#dayan #mehwishhayat #ahsankhan
Dayan Episode 55 - [Eng Sub] - Mehwish Hayat - Ahsan Khan - Hira Mani - 1st September 2025 - Har Pal Entertainment
Hello I am a Voice over Artist, I'll give you Pakistani Drama Reviews and Exclusive discussion about dramas, if you want to follow me then Subscribe to my YouTube channel Reviews with Aisha and Stay updated.
Copyright Disclaimer:
The Use Of This Title and pictures Given In This Video Under The Fair Usage Policy For Review Of Drama That Allows To Use For Comments, Entertainment And Positive Criticism Purpose Qualifies As Fare Use Under US Copyright Law Because These Are
1) Non Commercial
2) Transformative In Nature
3) Does Not nagetively influenced The Original Content
Copyright Disclaimer Under Section 107 of the Copyright Act 1976, remittance is made for "reasonable use" for purposes like analysis, remark, news revealing, educating, grant, and exploration. Reasonable use is a utilization allowed by copyright resolution that may some way or another be encroaching. Non-benefit, instructive or individual use influences the situation for reasonable use.
#dayanepisode55
#drama
#review
@HarPalGeoOfficial
Dayan Episode 55 - [Eng Sub] - Mehwish Hayat - Ahsan Khan - Hira Mani - 1st September 2025 - Har Pal Entertainment
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FunTranscript
00:00बना के कमाशा जो हसते रहे उने अब कमाशा बनाया जाएगा
00:30जवार मुझे नहीं पते से ये कैसे किया है जवार अपनी बेहन पर यकीन करो जूट बोल रही है मेरा कोई हुनैन को मैं अपने हातों में पाला है बेटों की तरह मैंने कुछ हुनैन जिद कर रहा था हमने जा रहा था रिष्टा लेने के लिए उससे जिद कर के वो खुद च
01:00आपके भाई की असल मजर्म यह है इन्होंने आपके चहीते भाई को कतल करने की साज़श की
01:08स्वार कसम ले लो, कसम ले लो इसलिए ताकि जायदात का कोई वारस नहीं तो ने शोहर के साथ मिल कर इन्होंने ये साज़श की
01:19सवार गसम काशियों...
01:23मैंने नहीं मारा...
01:25आलbarा अबोला हूनी के लिणा प्हुर सिकेए, सवारा मुकला बंसा मी...
01:31ski अड़ा के अबम काशियों तो पंसा सिकेए, अब रड़ा ...
01:34मैंने ये बोल रहे हैं जवार आपसे अब तक हाकिकत चुप आई जा रहे थी था बड़ा सबूत होने के बाद भी जिसे सफाई से जूड पोल रहे हैं यह जब नहीं आदे तुहें फोज्या
01:50कि खावाउट
01:54किन करो
02:04कि अजिस पर इसकता है तु जूगो की
02:30सबसेश की बजासे टीए
02:31उन्ते ही ने गत्ल हुआ
02:38तुम लो कसुर भायो
02:42सगी बेन
02:44तुम नहीं सोच में सकता था
02:48तुमारे हाथ
02:51हुनेर के खून से रखे वे
02:53मेरे भाई के खून से
02:57तुम सब लोग ने मिलकर उसको बारा था
03:01तुम लेकम दोस्तों
03:22डाइन ड्रामे की नहीं आने वाली एपिसोड के नए रवियू के अंदर
03:26तमाम के तमाम दोस्तों को खुश आहम देद
03:28इस रवियू की शरुआत में हमें डाक्टर साहब को दिखाया जाता है
