00:21इस बार गौर्मी का मौसम पाकिस्तान के लिए सुखे का एक बड़ा संकट लेकर आने वाली है
00:29इस मौसम में पाकिस्तान बूंद बूंद पानी को तरसेगा पहल गाम आत्तों की हमले के बाद भारत की और से
00:41सिंधु जल समझोते को रव्द किये जाने से पहले से ही वह पानी की किलते जोल रहा है
00:53लेकिन अब भारत साहपुर कंडी बरज के पूरा होने के साथ रावी नदी से ज्यादा पानी के फ्लो को रोकने
01:08वाला है
01:09इससे पाकिस्तान की वुस्किले और बढ़ने वाली हैं
01:15जानकरी के भूताविक साहपुर कंडी बरज का काम 31 मार्च तक पुरा जाएगा
01:25अब तक स्टोरेज सुविधाओं की कमी के कारण रावी का अतिरित पानी पाकिस्तान में जा रहा था
01:36जमु कस्मिर के मंत्री जावेद राना की और से इस डेम को लेकर अपडेट दिया गया है
01:48उन्होंने कहा की इस कदम का मकसद सुखे से जूज रहे कठवा और सांबा जिल्लो में सिंचाई की सुविधा देना
02:02है
02:02उन्होंने कहा की इस डेम से पाकिस्तान की और जाने वाले ज्यादा पानी के बहाव को रोका जाएगा
02:13और जमु कस्मिर की जनता को परियाप्त पानी मुहेया कराया जाएगा
02:2246 साल का अधुरा सपना हुआ पुरा रावी नदी पर इस डेम प्रोजेक्ट की कलपना
02:331999 में की गई पाकिस्तान की और बहने वाले अतिरित पानी रोकने के लिए
02:43रंजीत सागर देम और नीचे की तरफ साहपुर कंडी बारज बनाने के लिए
02:52पंजाब और जमु कस्मिर के बीच एक एग्रिमेंट साइन किया गया था
02:591982 में ततकालिन प्रोधान मंत्री इंदीरा गांधी ने इस प्रोजेक्ट की नीव रखी थी
03:10लेकिन बाद के बर्सों में पंजाब और जमु कस्मिर के बीच आपसी बीबादों और राजनीतिक उपेक्षिया के कारण
03:25इह प्रोजेक्ट 46 साल तक लटका रहा बर्स 2018 में मोदी सरकार ने इस प्रोजेक्ट में दखल दिया
03:38और इसके बाद इस पर कामने रफ्तार पकड़ी इह प्रोजेक्ट 32,000 हेक्टर से ज्यादा जविन की सिंचाई में मदद
03:51करेगा
03:52पूरी तरह से चालू होने के बाद अंजाब में 500,000 हेक्टर से ज्यादा खेती की जमिन को हैदा होने
04:03की उमिद है
04:04पाकिस्तान पर क्या होगा अशर पाकिस्तान एक कुरूशिप प्रोधान देश है
04:11पाकिस्तान की जीडिपी में खेती का हिस्सा 25 फिस्दी है
04:17उसकी 80 फिस्दी खेती सिंधु नदी सिष्टम पर निर्भर है
04:24लेकिन भारत की अपना है गय करड़े रूख के चलते उसकी मुश्किले बढ़ती जा रही है
04:34रावी का अतिरित पानी रोके जाने से पाकिस्तान के पंजाब प्रात में सिंचाई व्यवस्था चर्मरा सकती है
04:45इतना ही नहीं लाहर और मुल्तान जैसे बड़े सहरों की जल पूर्ति पर सिधा असर पड़ेगा
04:57वही पानी की कमी से हसलों का उत्तादन घटेगा
05:02और पाकिस्तान की बद हाल अर्थ व्यवस्था और खाद्यो सुरक्ष्या को बड़ा जटका लगेगा
05:12सिंधु जल संधी का उलंगन नहीं
05:17भारत का यह कदम पूरी तरह नियोमों के मुताविक हैं
05:22क्यूंकि 1960 की सिंधु जल संधी के तहत पाकिस्तान को पस्चिमी नदियों
05:30सिंधु जेलम और चिन्नाव पर अधिकार दिये गए थे
05:37जबकि तीन पूर्वी नदियों सतलुज ब्यास और रावी के पानी पर भारत का पूर्ण अधिकार है
05:49इन नदियों के पानी को बिना रोक टोक इस्तेमाल की इजाजत भारत को मिली हुई है
05:59अब तक बुनिया दी धांचा न होने के कारण जो पानी पाकिस्तान बह जाता था
06:08भारत अब उसी बर्बादी को रोक रहा है आतंक बाद को लेकर भारत का कडा रूख
06:18पिछले साल अप्रेल महिने में पहल गाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सक्त रूख अपनाने हुए
06:29सिंधु जल संधी को सस्पेंड कर दिया था वही भारत ने जम और कस्मीर में चिन्नाव नदी पर कई हाइड्रो
06:43पावार प्रोजेक्ट्स पर काम तेज कर दिया है
06:48इसके 2027-28 तक पूरा कोने की उमिध है जिससे पानी का बहाव और कम हो जाएगा
06:59इसके अलावा भारत जेलम नदी से पानी के स्टोरेज को रेगुलेट करने के लिए रुके हुए गुलर बयराज पर भी
07:12काम फिर से शुरु करने वाला है
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