00:00अब्लेश गर्ड सामेत देश भर में नक्सल बिरुदी अभियान तेज कर दिये गए हैं
00:28केंद्र की सरकार अगले साल के मार्च महीने तक देश भर के मावबाद प्रभावित राज्यों से नक्सल बाद को पुरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद है
00:39यही वजह है कि राज्यों के साथ समन्यों स्थापित करते हुए मावबादियों के खिल्हप अप्रेशन चलाया जा रहा है
00:51इसका परिणाम भी देखने को मिल रहा है पिछले दो सालों में मावबादी संगठनों को बड़ा नुक्सान उठाना पड़ा है
01:01पिछले दिनों चतिशगर्ड में उनके सीर्षनेता और प्रतिबदित मावबादी पार्टी के महासचिब केशव राज हूर्प बश्वा राज को भी एनकाउंटर में धेर कर दिया गया ता सुत्रों की माने तो लगातार चलाय जा रहे
01:20इस अप्रेशन के बाद कभी नक्सलियों के केंद्रियों कोमिटियों के सदस्यों की संक्षा चालिस सीमट कर मात्र नौ से दस ही रह गई है
01:37लाल लड़कों का ठींक टेंक पुरितरह से द्वस्त हो चुके है
01:44एनकाउंटर आत्म समर्पण और गिरवतारियां भी एक तरह सरकार जहां नक्सलियों के खिलाभ सस्थ्रों अप्रेशन चला रही है
01:59तो दुसरी तरफ माओ बादियों से आत्म समर्पण करते हुए सरकार के पुनरभास नितिका लाभ लेने की अपिल भी किजा रही है
02:12इसके परिणाम भी सुखद है
02:16पिछले दो शालो में लोर बरट्टू सरिखेट जैसे अभियान के तहत बड़े पईमाने पर अलग अलग स्तर के माओ बादियोंने चातिस गड़ और तलेंगा नामें आत्म समर्पण किया है
02:35इसका अलवा खोजी अभियान में उनकी गिरवतारियां भी हो रही है
02:43सरकार के इस अभियान के बाद माओ अधी संगठन अब पुरिकरह से बाइक भूट पर जाच चुके हैं
02:54अगर देश के सबसे ज्यादा नक्षल बाद प्रभावित शेत्र बस्तर की करेंगो कभी संगठीत होकर पुलिस और ग्रामिनों पर बड़े हमले करने वाले नक्षली आज इंकाउणर के डर से छोटे छोटे घूट में पौंट चुके हैं
03:19नक्षल संगठनों में नई भरतियां नहीं हो रही है उनके आयल के स्रोट पुरी तरह से बंद हो चुके हैं
03:30वे सरकार और पुलिस के खिलाब वे लड़ाई की स्थिती में नहीं है
03:37पुलिस का दावा है कि माओ संगठन को अब ग्रामीनों की तरब से किसी तरह का सहयोग नहीं मिल रहा है
03:48जिससे उनका मोनोबल पुरी तरह से तूट चुका है
03:53छोटे केडर के नक्सलियों से मिल रही जानकरी बड़े नेताओं के लिए घातक साबित पर रहे है
04:03उनकी निशान देही और सुचनाओं पर पुलिस सटीक और सपल अप्रेशन कर रही है
04:13हाला कि सरकर अभी भी नक्सल संगतन से बागता के लिए तयार है
04:19इसके लिए उन्हें पहले हथियार छोडने की अपिल की गई है
04:25दुस्री तरफ मावबादी संगतन का कहना है कि बातचीत के लिए और नुकुल माहल बनाने की जिम्मेदारी सरकरों की है
04:36वे बस्तर चेतर के सुरक्सया बोलों की व्यापशी करें उनके क्यांप को बंद करें तब वह सरकर के बारता करेंगे
04:47बहर हाल इस बीच नक्सल संगतनों का एक कथित पत्र सामने आया है जिसमें उन्होंने हथियार छोडने की बात की है
05:01हाला की यहाँ पत्र माववादी संगतन की तरफ से ही जारी किया गया है
05:08इसकी पृष्टी IBC 24 नहीं करती है क्या लिखा है पत्र में
05:16माववादियों के सिसा मेंबर अभय की और से जारी इस पत्र में उन्होंने हथियार छोडने की बात कही है
05:27पत्र में लिखा है संती वार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हम यह स्पष्ट कर रहे हैं कि बदली हुई दुनिया और देश की परिस्थितियों के साथ साथ
05:42प्रधान मंत्री, प्रुह मंत्री और बरिष्थ पुलिस अधिकरियों द्वरा हथियार छोड़ कर मुच्य धारा में सामील होने के अनुरोद को देखते हुए हमने हथियार छोडने का फैसला
05:58क्या है हमने सशस्त्र संगर्ष पर अस्थाई रोग लगाने का फैसला क्या है भविष्य में हम सभी राजमीतिक दलों और संगर्ष रत संगर्थनों के साथ मिलकर जान मुद्ध पर लढेंगे
06:18इसमें कहा गया है कि प्रतिवंधित संगर्थ में इस विषय पर केंद्रिय ग्रुव मंत्री या उनके द्वारा नियूक्त व्यक्तियों या प्रतिनिधी मंडल से बाद करने के लिए तयार है
06:34आगे कहा गया है बाद में हम उन साथियों का एक प्रतिनिधी मंडल तयार करेंगे जो इससे सहमत हैं या इसका विरोध करते हैं और स्थांतिवारता में भाग लेंगे
06:49सरकर रोक दे तलासी अभिजयान ताजा पत्र में वे अपने रोक में बदलाओ की बाद तो कर रहे हैं लेकिन अपनी सर्त दोहरते हैं की सरकर एक महिने के लिए तलासी अभिजयान रोक दे
07:08पत्र में कहा गया है दस महिन को हमारे महा सचीबने कामरेड अभे के नाज से एक प्रेश बयान जारिक या था जिसमें यूद वीरान का प्रस्ताव रखा गया था और हथियार छोडने पर सिर्ष नेत्रुत्यों से परामर्ष के लिए एक महिने का समय मांगा गया था
07:31लेकिन दुर्भाग्यों से केंद्र सर्वकार में कोई अनुकुल प्रप्तिक्रिया नहीं दिखाई
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