03:34जो के अपनी सोचों में गुम होता है
03:37उसे वो ख्यालात आ रहे होते हैं
03:40जब उसकी जवान बेटी की लाश उसके सामने आती है
03:44और एमबुलेस पर उसे रसीव करने के लिए आते है
03:48और डाक्टर साहब अपनी बेटी के मुझे खवण उतार कर उसे देख रहे होते है
03:54कि भी मेरी कितनी प्यारी बेटी है और अब वो इस दुनिया में नहीं रही
04:00वो एक सदमे में चला जाता है
04:02अगले स्रीन में हमें दिखाया जाता है कि डाक्टर साहब गाड़ी में बेटे हुए होते है
04:06और उसने हाथ में मुबाइल पकड़ावा होता है
04:10और वो किसी की वीडियो बना रहा होता है
04:13दर असल वो वीडियो उसकी बना रहा होता है
04:16जिसने मिशा को यानि के डाक्टर की बेटी मिशा को गतल किया था
04:21उसकी वीडियो बना रहा होता है
04:24और वो गाड़ी को में रोड़ के उपर पार्क करने के बाद
04:30एक दूसरे के साथ खेलते-खेलते, आगे बढ़रे होते हैं
04:34और डक्टर साह मुसलसल दवी नजरों के साथ उन्हें धेक रहा ह होता है
04:39उनकी पहचान कर रहा होता है
04:42तरह असल डक्टर सहब उनसे इntकام लेना चाहता है, अपनी बेटी का
04:48اور یہ انتقام
04:50صرف اور صرف
04:51کوئی اور نہیں بلکہ
04:52مشا انتقام لے گی
04:54یعنی کہ زوار شاہ کی بیگم
04:57یعنی کہ ڈاکٹر صاحب
04:59نے اسے اپنی اب بیٹی بنا لیا ہے
05:01اور اسے کی سرجری کی تھی
05:03اور اب اس کو نیا نام دیا ہے
05:05مشا یعنی کہ اپنی بیٹی کا نام
05:07اسے دے دیا ہے
05:08تو یہی جو ہے
05:10وہ اسے نام دے دیتا ہے
05:12اور اب مشا جو ہے ان لڑکوں سے
05:15ان کا انتقام لے گی
05:17कि उन्होंने किस तरह से डाक्टर साहब की बेटी को इस दुनिया फानी से रुकसब किया
05:23अगले सीन में दोस्तो हमें जवार शा को दिखाया जाता है जो के अपने डेरे के अंदर वेठावा होता है
05:30और चार चुफेरे मसके चारों तरफ जो है वो गार्जी गार्ज कड़े होesterol होते हैं और रात का वक्त होता है
05:38और वहां पर कुछ जिमिदार और कुछ वहां पर जो हैं लोग आयोती हैं वहां पर कोई इह आहम मेटे या एहम फैसला चडह रहा होता है
05:51जवार्शाओ के पास वो एक फैसला लेकर आये होते हैं
05:56यहां पर जो जवार्शाओ का सक्त्री होता है
06:00वो कहता है जवार्शाओ स�हाओ जो आमर्शाओ हैं
06:04उनोंने इस बिचारे मजदूर का हक रोक के रखा हुआ है
06:09इसकी जमीन के उपर कब्जा किया हुआ है
06:12और इसके कागजात को जो है इसने अपने पास हड़प करके रखा हुआ है
06:17तो इस विचारे ने अपनी बेटी का देहज बनाना है
06:21उसकी शादी करनी है जवान बेटी है
06:23तो साइन मैं चाहता हूँ कि आप इसके कागजात इसे वापस लुटा दे
06:29तो यहां पर जवाजशा कहता है देखो मेरी बात सुनो कोई भी शक्स किसी गरीब का हक खा कर या किसी गरीब के उपर जलम कर के कभी खुश नहीं रह सकता और नहीं कभी उसे खुशी मिलेगी
06:42इसलिए तुम जल्दी से इसके काखजाद जो हैं इसे वापस कर दो और ये जाए और अपनी बेटी की शादी करे उसका देहेज अकटा करे हम इसकी जिमीर वैसे भी नहीं रखना चाहते हैं ये गरीब इनसान है तो इसके बाद जो है वो काखजाद ले लेता है और वहां से �
