Anant Chaturdashi Kab Hai 2025: हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है. यह पर्व गणेश उत्सव के दसवें दिन यानी गणपति विसर्जन के साथ ही मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना करने और व्रत रखने से अनंत आशीर्वाद प्राप्त होता है. भक्त 14 गांठों वाला “अनंता धागा” धारण करते हैं, जो समृद्धि और संकट निवारण का प्रतीक है.Anant Chaturdashi Kab Hai 2025: Puja Muhurat,Kis Bhagwan Ki Puja Kare | Date & Time
Anant Chaturdashi Kab hai 2025: The day of Anant Chaturdashi is considered very auspicious in Hinduism. This festival is celebrated on the tenth day of Ganesh Utsav i.e. along with Ganpati Visarjan. It is believed that by doing special worship of Lord Vishnu and fasting on this day, one gets infinite blessings. Devotees wear the "Ananta thread" with 14 knots, which is a symbol of prosperity and troubleshooting.
00:06मित्रों आज आप से चर्चा करते हैं भाद्र प्रदमास के शुक्ल पक्ष की चतुरदशी तिथी जिस तिथी पर अनन्त चौदस का पावन वृत मनाया जाता है और आज के ही दिन गणेश जी का बिसरजन भी कर दिया जाता है
00:24और अनन्त भगवान के पावन धागे में 14 गाठ लगा हुआ धागा उसका पूजन किया जाता है और पूजन करने के बाद में पूरुष बर्ग अपने सीधे हाथ की बाजू पर और मात्र बर्ग अर्थात इस्त्रियों को महिलाओं को उल्टे हाथ की बाजू पर उस धाग
00:54अनन्त चत्रजशी की प्रारंब की अगर हम चर्चा करें तो 5 सितंबर 2025 को प्राता एक बच करके 7 मिनट पर प्रारंब हो रही है और चत्रजशी तिथी की शमापती 6 सितंबर 2025 को रात में 11 बच करके 2 मिनट पर अनन्त चत्रथी की पूर्ती हो रही है
01:15इसलिए अनन्त चतुरदशी का पावन पूजन हम और आप सभी लोग 6 सितंबर को ही मनाएंगे और भगवान विष्णू की क्रपा हमारे और आपके उपर बनी रहे अनन्त पदमनाब भगवान का पूजन करेंगे और उनके पूजन को करने के बाद अपने बाजू पर वह पर
01:45से ब्राम्हण को बड़ा ही दुख हुआ था जो घर परिवार में सुक्षुविधाय थी आनन्द था सारा का सारा शमाप्त हो गया था ब्राम्हण ने और ब्राम्हण पत्नी ने मिलकर के 14 वर्षों तक अनन्त भगवान का पूजन किया तब जाकर के उन्हें समस्त प्रकार
02:15जो धागा होता है चौदा गाठ वाला धागा बनाएं कैसे हल्दी और कुम्त से रंगा हुआ यह धागा और उसमें चौदा गाठ बंदी हुई ब्राम्हण इत्यादी से भी बनवा सकते हैं और सोयम अपने घर पर भी बना सकते हैं कलस मूर्ति की स्थापना भी आपको करन
02:45मिठाई है पंचामरत है चड़ाना होता है और विश्ट्म भगवान के सहस्त्र या अनंत अश्टोत्तर सत नामावली का पाठ करना होता है ब्राम्हणों को मीठे पूए का दान करना चाहिए आज के दिन जरूरत मंदों को दक्षणा देनी चाहिए ब्राम्हणों को प्रसन
03:15कराना चाहते हैं तो आप शंपर कर सकते हैं मैं मिलता हूँ पूरा एक नई वीडियो में तब तक के लिए दीजिए इजाज़त जैमा तादी जैमा गंगे
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