00:00मुंबई की एक कॉलोनी में एक पुराना टेलेफोन बूद था, जो सालों से बंद पड़ा था, 35 साल का एक शक्स रात में वहां से गुजर रहा था, तभी अचानक फोन बजने लगा, पहले उसने नजर अंदास किया, पर घंटी लगातार बजती रही, उसने डरते डरते रि
00:30घबरा कर रिसीवर रख दिया, लेकिन बूद की सारी मशीने अपने आप चालू हो गए, हजारों आवाजे एक साथ चिलाने लगी, उसने बाहर भागने की कोशिश की, पर बूद का दर्वाजा बंद हो गया, सुबह लोग वहां पहुँचे तो बूद अंदर से बंद था
Comments