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Welcome to PocketssFM, your home for powerful and emotional storytelling! 🌟 "Insaani Dragon 71 – Dushman ka Dushman" is an intense Pocket FM episode packed with suspense, alliances, and unexpected twists. 🐉⚔️

In this thrilling chapter, the dragon faces a new reality where enemies turn into allies, and the true meaning of strength and survival is tested. Will the dragon rise above betrayal and forge a new path in this dangerous world? 🔥✨

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Transcript
00:00विक्टर के दर्बार में कुरूरा की मौ मांगे मुराद पूरी हो चुकी थी
00:03लेकिन बदले में कुरूरा जो देने को तैयार था वो भी पड़ी चीज थी
00:07जैसे ही कुरूरा ने कहा
00:09मैं बदले में आपको धर्ती का समराज्य दूँगा
00:12इस सुनते ही दर्बार में सन्नाटा चा गया
00:15विक्टर खुद कुछ देर कुरूरा को देखता रहा फिर चिला कर बोला
00:19तुझे होश भी है तू क्या कह रहा है
00:22दर्ती पर ड्रैकन की ट्राइब का शासन है
00:25पाताल के ड्रैकन एक बार नहीं
00:29कई बार उन से भीड़ चुके
00:30लेकिन उनकी ताकत बहुत ज्यादा है
00:32पुरूरा बोला
00:33आपको पता है
00:35उनके महल के सामने होकर
00:37बलके ड्रैकन कींक के सामने से निकल कर यहां आया हूँ
00:40बिना उनकी परमेशन के
00:42मैंने उनका समुद्री लाका पार किया है
00:45विक्टर चौंकर बोला
00:47तो मुसके सामने से निकले और उसने कुछ नहीं किया
00:50गुरूरा बोला
00:53करते तो तब ना
00:55जब मैं वहां रुकता
00:56मेरे आगा शैतान का हाथ मेरे सर पर है
01:00इसलिए कह रहा हूँ
01:01आमने सामने के लड़ाई में भले ही वो हमसे जीत जाए
01:05लेकिन आखों में धूल छोक कर
01:07धोका दे कर हम उन्हें हरा सकते हैं
01:11विक्टर बड़े ही ध्यान से उसकी सारी बाते सुन रहा था
01:14उसने आखिर में पूछा
01:16अगर तुम्हारे आगा इतने ही ताकतवर है
01:19तो तुम उससे मदद मांगने क्यों आए हो
01:21कुरूरा समझ गया कि उसकी बड़ी बड़ी बातों का विक्टर बुरा मान गया है
01:26उसने जल्दी से कहा
01:28बात ये है किंग विक्टर कि मुझे उनसे जो चाहिए
01:31वो बहुत ज्यादा हिफाज़त से रखा गया है
01:34अगर मैंने ताकत या धोखे से उसे च्छिनने की कोशिश की तो सब परबाद हो जाएगा
01:39विक्टर ने पूछा
01:41अच्छा ऐसी कौन सी चीज़ है उनके पास
01:45कुरूरा कुछ सोच कर बोला
01:47मणी ड्रैकन की बेटी का ड्रैगन स्टोन
01:52क्या
01:53विक्टर ये सुनते ही तुरंट खड़ा हो गया
01:56उसके चेहरे का भाव एक गम से बदल गया
01:58उसने कुरूरा के चेहरे पर एक कहरी नजर डाली
02:01कुरूरा उसी तरह चुपचाप खड़ा हुआ था
02:04आखिर में विक्टर ने कहा
02:06देख है ये सोदा तै रहा
02:10कुरूरा खुशी से उचल पड़ा
02:12तभी विक्टर ने अपने सैनिकों से कहा
02:16इन्हें तैखाने में ले जाओ
02:18जो भी ने चाहिए दे दो
02:20कुरूरा खुश होकर विक्टर के कदम चूमते हुए बोला
02:23मैं आपका ये एहसान हमेशे याद रखूँगा किंग विक्टर
02:28विक्टर ने हाथ हिला कर कहा
02:31ठीक है लेकिन ये एहसान नहीं सोदा है
02:34याद रखना
02:36जी किंग विक्टर याद रखूँगा
02:39कुरूरा ने कहा
02:40कुरूरा अपने साथियों और विक्टर के सैनिकों के साथ तेह खाने के तरफ जा रहा था तभी डॉक्टर वशिष्ट ने धीरे से पूछा
02:46ये तुमने क्या किया? तुमने धर्ती का समराचे देने का वादा कर दिया?