07:12तो इसके बाद वहाँ से उठकर चले जाते हैं अईसरे दुराएं जो एर चाह के तरफ मुझे काल आ जाती है तो यहां पर जवारिशा कहता है जाता है मुझे कैसे पता चल जाता है कि मैं तुम्हें याद कर रहा हूं तो मुझे जाती है
07:29बस जवारशा समझ लें बस मुझे पता चल जाता है
07:34तो यहां पर जवारशा पुछता है
07:37हामिशा बताओ खेरियत से काल की थी कोई काम है
07:40तो जवारशा की बात सुनकर मिशा कहती है
07:43जवारशा मैं घर में अकेली हूँ
07:48और हुनायन बाबा जो है वो रोई जा रहे रोई जा रहे उसकी तबीयत मुझे ठीक नहीं लाग रही पता नहीं उसे क्या है
07:56तो इसलिए मैं आपसे ये पूछ रहा चाती थी क्या मैं हुनायन बाबा को डाक्टर साहब के घर ले जाओं
08:04यहां पर मैं अकेली हूँ और कोई है भी नहीं आपको भी यहां पर आने में काफी टाइम लगेगा आपके आने में वक्त दरकार है तो क्यों ना मैं इसे डाक्टर साहब के पास ले जाओं
08:19तो यहां पर जवार शाह कहता है मिशा क्या हुआ हुनायन को तुम ने मुझे काल करने की जहमत क्यों की थी तुम खुद लेकर चली जाती एक तो डाक्टर साहब के घर से हुआती और दूसरा जो हुनायन को भी उनसे के पास ले जाती और चेक अप करवा लेती यह तो बह�
08:49मैंने आप से इजादत लेनी थी और अब मैं उनके घारत चली जाओंगी और उनने को भी चेक अप करवा कर ले आओंगी और मैं भी वह से होकर आ जाओंगी तो यहां पर जवार शाह कहता है हां मुझे तो आने में अभी तक दो चार दिन लग जाएंगे इसलिए तुम जा
09:19मिशा जो है बहुत ही शिद्दद से आपको याद कर रही है आपको बहुत चाह रही है आप जल्द आ जाएं तो यहां पर जवार शाह कहता है अगर मुझे मजबूरी ना होती तो मैं एक पल भी यहां ना रुकता मैं अपनी मिशा के पास आ जाता अब मजबूरी है इसलि�
09:49साथ इस रिवियू का यहीं पर रिक्ताम हो जाता है अगर दोस्तों मारी वीडियो अच्छी लगिए तो इसको लाइक करें मारे चैनल को सब्सक्राइब करें आप सब दोस्तों का बहुत बहुत शुक्रिया अल्ला हाफीज
09:59असलम लेकम दोस्तों डाइन ड्रामे की नहीं आने वाली एपिसोड के नए रिवियू के अंदर तमाम के तमाम दोस्तों को खुश आम देद इस रिवियू की शरुआत में हमें डाक्टर साहिब को दिखाया जाता है जो के अपनी सोचों में गुम होता है
10:16उसे वो ख्यालात आ रहे होते हैं जब उसकी जवान बेटी की लाश उसके सामने आती है और एमबुलेस पर उसे रसीव करने के लिए आते हैं
10:28और डाक्टर साहब अपनी बेटी के मुह से खफ़ण उतार कर उसे देख रहे होते हैं कि भी मेरी कितनी प्यारी बेटी है और अब वो इस दुनिया में नहीं रही वो एक सदमे में चला जाता है
10:41अगले स्रीन में हमें दिखाया जाता है कि डाक्टर साहब गाड़ी में बेटे हुए होते हैं और उसने हाथ में मुबाइल पकड़ा होता है और वो किसी की वीडियो बना रहा होता है जिसने जो है मिशा को यानि के डाक्टर की बेटी मिशा को कतल किया था उसकी वीडियो �
11:11ठीलते आगे बाढ़े होते हैं । ढक्तर साहम सलसल दबी नजरों के साथ उन्हें देख रहा हुता है। उनकी पैचान कर रहा होता है। तर असल डाक्तर सहाब, उन से उन्टाम लेना चाता है अपनी बेटी का। और ये उन्टाम सिरफ और सिरफ कोई और नहीं बलके।
