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  • 3 months ago
जम्मू के सीमावर्ती गांव पल्ली के एक छोटे से कमरे में ये महिलाएं मिट्टी के दीये बनाने में व्यस्त हैं जिन्हें दिवाली के लिए बाजारों में बेचा जाएगा. ये महिलाएं एक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और हर साल दीवाली से पहले ये मिट्टी के दीये बनाने का काम करती हैं. कारीगरों का कहना है कि इस गांव में बनाए गए उत्पादों की जम्मू के बाजारों में काफी मांग है. स्वयं सहायता समूह की एक सदस्य दिवाली पर मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा के बारे में बताती हैं. रोशनी का त्योहार कही जाने वाली दिवाली देशभर में 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी.

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00:00जम्बू के सीमावर्ती गाउं पल्ली के एक छोटे से कमरे में ये महिलाएं मिट्टी के दिये बनाने में व्यस्त हैं, जिनें दिवाली के लिए बाजारों में बेचा जाएगा।
00:15ये महिलाएं एक स्वेम सहायता समू से जुड़ी हैं और हर साल दिवाली से पहले ये मिट्टी के दिये बनाने का काम करती हैं।
00:45कारीगरों का कहना है कि इस गाउं में बनाए गए उत्पादों की जम्मू के बाजारों में काफी मांग है।
01:15स्वेम सहायता समू की एक सबस से दिवाली पर मिट्टी के दिये जलाने की परमपरा के बारे में बताती हैं।
01:31This is our self-help community.
02:01and this is the end of the day.
02:03This is the end of the day of the day.
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