00:00आज नात लगने वाले चंद्रक्रहन के कारण वारांसी में मा गंगा की आरती की परंपरा में भी बदलाव करना पड़ा।
00:30अंद्रक्रहन भले ही रात दस बजी से लग रहा हो। लेकिन सूतक काल दोपहर बात से ही शुरू होने के कारण दसा सुमेद घाट के साथ ही अस्सी घाट पर मा गंगा आरती दोपहर में कराई गई। इसके साथ ही तमाम मंद्रों के कपाड भी बंद कर दिये गए।
00:46वह उत्राखंड के हरिद्वार में भी हरी की पैड़ी पर दोपहर के समय मा गंगा की आरती की गई। जिसमें कई लोग शामिल हुए। यहां भी लोग का कहना था कि सूतक काल की वज़ा से ये आरती दोपहर में की गई है।
00:58नौ घंटे पूरु जो है सूतक काल प्राणाम हो जाता है। जिसको द्रश्टिकत रखते हुए बारा सत्तावन से मंदिरों के कपाड बंद कर दिये गए हैं।
01:27और इसी कारण से साड़े बारा बजे मागंगा की जो साइक आलीन आरती है वो सूतक काल से पहले की गई है।
01:33पालकियां जो हैं अपने नियमित स्थान पर पहुंच चुकी हैं। और अब मंदिरों के कपाड बंद होने के अपान।
01:38कल सुबह प्रात कालीन मागंगा की आरती के लिए मंदिरों के कपाड खुलेंगे मागंगा की आरती होगे और भगवान शिवका विशिवका विशिवका
01:45इस बीच जो भी शंडालोय मागंगा में सनान कर सकते हैं, भगवान का नाम करें, नाम-जब करें, जो भी धार में पुस्तक का वह पठन करें, और ये ग्रहन काल पुर्न हो जाने के उपरान, वो अपना गंगा जल से अपने घर को शिद गरें, सनान करें, पुनब अपना �
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