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02:59प्रतिशत, ग्यारा गश्मिर सबसे कम सिर्फ पंदरा प्रतिशत क्यूं देते हैं लोग गालियां।
03:09पंजाब और हर्यारना जैसे राज्यों में गाली गोलोज कभी-कभी दोस्ती का मज़ा क्या हिस्सा होती है।
03:21कुपी और बिहर में राजनीतिक पारिबारिक और सड़क जगडों में गालियां।
03:28आमें राजस्थान में गाउं में गुसे और मोजक में हलकी-फुलकी गालियां बोलना साधरन माना जाता है।
03:38महाराष्टर और गुजरात में सहरी तनाव और यंग जेनरेशन का स्लेंग कल्चर कारण है।
03:48कश्मिर में धार्मिक, पारिबारिक और भावनात्मक, सांति, संस्कृति के कारण गालियों का इस्तमाल निवनतम है।
03:58महिलाओं भी मानी गालियों की आदत सबसे चोंकाने वाली बात इह रही की 30 प्रतिसत महिला प्रतिभागियों ने भी गाली देने की बात मानी।
04:17इह इस बात को दर्शाता है की गाली देना अब के बल मर्दान व्यवहार नहीं रहा बलकि इह एक सामाजिक आदत बनती जा रही है।
04:31इस अभियान का उदेश्य सभ्य भाषा को बढ़ावा देना घर में बातचित को ट्रेक करना बच्चों और यूबाउं को सालिनता सिखाना।
04:43गाली देना आपके बल जगड या गुस्षतक सिमित नहीं है बलकि है भारत में संबाद का हिस्सा बन चुका है।
04:52लेकिट इस अभियान जैसे गाली बंद घर समाज को सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या यह भासा आदत बन चुकी है या इससे बदला जा सकता है।
05:06आप कीस राज्यों से हैं और क्या आपको भी अपने आसपास गालीयों का बढ़ता चलन दिखता है।
05:17यारा साल में सतर हजार लोगों पर सर्भे।
05:23शेल्फी बीद डेक्टर फाउंडेशन के फाउंडर और महर्शित दयानंद उनिवर्शिटी के प्रफेशर आप प्रेश्टिश डेक्टर सुनिल जागला ने गाली बंद घर अभियाद चलाया।
05:45और उसी के तहत एक सर्भे किया।
05:48इस सर्भे में ग्यारा साल में करिब सत्रह हजार लोगों को सामिल किया।
05:55दीन लोगों में युबा, मातापिता, पीचर, डाक्टर, अटो, ड्राइवर, स्कूल और कलेज के स्टूडेंट, पुलिस कर्मी, बकिली, बिजनेसमेने, सफाहिकर्मी, प्रफेशर, पंचायत सदस्या, सामिल्थे,
06:13दो हचर चोदा में शुरू क्या था गाली बत घर यभियान।
06:18गाक्टर सुनिल जागला ने कहते हैं कि गाली देना कोई ससकार नहीं, बलकियक बीमारी है।
06:27जब बच्चा बड़ा हो रहा होता है और वहाँ फोर्म पर या आसपास गाली सुनता है तो वहाँ उसके दिमाग में बैट जाती है।
06:40फिर वही उसकी आधत में सुमर हो जाती है।
06:45उन्होंने गाली बंद घर अभियान की शुरूत साल 2014 में की थी।
06:52इस अभियान के तहत पूरे देश की 60,000 से ज्यादा जोगों पर गाली बंद घर के चार्ट भी लगगाये जा चुके है।
07:05आज उनका ये अभियान विश्वस्तर पर चर्चित हो गया है।
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