड बनवाते वक्त वास्तु नियमों का ध्यान रखना बेहत जरूरी है
00:33आजकल कई लोग काड को आकरशव बनाने के लिए उस पर दुलहा दुलहन की तस्वीर लगवाते हैं
00:39लेकिन वास्तु शास्त्र के नुसार ये शुब नहीं है
00:41ऐसा करने से नजर दोश का प्रभाव बढ़ सकता है
00:44साथी वेवाहिक जीवन में अंजानी में तनाव या मतभेव की स्थिती बढ़ती है
00:50अकसर लोग सोचते हैं कि काड़ पर भगवान गनीश की छवी छपवाने से शादी में कोई रुकावट नहीं आएगी
00:56जबकि वास्तु के नुसार ये भी सही नहीं है
00:59क्योंकि विवाह के द्वाद अधिकतर काड़ फेक दिये जाते हैं या कहीं रख दिये जाते हैं
01:04जैसे गनीश जी की छवी का अपमान होता है
01:06इसलिए काड़ पर तस्वीर की बजाए आप श्री गनेश आयनमा शुब विवाह या शुब मंगलम जैसे मंगल वाग के लिख सकते हैं
01:14वास्तो शास्त्र के अनुसार विवाह निमंत्र अपत्र का रंग सकारात्म कूर्जा देने वाला होना चाहें
01:20जैसे लाल, पीला, के सरिया या सफेद रंग के काड़ को शुब मानते हैं
01:25क्योंकि ये रंग प्रेम, सवखार्द और सवभागे का प्रतीति है
01:28काड़ पर शुबता के लिए गणेश मंत्र अवश्नों मंत्र अवश्य लेखवाएं
01:32जैसे मंगलम भगवान अवश्नों, मंगलम गर्मगधजा, मंगलम पुंडरी काक्षो, मंगलायर, तनोहरी
01:39विवाह निमंत्रन पत्र में कुछ जानकारी अवश्य होनी चाही
01:43जैसे गणेश या माता पूजन का समय, हल्दी, महंदी, मंडप और फेरे की तिथी, प्रिती भूज या रेसेप्षन का स्थान और समय, वर्वधू और उनके माता पता का नाम
02:13झाल झाल
02:43झाल झाल
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