00:00नवराद्र की शुरुआत कलश स्थापना और जौब होने की परमपरा से होती है
00:04और नौ दिनों तक प्रत्य दिन देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है
00:11प्रतम दिन माता शैल पूत्री की पूजा की जाती है
00:15इनके एक हात में त्रिशूल और दूसरे हात में कमल है और उनका वाहन व्रशव है
00:20शैल पूत्री माता की पूजा से जीवन में स्थिर्ता, शक्ती और साहस प्राप्त होती है
00:27भक्तों को मानसिक और शारेरिक स्वास्त में लाव मिलता है और जीवन के संकटों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है
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