11:33यानि के जवारशा की बेगम यानि के डाक्टर साहब ने उसे अपनी बेटी बना लिया है और उसे की सरजरी की थी और अब उसको नया नाम दिया है मिशा यानि के अपनी बेटी का नाम उसे दे दिया है तो यही जो है वो उसे नाम दे देता है और अब मिशा जो है इन लड�
12:03हमें जवार्शा को दिखाया जाता है
12:05जो के अपने
12:07डेरे के अंदर वैठावा होता है
12:09और चार चुफेरे
12:11उसके चारों तरफ जो है
12:13वो गार्डजी गार्डज
12:15खड़े होए होते हैं और रात का वक्त
12:17होता है और वहां पर
12:19कुछ जिमिदार
12:21और कुछ वहां पर
12:23जो हैं लोग आए होए होते हैं
12:25वहां पर कोई
12:26अहम मीटिक या अहम फैसला
12:29चर रहा होता है
12:30जवार्शा के पास
12:33वो एक फैसला लेकर आए होते हैं
12:35यहां पर
12:37जो जवार्शा का सक्ति होता है
12:39वो कहता है जवार्शा साहब
12:41जो आमर्ज साहभ हैं उन्होंने इस बिचारे मजदूर का हक रोक के रखा वा है
12:48इसके जमीन के ओपर गब्जा किया।
12:51और इसके काखजात को जो है इसने अपने पास हड़प करके रखा हुआ है
12:56तो इस बिचारे ने अपनी बेटी का देज़ बनाना है
13:00उसकी शादी करनी है जवान बेटी है तो साइं मैं चाहता हूँ कि आप इसके काखजात इसे वापस लुटा दे
13:08तो यहां पर जवाजशा कहता है देखो मेरी बात सुनो कोई भी शक्स किसी गरीब का खा कर या किसी गरीब के उपर जलम कर के कभी खुश नहीं रह सकता और नहीं कभी उसे खुशी मिलेगी इसलिए तुम जल्दी से इसके काखजात जो हैं इसे वापस कर दो और यह जाए औ
13:38यह गरीब इनसन है तो इसके बाद जो है वो ऐसंसे झाल ले ले लेता है और वहां से चला जाता है फिर जवारेशा की काल आ जाती है
14:00तो यहां पर जवारशा कहता है मिशा तुम्हें कैसे पता चल जाता है कि मैं तुम्हें याद कर रहा हूँ तो मिशा कहती है बस जवारशा समझ लें बस मुझे पता चल जाता है तो यहां पर जवारशा पुछता है हाँ मिशा बताओ खेरियत से काल की थी कोई काम है तो जव
14:30रोई जा रहे उसकी तबीयत मुझे ठीक नहीं लाग रही पता नहीं उसे क्या है
14:35तो इसलिए मैं आपसे ये पूछ रहा चाती थी क्या मैं उनन बाबा को डाक्टर साथ के घर ले जाओं
14:43यहां पर मैं अकेली हूँ और कोई है भी नहीं आपको भी यहां पर आने में काफी टाइम लगेगा आपके आने में वक्त दरकार है तो क्यों ना मैं इसे डाक्टर साहब के पास ले जाओं
14:58तो यहां पर जवार शाह कहता है मिशा क्या हुआ हुआ हुआ हुनान को तुम ने मुझे काल करने की जहमत क्यों की थी तुम खुद लेकर चली जाओ थी एक तो डाक्टर साहब की घर से हुआ थी और दूसरा जो है हुनान को भी उनसे के पास ले जाती और चैक अप करवा �
15:28आपसे इजादत लेनी थी और अब मैं उनके घारत चली जाओंगी और हुने इनको भी चेकम करवा कर ले आओंगी और मैं भी वह से होकर आ जाओंगी तो यहां पर जवारशा कहता है हां मुझे तो आने में अभी तक दो चार दिन लग जाएंगे इसलिए तुम जाओ और उ�
15:58मिशा जो है बहुत ही शिदत से आपको याद कर रही है आपको बहुत चाह रही है आप जल्द आ जाएं तो यहां पर जवारशा कहता है अगर मुझे मजबूरी ना होती तो मैं एक पल भी यहां ना रुकता मैं अपनी मिशा के पास आ जाता अब मजबूरी है इसलिए मिश
16:28साथ इस रिवियू का यहीं पर एक्ताम हुजाता है अगर दोस्तों मारी वीडियो अच्छी लगी है तो इसको लाइक करें मारे चैनल को सब्सक्राइब कर आप सब दोस्तों का बहुत बहुत बहुत शुकरिया अल्ला हाफीज
