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  • 1 year ago
raja paras ki bahadri a historical story #
Transcript
00:00SHIERSAK
00:00SIKANDR OR PORUS KI YUDH
00:03Sikandar Mahan Macedonia का एक प्रसिद्ध समराट था,
00:08जो पूरी दुनिया को जीतने का सपना लेकर निकला था.
00:12326 ईसा पूर्व में वह भारत के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र तक पहुँच गया,
00:17जहां उसका सामना एक साहसी और स्वाभिमानी भारतीय राजा पौरस से हुआ.
00:24पौरस एक वीर और आत्म सम्मान रखने वाला शासक था.
00:29उसने अपनी सेना के साथ जेलम न दी, प्राचीन नाम हाईडैस पीस.
00:37के किनारे सिकंदर की सेना का सामना किया.
00:41हालां की सिकंदर की सेना अत्याधुनिक हथियारों और रणनीतियों से लैस थी.
00:47फिर भी पौरस के हाथियों, धनुर्धारियों और योध्धाओं ने जबरदस्थ प्रतिरोध किया.
00:54युध कई घंटों तक चला.
00:56अंततह सिकंदर को विजय तो मिली, लेकिन पौरस की वीर्ता ने उसे बहुत प्रभावित किया.
01:02जब पौरस को बंदी बनाकर सिकंदर के दर्बार में लाया गया, तो सिकंदर ने पूछा, तुम्हारे साथ कैसा व्यवहार की आजाइब गराए?
01:11पौरस ने गर्व से उत्तर दिया, जैसा एक राजा, दूसरे राजा के साथ करता है.
01:21सिकंदर उस उत्तर से इतना प्रभावित हुआ कि उसने न केवल पौरस को क्षमा कर दिया, बल्कि उसकी पूरी रियासत भी लोटा दी और उसे अपना मित्र बना लिया.
01:33यह घटना इतिहास में सम्मान, साहस और आत्मगौरव की मिसाल के रूप में जानी जाती है.
01:42यह हमें सिखाती है कि असली महानता केवल जीत में नहीं, बल्कि अपने शत्रू के सम्मान और अपने चरित्र की उंचाई में होती है.

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