00:00ुपासना के महापर्व छटका सबसे जरूरी प्रसाद छेकवा है
00:10जिसे महाप्रसाद भी कहा जाता है
00:12भगवान सूर्य को अर्ग देने के लिए सूप में ठेकवा
00:16तरह तरह के मौसमी फल और मिठायां रखी जाती है
00:19ठेकवा को घर में ही घी, गुड, आटा और औशधियों से बड़ी पवित्रताग से तयार किया जाता है
00:26इजी विभारत की टीम राची के एक परिवार में पहुँची जहां छट के लिए ठेकवा महाप्रसाद तयार हो रहा है
00:33ठेकवा बनाने के लिए सबसे पहले आटा तयार किया जाता है और फिर चक्की में पीसा जाता है
01:02तयार आटे में घी मिलाया जाता है फिर दूसरी और गुड में पानी मिलाकर उसे आटे में थोड़ा थोड़ा कर डाला जाता है
01:10उसमें सौफ, नारियल, आदी भी मिलाया जाते है
01:13Thikwa ke aathe ko gonthnye ki rauraht nahi hooti hai.
01:17Bas usse acchi tarha milaya jata hai.
01:19Achi tarha miliyarao ayate ko satchi me dhal kal kar aakar diya jata hai.
01:24Aakhir mein usse ghi me frai kiya jata hai.
01:26Isme kooy kattinai nahi hooti.
01:28Kocu kattin nahi hai.
01:29Aga kapkoosiz kahti hain hei katsi hain.
01:31Acha lage.
01:32Plata hii ne guleta hai kiya se raha hai.
01:34Sab chatti mojya qripa hai.
01:36Maha prasad Thikwa banane mi kaafi mehnat lagtati hai.
01:39घर के सभी लोग मिलकर पूरी पवित्रता, शर्धा और भक्ती के साथ महा प्रसाद तयार करते हैं।
01:46दाले में प्रसाद लेकर छटगार जाते हैं।
01:48छटवरती भगवान भासकर को डूपते और फिर उपते सूरी को अर्ग देते हैं।
01:53ETV भारत के लिए राची से भुवन किशोर जा की रिपोर्ट।
Comments