16:38असलम लेकम दोस्तों डाइन ड्रामे की नहीं आने वाली एपिसोड के नए रिवियू के अंदर तमाम के तमाम दोस्तों को खुश आम देद इस रिवियू की शरुआत में हमें डक्टर साहिब को दिखाया जाता है जो के अपनी सोचों में गुम होता है
16:55उसे वो ख्यालात आ रहे होते हैं जब उसकी जवान बेटी की लाश उसके सामने आती है और एमबुलेस पर उसे रसीव करने के लिए आते हैं
17:07और डक्टर साहब अपनी बेटी के मुह से खफ़ण उतार कर उसे देख रहे होते हैं कि भी मेरी कितनी प्यारी बेटी है और अब वो इस दुनिया में नहीं रही वो एक सदमे में चला जाता है
17:20अगले स्सीन में हमें दिखाया जाता है कि डक्टर साह गाड़ी में बेठे होे होते हैं और उसने हात में मुबाइल पकड़ा होता है और वो किसी की वीडियो बना रहा होता है
17:47करने के बाद एक दूसरे के साथ खेलते खेलते आगे बढ़ रहे होते हैं और डाक्टर साहम सलसल दभी नदरों के साथ उन्हें देख रहा होता है उनकी पहचान और रहा होता है तर अशल डाक्टर सहाब उन
18:03से इंतकाम लेना चाहता है अपनी बेटी का और ये इंतकाम सिर्फ और सिर्फ कोई और नहीं बलके मिशा इंतकाम लेगी यानि के जवार शा की बेगम यानि के डाक्टर सहब ने उसे अपनी बेटी बना लिया है और उसे की सरजरी की थी और अब उसको नया नाम दिया है मिश
18:33से इनका इंतकाम लेगी कि उन्होंने किस तरह से डाक्टर साहब की बेटी को इस दुनिया फानी से रुकस्थ किया अगले सीन में दोस्तों हमें जवार शा को दिखाया जाता है जो के अपने डेरे के अंदर वैठावा होता है और चार चुपेरे उसके चारों तरफ जो है वो
19:03लोग आय वे होते हैं वहाँ पर कोई एहम मीटिक या एहम फैसला चल रहा होता है जवार शाह के पास वे एक फैसला लेकर आय वहते हैं यहां पर जो जवाजशा का सक्ती होता है
19:33पास हड़प करके रखा हुआ है
19:35तो इस विचारे
19:37ने अपनी बेटी का देहज
19:38बनाना है उसकी शादी करनी है
19:40जवान बेटी है तो
19:42साइं मैं चाहता हूँ कि आप
19:44इसके काखजात इसे वापस लुटा दें
19:47तो यहां पर जवार्चा कहता है
19:49देखो मेरी बात
20:03काखजात जो है इसे
20:04वापस कर दो और यह जाए
20:07और अपनी बेटी की
20:10शादी करे उसका देहज
20:12अकटा करे
20:13हम इसकी जिमीर वैसे भी
20:16नहीं रखना चाहते हैं यह गरीब इनसान है
20:18तो इसके बाद
20:20जो है वो काखजात ले ले लेता है
20:22और वहाँ से चला जाता है
20:23फिर जवारशा कहता है
20:24जाओ खाना लाग गया होना है
20:26और महमानों को ले जाओ
20:28और जाकर खाना खिलाओ
20:30तो इसके बाद वो वहाँ से उटकर चले जाते हैं
20:33और इसी दुरान
20:34जवारशा के तरफ
20:36मिशा की काल आ जाती है
20:38तो यहां पर जवारशा कहता है
20:41मिशा तुम्हें कैसे पता चल जाता है
20:43कि मैं तुम्हें याद कर रहा हूँ
20:46तुम्हें मिशा कहती है
20:47बस जवारशा समझ लें
20:50बस मुझे पता चल जाता है
20:52तो यहां पर जवारशा पुछता है
20:55मिशा बताओ
20:56खेरियत से काल की थी कोई काम है
20:58तो जवार शाह की बात सुनकर मिशा कहती है
21:01जवार शाह मैं घर में अकेली हूँ
21:06और हुनायन बाबा जो है
