00:00कि फिल्म में फेंट्रेस्टिक स्टिंग का लेके अंतर जाती एक और फिल्म के बार में मैं बात करूँगा जिसका नाम है सत्य पेश सत्य नाइटीन एटीटू में रिलीज हुई थी एक बेसिकली आमिताब बच्चन वाली फिल्म थी डिर्टर ते राज सिपी और प्रोडू
00:30आड़े बर्बन के म्यूसिक था जिन्दगी मिलके बीताएंगे जुका के सर को पूछो प्यार तुम्हें किस मोड़ पे ले आए
00:45आजिए अने गनी इस विलमी थे और अमिताब के अलावा एममालनी अम्यत कान कलपना इयर विक्रम साहू रंजीता शोबिनी सिंह प्रेमा नाराएंड आशा सज्देव मेखमोन शशी रंजन आज कल जो इंड़ देलिशन आजकल जो इंड़ दिलिविशन अज़्टर प्रे
01:15एकाडेमी के अवार्ड फंक्शन और गनेस्ट करते रहते हैं ना रजनी शर्मा मदू मलत रहे सबते इस फिलमें एक और गाना याद है या मासम मस्ताना फिर जैसे अमिताब बच्चन अमरक ब्रेंटनी में शराब के वारे में एक मोनोलोग किया था आईने के सामने इस फि
01:45अमिताब बच्चन कहीं और साथ बाईयों के साथ अमिताब बच्चन रहते हैं अमिताब भी बैसेलर हैं और सब बाईयों कभी शाधी नहीं हुआ इंटरेसिंग तिंक है हर बाई का नाम एक वार के उपर है अगर अमिताब बच्चन बड़ा बाईया रवी तो बाकी बाई
02:15बुद्ध, गुरु और शनी और रहते थे शांती निवास ज्याद, शांती के अलावा सब कुछ था और पैरिंग भी ऐसा था, सब न्यूकमर्स से उस जमाने में आमिताब और एममानली के अलावा कवल जीत सिंग, आशा सजदेव, पैंटल शोगनी सिंग, प्रेमा नारायन �
02:45अमिताब बक्चन का इस फिल्मे डबल रॉड ता और दोसरा रूल नेगेटिव, पहला रूल पोजिव, दोसरा रूल आमिताब विल्लन का रूल आये किया था और अमजात चान इस फिल्में रंजीट में विल्लन का रूल भी किया, 1982 की इस फिल्म, अलमोश्च दो घंटे �
03:15अच्छी हिट बन गई थी शोले के बाद हमिताब के काफी फिल्म साहे थे
03:29इंक्लूडिंग दो और दो पांच सत्य पिसा था शान और इमान दर्म सत्य पिससा डेसनली चली और शांति निवास के सब भाई बाद में स्टार्स बन गे एक अपने अपने लेवल पे श्टार बन गे कवल जीद भी चोटे मोटे फिल्म से काम कर रहा था पेंटल तो सदा ब
03:59शोबनी सिंग भी थी प्रेमा नराएंड शक्ति कपूर तो बन ओड़ टॉप विलेंज निकला था उस टाइम सचिन पिलगाओकर मराडी फिल्में काम करने लगे थे और अमजित कान अफसोंस की बात है जल्दी हमारे वीच से निकल गये तो कुल मिलाके मैं यह कहूंगा कि
04:29सफल फिलम थी और N.C. sippi producer जो रोणो Sippi के डड़ी थे और राज sippi के भी ड़ी थे यह साबित कर दिया कि बिना ज्यादा पैसा इन्वेश की एक फिल्म अच्छी फिल्म बना सकते हैं और मुनाफा भी कमा सकते हैं
04:50हेमा का नाम इंदू ता इस विल में और अमिताब बच्चन का नाम रवी सारिका विजेंद्र कल्पना इयर ये सब भी इस विल में थे रंजीता के अलावा
05:07और रंजीता को अमिताब के साथ एक या दो सीन दिया था जो उसके लिए फकर की बात थी उस जमाने में बिकॉज नए नहीं इंस्ट्ट्ट से आई थी रंजीता और उसको आते ही अमिताब बच्चन जैसे सुपर शार की जाट काम करने का मौका मिल गया
05:29तो कल्पना इयर भी इस फिल्म में एक मौल का रूल किया था अमजद कान के साथ
05:40उस जमाने में अमजद के साथ कल्पना इयर इश्क में गिर गए थी लेकिन अफसोस की बात है कि अमजद कान अलड़े मैरीड थे और कल्पना इयर इंडिया चोड़के तुबाई चली गए थी शुरू में बंबे में ओगराई टाउर्स जो अभी ट्राइडन उसमें होस्�
06:10जहां मैं सालरी इंचार्ज ता और कल्पना इयर को पगार देता था हर मेना उसी कल्पना इयर जब मैं तो होटल से निकल गया नोकरी से बाद में कल्पना दुबाई में राजन सिप्पी के एक होटल में काम करने लगी थी
06:28और इंडुस्ट्री से विदा कर ली थी खैर यह सब ट्रिविया बात हैं यह कहना है कि सत्ते पर सत्ता 1982 की एक सफल फिल्म थी
06:44फिल्म है फंटास्टिक के अंतरकत आज फ्लैश बैक करने के लिए मुझे एक मौका मिला तेश वाले के लिए
06:55आनु था कोरो तेंक यू मैं जोती वैँकोटेश आप चैनल रेगूलर्ली देखिये लाइक कीजिए सबस्क्राइब कीजिए
07:04और हैं मैं भी बताइए कैसा लगा आपको ताकि रेगूलर्ली आपको माने फिल्मों के बारे में पता सकता हूं
07:15जाने माने सिनमा के बारे में जो फिल्में फिंटास्टिक के अंतरगत आती है।
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