02:51तुम तो कहते थे ड्रैकन के बाद धर्ती, आकाश, बताल, हर जगा तुम्हारा शासन होगा?
02:58कुरूरा ने वशिष्ट को घूर कर देखा और चुप रहने का इशारा किया
03:02वशिष्ट समझ चुगा था के कुरूरा का इरादा विक्टर को डबल क्रॉस करने का था
03:07उधर विक्टर का महामंतरी भी उससे यही सवाल पूछ रहा था
03:11आपने इतनी असानी से कुरूरा के साथ सौधा कर लिया
03:15आपने एक बार भी नहीं पूछा कि आखिर ड्रैकन की बेटी का ड्रैगन स्टोन हासिल करने के बाद वो क्या करेगा?
03:21विक्टर ने धीमी लेकिन सक्त आवाज में कहा
03:25तुमने मुझे बेवकुफ समझ रखा है क्या?
03:29उसने इतनी सारी बाते की लेकिन एक बार भी ये नहीं बताया कि उसका मकसद क्या है?
03:34मैं तभी समझ गया था
03:36खैर, एक बार उसे वो ड्रैगन स्टोन मिल जाए फिर हम अपना काम करेंगे
03:41महामंत्री ने पूछा
03:43लेकिन उस ड्रैगन स्टोन में ऐसा क्या खास है?
03:48ऐसी ड्रैगन स्टोन तो हर ड्रैगन के पास होते है
03:51विक्टर ने महामंत्री को घूर कर देखा और बुरा
03:55सब के पास नहीं होता महामंत्री
03:58शैरी का स्टोन खास है
04:00वक्त आने पर तुम्हें पता चल जाएगा
04:03फिलाल तुम इस क्रूरा पर नजर रखो
04:06जी किंग विक्टर
04:08महामंत्री ने कहा
04:09क्रूरा को वो हासिल हो चुका था जो वो चाहता था
04:14इस वक्त वो तैखाने में बनी जेल के सामने खड़ा हुआ था
04:17उसने वशिष्ट से कहा
04:18मैंने अपने हिस्से का काम कर दिया है
04:21अब आगे तुम्हें करना है जो भी करना है
04:25वशिष्ट बोला
04:26उन दोनों को समझाना मेरे लिए बाय हाथ का खेल है
04:30वशिष्ट मुस्कुराया और जेल के भीदर दाखिल हो गया
04:34दो कैदी एक कोने में बैठे तिवार को देख रहे थे
04:38जैसी ही उनकी नजर वशिष्ट पर पड़ी
04:41दोनों चौंकर उठ खड़े हुए
04:43वशिष्ट तुम या क्या कर रहे हो
04:47वशिष्ट ने घड़ियाली आंसु बहादे हुए कहा
04:49मैं तुम्हें लेने आया हूँ मेरे दोस्त इंद्रमोहन
04:54नेली मां मैंने तुम दोनों के लिए आजादी हासिल कर ली है
04:59इतना कहकर वो इंद्रमोहन के गले लग गया
05:02नेली मां खुझी से रोने लगी
05:04तुम सच कह रहे हो
05:06अब हम आजाद हैं
05:08हम घर जा सकते हैं
05:10हम अपने बच्चे से मिल सकते हैं
05:12ये दोनों कैदी थे नील के माबाप
05:16इंद्रमोहन और नीली मा
05:19जो पिछले कई सालों से विक्टर की कैद में थे
05:22वशिष्ट ने नाटक करते हुए कहा
05:24अब मैं क्या बताओं इंद्रमोहन
05:27तुम्हारा बेटा अब तुम्हारा नहीं रहा
05:30वो दुश्मन से मिल गया है
05:32इंद्रमोहन चौक पड़ा
05:34ये क्या कहते हो तुम
05:35इसके बाद तो वशिष्ट ने
05:38इंद्रमोहन को भड़काने में कोई कसर नहीं चूड़ी
05:40उसने बताया कि किस तरह ड्रैकन
05:42और उसकी फैमली ने नील को
05:44पूरी तरह से अपने जाल में फसा लिया है
05:46यहां तक कि उसकी मा भी
05:48ड्रैकन के जंगुल में है
05:49ये सब सुनकर नीलीबा ने पूछा
05:52लेकिन ये हुआ कैसे
05:54आगिर नील उन लोगों की
05:56पूरी तरह से नील को अपने कबीले में शामिल कर लेगा
06:07इसका मतलब समझ रहे हो ना तुम दोनों
06:10तुम जिंदगी भर जिन से लड़ते रहे
06:13आखिर में तुम्हारी उलाद उनी में से एक बन जाएगी
