00:00गहरे नीले रंग के पानी में अपना रंग विखेरते ये हैं विदेशी महमार
00:08जो हजारों मील की दूरी तैकर, मदेश्या, साइबेरिया और हिमालियन रीजन से सर्दी काटने के लिए अपने पसंदिदा ठीकाना ओडिशा के चल्चा जील पहुँचे हैं
00:21इस टेन ग्रेट एग्रेट और परपल हैरों अपने शिकार की तलाश में घात लगाए हुए हैं
00:29तो ब्लैक टेल्ट गोडविट सधे कदमों से आगे बढ़ रहा है
00:33यह देखिए ग्रेट एग्रेट ने तो बाजी मार ली जैसे ही उसे शिकार मिला उसे चोंच में दबा कर ले भागा
00:41यहां फ्लेमिंगों का जुन पानी में अपने भोजन की तलाश कर रहा है
00:45तभी अचानक ऐसा क्या हुआ सभी पक्षी जोर-जोर से शोर मचाते हुए भागने लगे
00:52हर तरफ अफरत तफरी मच गए
00:54इनका आना, इनका जाना, इनका उड़ना, इनका शिकार करना सब कुछ मन को मोहने वाला है
01:03अगले तीन से चार महिनों तक ये रंग बिरंगे विदेशी महमान
01:08ओडिशा में मौजूद एशिया की खारे पानी की सबसे बड़ी जील की सुन्दरता बढ़ाते रहेंगे
01:14हजारों किलोमेटर की दूरी तैकर ये पक्षी हर साल नलवर्ण बढ़ सेंचुरी आते हैं
01:3369 विदेशी पक्षी आये थे जबकि साल 2023 में आकड़ा 11,31,929 का था
01:42इन विदेशी पक्षों के सुरक्षा के लिए वन विभाग ने चिलिका के आसपास 21 पक्षी शिविर बनाए हैं
01:51दिसंबर के अंधर तक विदेशी पक्षों के गिंती की जाएगी
01:55इस कारण से इनकी सुरक्षा का काफी ध्यान रखा जा रहा है
01:59सुरक्षा को देखते हुए यहां मोटर वोट बंध है
02:03शिकारियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है
02:06ETV भारत के लिए ओडिशा के चिलिका से विकास कुमार दास की रिपोर्ट
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