00:00राजस्थान के एक छोटे से गाव में एक हवेली थी। लोग उसे शापित हवेली कहते थे। कहते हैं सालों पहले एक तांत्रिक ने आधी रात को महायग्य शुरू किया था, मगर उसकी मौत हो गई और यग्य अधूरा रह गया।
00:18शहर से चार दोस्त वहां देर रात घूमने आएं।
00:48शायद हमें यहां नहीं आना चाहिए था।
01:16और यह किताब है।
01:17तंत्र मंत्र की लगती हैं। बाबा सही कह रहे थे।
01:25कुछ, कुछ ठीक नहीं लग रहा।
01:31जैसे ही आधी रात हुई।
01:33यग्य कुंड अपने आप जल उठा।
01:35मंत्रों की गूंज दीवारों से टकराने लगी।
01:39यह, यह बही अधूरा यग्य है।
01:41चलो, चलो यहां से भागते हैं।
01:47अचानक एक काला साया उनके बीच प्रकट हुआ।
01:57उसकी आखें अंगारों की तरह जल रही थी।
02:01जिससे शुरू किया था, उसे पूरा करना होगा।
02:06तुम्हारा रक्त ही आहुती बनेगा।
02:09सुबह गाव वाले जब हवेली पहुँचे, तो सब कुछ शान्त था।
02:15लेकिन यग्यकुण में चार नई राक्ते परते जमी थी।
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