06:16इंद्रमोहन एक दम से चीख पड़ा
06:18नहीं, मैं ऐसा कभी नहीं होने दूंगा
06:21तुम नील से मिले थे ना
06:23तुमने समझाने की कोशिश क्यों नहीं की
06:25पशिष्ट बोला
06:27मैंने कोशिश की थी
06:29तुमें क्या लगता है कि मैंने उसे सच्चाई नहीं बताई होगी
06:32लेकिन ड्रैकन की बेटी ने उस पर ऐसा चादू किया है
06:36कि वो मेरी एक भी बात सुनने के लिए तैयार नहीं था
06:39इंद्रमोहन कुछ सोच कर बोला
06:42कोई बात नहीं
06:44तुम मुझे यहां से लेकर चाओगे न
06:46अब इस मामले को मैं अपने हिसाब से निक्टूंगा
07:02जब वशिष्ट उन दोनों को लेकर बाहर निकला
07:05तो कुरूरा पहले से ही उन सब का इंतजार कर रहा था
07:07कुरूरा का अजीब सा हुलिया देखकर इंद्रमोहन ने वशिष्ट से बूझा
07:12ये को ने
07:13वशिष्ट बोला
07:16इसी की मदद से तो मैं तुम तक पहुँचा
07:19और किंग विक्टर ने तुम्हें रिहा कर दिया
07:21इंद्रमोहन कुरूरा के आगे हाथ जोड़ते हुए बोला
07:25तुमने हम दोनों के उपर बहुत बड़ा एहसान किया है
07:29इसके बदले में मैं तुम्हारे लिए कुछ भी करने को तयार हूँ
07:33कुरूरा अच्छा बनने का नाटक करते हुए बोला
07:37ये सब मैंने सिर्फ अपने दोस्त मशिष्ट के कहने पर किया है
07:41फुछे बदले में कुछ नहीं चाहिए
07:43इंद्रमोहन ने पूछा
07:45लेकिन किंग विक्टर तुम्हारी बात कैसे मान गया
07:49उसने तो हमें फूरी जिंदगी भर के लिए कैद किया था
07:53फिर कुरूरा बोला
07:56एक छोटा सा सौधा किया बस
07:59बाकि वशिष्ट की दोस्ती के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ
08:03वशिष्ट और कुरूरा ने मिलकर नील के माबाप को पूरी तरह से अपनी बातों में ले लिया था
08:08इंद्रमोहन को यही लग रहा था कि उसके दोस्त वशिष्ट ने अपनी दोस्ती निभाने के लिए उसे रिहा करवाया है
08:14सब एक साथ बाहर निकल रहे थे तभी वशिष्ट ने कुरूरा से पूछा
08:19अब हम बाहर कैसे जाएंगे आते वक्त विराज ने हमें देख लिया था
08:24अब तो उस रास्ते पर उसने पहरेदार बिठा दिया होगा
08:27कुरूरा बोला तुम फिक्र मत करो
08:31हम विक्टर के परसनल रास्ते से बाहर जाएंगे
08:34पूरा समंदर सिर्फ ड्रैगन का नहीं है
08:37उसमें दूसरे ड्रैगन और पशुमान वो का भी हक है
08:40पशिष्ट बोला अगर ऐसा है तो ठीक है
08:44इंद्र मोहन और नीलिमा अपनी रहाई से खुश तो थे
08:47लेकिन उससे भी जदा बड़ा दुख होने इस बात का था
08:51कि उनका इकलोता पीटा उनके दुश्मनों के साथ है
08:54लेकिन जब किंग विक्टर के महल से वो निकले
08:57तो उन्होंने मन में ठान लिया था कि जैसे भी हो
09:00नील को ड्रैकन के शिकंजे से निकालने ना है
09:03उधर विराज और उसके सैनिक पूरे समंदर को छान रहे थे
09:06समंदर के चप़े चप़े पर उनकी नजर थे
09:09विराज ने अपने सैनिकों को पहले ही आदेश दे दिया था
09:12ब्यान रहे
09:13वो लोग हमारे इलाके से निकल कर रचाने ना पाए
09:16अब की बार जनरल अधिते भी उनके साथ पेट्रूलिंग पर आया था
09:20उसने कहा लेकिन सर अगर वो तांतरे केंग विक्टर से मिलने गया है तो हो सकता है वो उसी के रास्ते से बाहर निकले
09:27विराज ने कुछ सोच कर जवाब दिया
