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  • 4 months ago
बिहार की बहुत सी चीजें आपने खाई होंगी, क्या आपने गया का 2 किलो का रसगुल्ला, जिसे गलफाड़ रसगुल्ला भी कहते हैं, खाया है क्या ? नहीं खाया तो आपको टेकारी विधानसभा का पंचानपुर बाजार में पंडित जी की दुकान पर आना पड़ेगा. आप सोच रहे होंगे हम इस चुनावी मौसम में रसगुल्ले की बात क्यों कर रहे हैं तो इसकी खास वजह है, ये रसगु्ल्ला लगभग 60 साल से चुनावी हार जीत का गवाह बनता आ रहा है, इसका स्वाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर कई मुख्यमंत्री, दिग्गज नेता तक ले चुके हैं. इस मिठाई की दुकान पर चुनावी चर्चा भी चरम पर पहुंच जाती है. लोग यहां चुनावी मु्द्दों से लेकर इलाके के विकास तक पर गरमा गरम बहस करते हैं. 

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00:00बिहार में चुनाव की तारिकों का एलान हो चुका है और गया के पाचनपुर के पंडित जी के रजगुलों की चर्चा न हो ये बेईमानी है यहाँ दो किलो तक का रजगुला बनता है और एक रजगुले की कीमत 600 रुपे है खास बात यह है कि पिछले 60 सालों से चुनाव मे
00:30चुनावी मौसम और इस रजगुले की दुकान पर सियासी बात न हो ऐसा कैसे हो सकता है क्या है इस बार के चुनावी बुद्धे इस पर लोगों ने खुल कर राय रखी
00:48इस दुकान पर एक शक्स ऐसे मिले जिन्हों ने जाड़ रहा है जितना काम है यहां तो चल रहा है
01:08जाके आप पंचायत लेवल पर घुरिये भर्मन कीजिए कोई भी विकास नाम के चीज़ नहीं है सर।
01:15इस दुकान पर एक शक्स ऐसे मिले जिन्हों ने जाती को चुनाव की सच्चाई बताई
01:20इस चुनावी चर्चा में एक वक्त ऐसा भी आया जब माहौल कुछ गर्म भी हो गया
01:37हम रसगुला खाने आये हैं तो इस रसगुला को हम खाकर देखते हैं कि इस पंडी जी के रसगुले में क्या खास बात है
01:51तो आप देखिए बहुत ही सौफ है बहुत ही सौफ है चमत से कट जाएगा आप देखिए देखिए और बहुत ही महंगा नहीं होता है जब भी आप इस रासे से गुजरें तो यहां जरूर रुख सकते हैं और यहां के हालात की जानकारी भी ले सकते हैं क्योंकि यहां
02:11Thank you very much.
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