21:07वो रोई जा रहे रोई जा रहे
21:09उसकी तबीयत मुझे ठीक नहीं लाग रही
21:12पता नहीं उसे क्या है
21:14तो इसलिए मैं आपसे ये पूछ रहा
21:16चाहती थी क्या मैं हुनायन बाबा को
21:20डाक्टर साहब के घर ले जाओं
21:22यहां पर मैं अकेली हूँ
21:24और कोई है भी नहीं
21:26आपको भी यहां पर आने में काफी टाइम लगेगा
21:30आपके आने में वक्त दरकार है
21:33तो क्यों न मैं इसे डाक्टर साहब के पास ले जाओं
21:38तो यहां पर जवार शाह कहता है
21:40मिशा क्या हुआ हुनैन को
21:43तुम ने मुझे काल करने की जहमत क्यों की थी
21:47तुम खुद लेकर चली जाती
21:49एक तो डाक्टर साहब के घर से हुआती
21:51और दूसरा जो है
21:53हुनین को भी उनके पास ले जाती और चेक अप करवा लेती यह तो बहुत अच्छी बात थी
22:00तो यहां पर जो मिशा वो कहती है जवार शाहा बस मैंने आप से अजादत लेनी थी
22:09और अब मैं उनके गारत चली जाओंगी और हुने को भी चेक अप करवा कर ले आओंगी
22:16और मैं भी वह से होकर आजाओंगी तो यहां पर जवार शाह कहता है हाँ मुझे तो आने में अभी तक दो चार दिन लग जाएंगे
22:26इसलिए तुम जाओ और उदर से हो आओ कोई मसले वाली बात नहीं है तो यहां पर जो मिशा है वो जवार शाह से कहती है
22:36जवार शाह आपकी मिशा जो है बहुत ही शिदत से आपको याद कर रही है आपको बहुत चाह रही है आप जल्द आ जाएं तो यहां पर जवार शाह कहता है अगर मुझे मजबूरी ना होती तो मैं एक पल भी यहां ना रुकता मैं अपनी मिशा के पास आ जाता अब मजब
23:06आई दोस्तो इसी सीर के साथ इस रिवियू का यहीं परिक्ताम हो जाता है अगर दोस्तों मारी वीडियो अच्छी लगिए तो इसको लाइक करें मारे चैन को सबस्क्राइब करें आप सब दोस्तों का बहुत बहुत शुक्रिया अल्ला हाफीज
23:17असलम लेकम दोस्तो डाइन ड्रामे की नहीं आने वाली एपिसोड के नए रिवियू के अंदर तमाम के तमाम दोस्तों का खुश आम देद इस रिवियू की शरुआत में हमें डाक्टर साहिब को दिखाया जाता है जो के अपनी सोचों में गुम होता है
23:34उसे वो ख्यालात आ रहे होते हैं जब उसकी जवान बेटी की लाश उसके सामने आती है और एमबुलेस पर उसे रसीव करने के लिए आते हैं
23:46और डाक्टर साहब अपनी बेटी के मुह से खफ़ण उतार कर उसे देख रहे होते हैं कि भी मेरी कितनी प्यारी बेटी है और अब वो इस दुनिया में नहीं रही वो एक सदमे में चला जाता है
23:59अगले स्रीन में हमें दिखाया जाता है कि डाक्टर साहब गाड़ी में बेटे हुए होते हैं और उसने हाथ में मुबाइल पकड़ावा होता है और वो किसी की वीडियो बना रहा होता है दर असल वो वीडियो उसकी बना रहा होता है जिसने जो है मिशा को यानि के डाक्ट
24:29खेलते आगे बाढ़ रहे हوتे हैं और डप्टर साहब मसलसल दबी नज़रों के साथ उने देख रहा होता है उनने की पैचान कर रहा होता है तर असल डप्टर सहाब उनसे उन्तगाम लेना चाहता है अपनी बेटी का
24:44और ये इन्तकाम सिरफ और सिरफ कोई और नहीं बलके मिशा इन्तकाम लेगी
24:51यानि के जवारशा की बेगम यानि के डाक्टर सहब ने उसे अपनी बेटी बना लिया है
24:58और उसे की सरजरी की थी और अब उसको नया नाम दिया है मिशा
25:03यानि कि अपनी बेटी का नाम उसे दे दिया है
25:05तो यही जो है वो उसे नाम दे देता है