09:30ये मैं भी सोच रहा था लेकिन अगर वो उस रास्ते से वापस लोटते हैं तो हम उनका कुछ नहीं बिगार सकते हैं फिर भी हमें नजर रखनी होगी
09:38जनरल अदित्य ने कहा जैसा अब कादेश हो विराज ने कहा हमें किसी भी हाल में क्रूरा के पाताल लोग जाने की वज़ा पता लगानी है आप सब अपना काम करो मुझे वापस जाना होगा आई से बात करने
09:53विराज इस मामले को गंबीरता से ले रहा था वहाँ ड्रैकन भी चुप नहीं बैठा था उसने तै कर लिया था कि ट्राइब के बज़ुर्गों से मिलकर इस बारे में सलाह मश्वरा करेगा
10:03ड्रैक्फस्ट के बाद उसने नील से कहा अगर तुम्हें होसल वापस जाना है तो चलो मैं तुम्हें चोड़ दूँ
10:11नील बोला चीए सर मुझे बास्केट बॉल प्रैक्टिस पर भी जाना है ये सुनकर ड्रैकन गला साफ करते हुए बोला
10:20देखो मैं तुम्हें ड्राना नहीं चाहता फिर भी जो कुछ हो रहा है उसे देखते हुए तुम्हें ज्यादा अलर्ट रहना होगा
10:28तुम सबच रहे हो ना मेरी बात जैनी और जूली हर वक्त तुम्हारे साथ रहें तो और भी ज्यादा अच्छा होगा
10:35ये सुनकर नील का चेहरा उतर गया
10:37वो इमेजिन कर सकता था कि अगर ये दो खूबसूरत लड़कियां कॉलेज में हर वक्त उसके साथ रहेंगी तो क्या सीन बनेगा
10:45वैसे ये उसके बारे में तरह तरह की अफ़वाहें फैली हुई थी
10:49उसमें एक नई बात जुड़ जाएगी
10:51उसने धीरे से कहा
10:52ये जरूरी है क्या
10:55मैं अपना ख्याल खुद रख सकता हूँ
10:57अगर ये दोनों मेरे साथ रहेंगी तो मुझे लोगों के हजारों सवाल के दवाब देने पड़ेंगे
11:02ड्रैकन ने कहा
11:05मैं तुम्हारा कंसर्न समझ सकता हूँ
11:07ठीक है
11:08तो अपना काम करो
11:10मैं इस बारे में कुछ सोचूँगा
11:12नील ने हां में सर हिला दिया
11:14वैसे भी वो ड्रैकन से ज्यादा बैस नहीं कर सकता था
11:18नील अपने होस्टल वापस आ गया था
11:21और जैनी और जूली को जॉर्ज के हां भीज दिया गया था
11:23कॉलेज में सारा दिन उसका मन नहीं लगा
11:27उसे इस बात के फिक्र थी कि पता नहीं क्रूरा क्या साज़ेश चरच रहा होगा
11:31उसे विराज के वापस आने या उससे जुड़ी कोई और ख़बर के मिलने का बहसाबरी से इंतजार था
11:37विराज के सैनिक लगातार नजर बनाये हुए थे
11:40तब ही उन्हें विक्टर के इलाके में हलचल महसूस हुई
11:43ये समंदर का सबसे गहरा और अंधेरा इलाका था
11:47वो लोग अंदर नहीं जा सकते थे लेकिन बाहर से नजर रख रहे थे
11:51तब ही उनकी नजर क्रूरा और उसके साथ आ रहे बागी लोगों पर पड़ी
11:55ये सब लोग कौन है एक सैनिक ने दूसरे से पूछा
12:00दूसरा बोला
12:01इन लोगों को मैं भी नहीं जानता
12:04लेकिन हमें जल से जल विराज सर को बता रहा होगा
12:07पहला सैनिक बोला
12:09बाकी सब को खबर कर दो
12:11ये लोग यहां से गुजर रहे हैं
12:13कई हमारे इलाके में घुसने की कोशिश की तो देखते ही मार दिया जाए
12:16पूरे समंदर में खबर पहल गई
12:19और विराज को भी खबर भीज़ दी गई
12:20लेकिन कुरूरा और उसके साथी
12:23बिना किसी शोर सरावे के वहां से निकल गए
12:25विराज इस वक्त किसी जरूरी काम से महल गया हुआ था
12:29जैसी ही उसे खबर मिली
12:31उस इलाके में वो आया
12:32लेकिन तब तक वो सब लोग जा चुके थे
