00:00नवरात्री के आखरी और नौवी दिन माता के सिद्धिदात्री रूप की फूजा की जाती है।
00:05इन्हें सभी सिद्धियों की दाता माना जाता है।
00:08इनके चार हाथ होते हैं, वो कमल पर विराजमान होती हैं और उनका वहन सिंग होता है।
00:15उनका ये स्वरूप, ज्यान और अध्यात्मिक्ता को बढ़ावा देता है।
00:19सिध्धीदात्री की अराध्मा से सभी प्रकार की इच्छाओं की पूर्ती होती है।
Comments