00:00बगराम एर बेस को लेकर अमेरिका अफगानिस्तान और चीन के बीच महल गर्म हो गया है
00:04अफगानिस्तान के बगराम एर बेस पर गड़ चुकी है अमेरिकी राश्पती डोनल्ड ट्रम्प की नजर
00:09अमेरिका अब इस एर बेस पर फिर से कब्जा करना चाहता है
00:13पूरा मामला तब सुरू हुआ जब ब्रिटेन की राजकिये यात्रा पर गए अमेरिका के राजपती डोनाल्ड ट्रम्प ने खुले आम या घोशना कर दी की अफगानिस्तान के बगराम हवाई अड़े पर दोबारा कपजे को लेकर उनका प्रसासन काम कर रहा है
00:25वह चीन के बगराम बेस पर नियंतरन की संभावना से परिसान है और इस पर फिर से अपना कपजा चाहते हैं
00:31अमेरिका को या हवाय अड़क अभी छोड़ना ही नहीं चाहिए था
00:34वह इस एर बेस को बापस पाने की कोसिश इसलिए कर रहे हैं क्योंकि यह चीन के परमानों हथियार बनाने वाले थान के बहुत नजदीक है
00:43और इस एर बेस पर अमेरिकी सैनिक जल्द बापस लोड़ सकते हैं
01:04परमानों के परमानों के बाद मोहल काफी गर्म हो गया
01:22इस पूरे मामले को लेकर चीन ने सदी पर तिक्रिया देते हुए कहा
01:26कि पगराम एर बेस पर अमेरिकी उपस्थिती का फैसला अफगानिस्तान की सरकार पर छोड़ देना चाहिए
01:32चीनी विदेश मंतराले के प्रवक्ता लीन जियान ने सुक्रवार को ट्रम्प की टिपनियों के जवाब में कहा
01:37कि चीन ने हमेशा अफगानिस्तान की छेत्रिया खंडता और संप्रबता का सम्मान किया है
01:42अफगानिस्तान का भविस अफगान लोगों के हाथों में होना चाहिए।
01:46लेकिन पीछे से चीन किस्था पाकर अफगानिस्तान की हुकूमत चला रहे तालिवान ने ट्रम्प के इस बड़े बयान पर कड़ी पर्तिक्रिया थी।
02:06तालिवान ने अपनी पर्तिक्रिया में ट्रम्प को साफ कह दिया कि पग्राम एर्बेश को अमेरिका को बाफस देने का कोई सवाल ही ने उड़ता।
02:13तालिवान बिदेश मंत्राले की तरफ से कहा गया कि अफगानिस्तान और अमेरिका को आपस में बाच्चित करनी चाहिए और आपसी सम्मान और साजा ही तो क्यादार पर दोनों आर्थिक वर आजनीतिक रिस्ते बन सकते हैं।
02:25लेकिन अफगानिस्तान में अमेरिका की किसी वी सैन माचूदगी के बैना।
02:55एरवेस अफगानिस्तान में अमेरिका का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपुर्ण सेन अट्टा था इसका मुख्य रनवे साथ किलोमीटर से भी जादा लंबा है और एक समय में यहां करीब
03:0440,000 सेनिक और कॉंट्रेक्टर तैनाद थे यही वो मुख्य सेन ठीकाना था जहां से अमेरिका ने तालिवान के खिलाफ पूरे अफगानिस्तान में ऑप्रेशन चलाये थे लेकिन 2021 में जब तालिवान अफगानिस्तान की सरकारी फोजों पर हावी होने लगी तब अमेरिका न
03:34पर पूर्ण कबजे के बाद इस एयरवेश को सुरच्छित रखना चुनोती पूर्ण होगा इतने बड़े एयरवेश को इसलामिक स्टेट और अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों के रॉकेट हमले से सुरच्छित रखना भी बड़ी चुनोती होगी बग्राम पर कबजा ब
04:04क्या सच में अमेरिका चीन पर नजर रखने के लिए इस एयरवेश पर अपना कबजा करना चाहता है या उसका मकसर कुछ और है अटॉमिक साइंसेज के डेटा के मुताबिक बग्राम एयरवेश के 1000 किलोमिटर के दारे में चीन का परमानु ठिकाना होने का कोई पक्का सब�
04:34जहीं ऐसा तो नहीं कि आपरेशन सिंदूर के दोरान पाकिस्तान में रखे अमेरिकी परमानु हत्यारों की सुरक्षा को पैदा हुए खत्रे के बाद अब अमेरिका को उसे सुरक्षित रखने के लिए नया ठिकाना चाहिए या फिर भारत के परमानु गतिविधी पर नज
05:04को अमेरिका को नहीं देता है तो बहुत बुरा होने वाला है अब ट्रम्प की धंकी का तालिवान पर कितना असर होता है और बगराम पर फिर से अमेरिका का कपज़ा होता है कि नहीं यह तो बप्त ही बताएगा तब तक के लिए जुड़े रही हमारे साथ और देखते रही
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