12:35उसने सैनिकों से पूछा
12:36मुझे बताया गया है कि उनके साथ कुछ और नए लोग थे
12:41तो उनमें से कोई उने जानता है
12:43सैनिक बुला
12:45नई सर
12:45वो ड्रेगन ट्राइब के नई थे
12:48बस इतना पता है
12:49विराज टेंचिन में आ गया
12:50सैनिकों को वापस महल जाने का कहकर
12:53वो सीधा ड्रेगन से मिलने पहुँच गया
12:55जब ड्रेगन को उसने सब कुछ बताया
12:57तो वो भी हैरान था
12:58नई लोग यगोन हो सकते है
13:01विराज बोला
13:03जो भी हो
13:04लेकिन मुझे लग रहा है
13:06कि वो तांतरे कोई नया खेल रच रहा है
13:08हमें सावधान रहना होगा
13:10ड्रेगन ने जवाब नहीं दिया
13:12बस इतना ही कहा
13:14पिलाल तुम अपनी तैयारी पर ध्यान दो
13:17यसा मैं देख लूँगा
13:18देखते देखते बुद्वार आ गया
13:21सुमन ने नील को पहले ही
13:23अपने घर बुला लिया था
13:24जैसे ही नील वहाँ पहुचा
13:26उसके पीछे पीछे जैनी और जूली भी
13:28ड्रेकन के घर पहुच गई
13:30उन्हें देखते ही नील का चेहरा बुझ गया
13:32उसने पूचा
13:33तुम दोनों यहां क्या कर रही हो
13:36जैनी खुश होते हुए बोली
13:38हम दोनों भी आपके साथ
13:40आपकी दादी से मिलने जा रहे हैं
13:42नील ने अपना माथा पेट लिया
13:44सुमन भी यह देखकर परिशान हो गई थी
13:46लेकिन वो जैनी और जूली
13:48को कोई आदेश नहीं दे सकती थी
13:50उसने नील से कहा
13:51यह वाकई में एक बड़ी दिक्कत है
13:55तुमें जल्द से जल्द
13:56इसका कोई न कोई हल ढूनना होगा
13:58उसे शेरी की फिक्र थी
14:01नील से रहिला कर बोला
14:03आँ अँटी
14:04फिर उसने उन दोनों बेहनों से कहा
14:06ठीक है
14:08तुम लोग मेरे साथ चल सकती हो
14:10लेकिन वहाँ जाकर अपना मूँ बंद रखना
14:12दादी के सामने मुझे मालिक मत कहना
14:14उन दोनों ने एक साथ जवाब दिया
14:16जैसा आप कहें मालिक
14:18नील चिर कर फिर कोई जवाब देने वाला था
14:21कि तभी ड्रैकन वहाँ आ गया
14:22और नील से बोला
14:23नील यहाँ आओ
14:24मुझे तुम से एक जरूरी बात करनी है
14:26नील को लगा जरूर ये क्रूरा के बारे में है
14:29उसने ड्रैकन के पास जाकर पुछा
14:31हाँ सर बोलिए
14:33क्या ये क्रूरा के बारे में है
14:36ड्रैकन ने उसे घूर कर देखा और बोला
14:38मैंने कहा था ना विराज इस मामले को देख रहा है
14:42फिलाल मैं तुम से कोई और बात करना चाहता हूँ
14:45नील थोड़ा घबरा गया
14:47तब ही ड्रैकन आगे बोला
14:48अब तुम्हारी और शेरी की सगाई में ज़्यादा वक्त नहीं रह गया है
14:52मुझे उमीद है कि तुम तब तक थर्ड लेवल क्रोस करने में काम्याब हो जाओगे
14:56नील मुस्कुरा कर बोला
14:58मैं पूरी मेनत कर रहूं सर
15:00इस उनका ड्रैकन बोला
15:02फिर ठीक है
15:03आज हम तुम्हारी दादी से मिलकर उन्हें सच बताएगे
15:07क्या तुम चाहो तो
15:09खुद उन्हें बता सकते हो
15:10क्योंकि अब इस मामले को ज्यादा दिनों तक उनसे चुपाना ठीक नहीं है
15:14रैकन ने जैसे नील को अल्टिमेटन दिया था
15:18नील घबरा गया
15:19कैसे बताएगा नील दादी को ये सच
15:23क्या क्रूरा खेलने जा रहा था कोई बड़ा खेल
15:27नील की जिंदगी के साथ
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