00:00सवाल ये है, हमारी अल्रेडी 160 प्लक्स बुक्स है, आपने 160 कितावे लिखी हुई है, फिर क्या कारण है कि आपने समय निकाले ये किताब लिखी, क्यों ज़रूरी है सबको कि ये किताब पढ़ें?
00:12ये लिखी गई है टेड़े लोगों के लिए, जो भागने में ज्यादा दिर्चस्पी रखते हैं, तो ये उनको पकड़ कर बांधने के लिए है कि खोलोगे, जहां ही खोलोगे, जिस भी वाके को पढ़ोगे, वही वाके तुमको पकड़ लेगा, इसमें बात को एक ब्रिवि
00:42और श्लोक से भी संक्षिप्त होते हैं सूत्र, और सूत्रों से भी संक्षिप्त कई बार होते हैं मंत्र, मंत्र एक शब्द का भी हो सकता है, और सबसे संक्षिप्त होता है ओम, पर क्या है, अक्षर है बस, अक्षर, क्यों करना पड़ा ये सब, क्यों कि आप लोग बहुत �
01:12हमारी अल्रेडी 160 फ्लक्स बुक्स है, आपने 160 किताबे लिखी हुई है, फिर क्या कारण है कि आपने समय निकाल लिए ये किताब लिखी, ये अभी हर कहीं में चल रही है, Amazon पे, Twitter पे और बाकी सारी जगह है, तो क्यों जरूरी है सबको कि ये किताब पढ़ें?
01:31ये को वही रील्स का जमाना है, आप लोग सब अटेंशन टेपसिट वाले लोग हो, तो बिल्कुल ठीक कह रहे हूं, आप इसमें कुछ भी ऐसा नया नहीं है, जो पुरानी किताबों में नहीं हो,
02:01लेकिन उसको और ज़्यादा रभावी तरीके से लिखा गया है, बाकी किताबों में बात बिल्कुल शुद्ध है, साफ है,
02:18इसमें बात को एक ग्रिविटी और इंटेंसिटी दी गई है,
02:33संक्षिप्त करा गया है, और सघन करा गया है, इवर करा गया है,
02:43तो वही बात जो आप दूसरी जगह सुनते हो या दूसरी किताबों में पढ़ते हो,
02:51तो बस वो बोचार जैसी लगती है, वो इसमें इतनी ज्यादा डेंसली पैक्ड है,
02:58कि इसमें वो मशीन गन की गोली की तरह लगेगी, मैं बहुत बार लंबे वाक्यों में बात करता हूँ,
03:06क्योंकि विचार का प्रवाव ऐसा ही होता है, कि एक बात शुरू यह कई बार वो लंबी जाती है,
03:11इसमें जो चीजें हैं वो स्टोकेटो हैं, मतलब जुन्होंने पढ़ ली होगी उन्होंने देखा होगा कि सिंटेंसेज छुटे हैं,
03:23वो इसी लिए हैं ताकि वो जल्दी से अपना काम करके निकल जाए और आपको चतुराई का मौका न मिले,
03:30इससे पहले कि आप बच सको, इससे पहले कि आप पन्ना पलड कर भाग सको, एक वाक्य भी अपना काम कर जाए।
03:40मैंने कई बार बोलाए कि इस किताब में आप कहीं से भी शुरू करोगे तो पढ़ सकते हो, वो आधी बात है।
03:47पूरी बात यह है कि इसमें किसी भी पन्ने के बीच से भी शुरू करोगे तो भी काम हो जाएगा। इसलिए इसमें समय लगा।
03:56दो-तीन महीने गोवा में बैठ करके लगभग पूरे दिन बाकी सत्र तो चलते ही रहते थे और जो एड्मिनिस्ट्रेटिव काम है वो भी चलता था।
04:05पर कई घंटे इसको दिये यही करने में।
04:09तो सच्चाई तो इसमें भी उतनी ही हैं जितनी बागी किताबों में हैं। और जो आदनी थोड़ा साफ सुतरा हो निर्मल हो उसके लिए जो दूसरी किताबे हैं वो बराबर की उपियोगी हैं।
04:21यह लिखी गई है टेड़े लोगों के लिए। जो भागने में ज्यादा दिल्चस्पी रखते हैं। तो यह उनको पकड़ कर बांधने के लिए हैं कि खोलोगे, जहां ही खोलोगे, जिस भी वाके को पढ़ोगे, वही वाके तुमको पकड़ लेगा।
04:37तो इसमें एक खास तरीके का आर्किटेक्चरल ट्रैप है। इसका शिल्प जो है, वह फसाने के लिए है। तो इसलिए इसमें समय लगा। और शायद इसलिए लोग इसको ज्यादा पढ़ भी रहे हैं, पसंद भी कर रहे हैं।
05:00है ना। और ऐसा भी नहीं है वैसे कि आज ही जमाना ज्यादा खराब हो गया है। आप लोगोंने कभी सोचा है कि दोहे क्यों होते हैं।
05:20तो इसलिए होते हैं कि तुम भाग पाओ इससे पहले यो खत्म हो जाए। और पूरी साखी भी नहीं चाहिए होती। कई बार आधी साखी माने दोहे की एक पांत भी परयाप्त होती है।
05:32अधी साखी वो भी परयाप्त होती है। हरी मरे तो हम मरे हमरी मरे बलाए। ये बात अपने आप में पूरी है। दोहा पूरा नहीं हो अपर बात पूरी है।
05:42तो लोग कुछ-कुछ ऐसे ही सदा से थे, वो लंबी चोड़ी बात सुनने को तयार नहीं होते थे, हर को यही कहता था, हमें हमारा काम करना है, हमें जाने दो, हम ग्रहस्त हैं, हमें सो बंधन है, हमें यह निप्टाना है, तो कहने वाले कहते थे, अच्छे तुम जा रहे हो,
06:12दोहा तो फिर भी बड़ा होता है, श्लोक, और श्लोक से भी संक्षिप्ट होते हैं, सूत्र, और सूत्रों से भी संक्षिप्ट कई बार होते हैं, मंत्र, मंत्र एक शब्द का भी हो सकता है, और सबसे संक्षिप्ट होता है, ओम, वहाँ पर क्या है, अक्षर है बस, अक्ष
06:42ये सब, क्योंकि आप लोग बहुत व्यस्त लोग हो, आप ज्यादा लंबी चोड़ी बात सुनोगे नहीं, तो बड़ी से बड़ी बात को ओम में समेट कर आपको कह दिया गया, बड़ी सी बड़ी बात आपको छोटे से सूत्रम बोल दी गई, दोहे में बोल दी गई, ये उ�
07:12झाल झाल
Comments