Shardiya Navratri 2025: नवरात्र (Shardiya Navratri 2025) की अवधि में अष्टमी और नवमी तिथि को विशेष महत्व दिया जाता है। इस बार अष्टमी पूजन 30 सितंबर को किया जाएगा। वहीं 1 नवंबर को नवमी पूजन किया जाएगा। ऐसे में आप यदि दिनों में घर के इन स्थानों पर दीपक जलाते हैं तो इससे आपको माता रानी की कृपा तो मिलती ही है साथ ही घर में सुख-समृद्धि का भी आगमन होता है।
00:00कई बार लोग विजय दश्मी और दश्यारा को एक ही समझते हैं लेकिन इन दोरों में एक बहुत ही बड़ा अंतर है जिसे जानना जरूरी है जहां एक पर्व मादूरगा से जुड़ा हुआ है महीं दूसरा रावण के वद से जुड़ा हुआ है ऐसे में चलिए जानते हैं �
00:30इन दोनों पर्वों के बीच का अंतर बताने जा रही है सबसे पहले समझते हैं दश्यारा क्यों मनाया जाता है आश्विन मा के शुकल पक्ष की दश्मी तिधी पर दश्यारे का पर्व मनाया जाता है ये वो दिन है जब भगबान राम ने रामण का बद किया था और अधर
01:00ये पर्व इस बात कभी संकेत है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों नहों वो कभी अच्छाई से नहीं जीत सकती।
01:07चलिए अब जानते हैं विजय दश्मी क्यों मनाते हैं।
01:09हर साल आश्विन महा के शुक्ल पक्ष में आने वाली दश्मीतिती पर ही विजय दश्मी का पर्व भी मनाया जाता है।
01:15इस दिन को मा दुर्गा के माहिशासुर नामक देते पर विजय के रूप में मनाया जाता है।
01:21ये तेवहार शार्दी नवरात्र के समापन का प्रतीक भी है
01:24मार करने पुराण में वर्णेत कता के मताबिक देवी दुर्गा ने आश्विन शुकल प्रतिपदा से दश्मी दिधी थग महिशासूर से युद किया था
01:32नौ दिन के युद के बाद दस्वे दिन मादुर्गा ने महिशासूर का वद्ध कर दिया
01:36इसलिए नवरात्र के दस्वे दिन को विजय दश्मी के रूप में मनाया जाता है
01:40इस दिन मादुर्गा की मूर्ती का विसरजन भी किया जाता है
01:42इसके साथ ही कई स्थानों पर विजय दश्मी की दिन अस्तर शस्तर की पूजा का भी विधान है
01:47फिलाल इस वीडियो में इतना ही अगर आपको ये जानकारी पसंदाई हो तो इसे लाइक करें
01:51शेयर करें और चानल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल अभूले
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