25:09और अब मिशा जो है इन लड़कों से इनका इंतकाम लेगी
25:14कि उन्होंने किस तरह से डक्टर साहब की बेटी को इस दुनिया फानी से रुकसब किया
25:20अगले सीन में दोस्तों हमें जवार शाह को दिखाया जाता है
25:23जो के अपने डेरे के अंदर वैठावा होता है
25:27और चार चुपेरे उसके चारों तरफ जो है वो गार्ड्स ही गार्ड्स खड़े होए होते हैं
25:34और रात का वक्त होता है और वहां पर कुछ जीमिदार और कुछ वहां पर जो हैं लोग आयोगे होते हैं
25:43वहां पर कोई अहम मीटिक या अहम फैसला चर रहा होता है
25:48जवार शाह के पास वो एक फैसला लेकर आयो होते हैं
25:53यहां पर जो जवार्शाव का सकत्री होता है,
25:57वो कहता है जवार्शाव साहब,
25:59जो आमर्शाव हैं, उनोंने इस विचावे मजदूर का हक रक्रोक के रखा हुआ है,
26:06इसके जमीन के ऊपर कब्सा किया ही है
26:09और इसके कागजात को जो है इसने अपने पास हड़प करके रखा हुआ है
26:14तो इस विचारे ने अपनी बेटी का देहज बनाना है
26:18उसकी शादी करनी है जवान बेटी है
26:20तो साइन मैं चाहता हूँ कि आप इसके कागजात इसे वापस लुटा दे
26:26तो यहां पर जवार्चा कहता है देखो मेरी बात सुनो कोई भी शक्स किसी गरीब का हक खा कर या किसी गरीब के उपर जलम कर के कभी खुश नहीं रह सकता और नहीं कभी उसे खुशी मिलेगी
26:39इसलिए तुम जल्दी से इसके काखजाद जो हैं इसे वापस कर दो और ये जाए और अपनी बेटी की शादी करे उसका देहेज अकटा करे हम इसकी जिमीर वैसे भी नहीं रखना चाहते हैं ये गरीब इनसान है तो इसके बाद जो है वो काखजाद ले लेता है और वहां से �
27:09तो इसके बाद वो वहां से उटकर चले जाते हैं और इसी दुरान जोहरशा के तरफ मिशा की काल आ जाती है तो यहां पर जोहरशा कहता है मिशा तुम्हें कैसे पता चल जाता है कि मैं तुम्हें याद कर रहा हूं तो मिशा कहती है बस जोहरशा समझ लें बस मुझे पता
27:39कर मिशा कहती है जवर्शा मैं घर में अकेली हूँ और हुनायन बाबा जो है वो रोई जारे रोई जारे उसकी तबियत मुझे ठीक नहीं लाग रही पता नहीं उसे क्या है तो इसलिए मैं आप से ये पूछ रहा चाती थी क्या मैं हुनायन बाबा को डाक्टर साब के घर ले
28:09आपके आने में वक्त धरकार है तो क्यों ना मैं इसे डाक्टर साहब के पास ले जाओं तो यहां पर जवार्शा कहता है मिशा क्या हुआ हुनायन को तुम ने मुझे काल करने की जहमत क्यों की थी तुम खुद लेकर चली जाती एक तो डाक्टर साहब के घर से हुआती और
28:39तो यहां पर जो मिशा कहती है जवार शाहा बस मैंने आप से अजादत लेनी थी
28:48और अब मैं उनके घारत चली जाऊंगी और उन्हें इनको भी चेकप करवा कर ले आँगी
28:55और मैं भी वह से होकर आ जाऊंगी
28:59तो यहां पर जवारशा कहता है हाँ मुझे तो आने में अभी तक दो चार दिन लग जाएंगे इसलिए तुम जाओ और उदर से हो आओ
29:08कोई मसले वाली बात नहीं है तो यहां पर जो मिशा है वो जवारशा से कहती है
29:15जवारशा आपकी मिशा जो है बहुत ही शिदद से आपको याद कर रही है आपको बहुत चाह रही है आप जल्द आ जाएं तो यहां पर जवारशा कहता है अगर मुझे मजबूरी ना होती तो मैं एक पल भी यहां ना रुकता मैं अपनी मिशा के पास आ जाता अब मजबूर
29:45आई दोस्तो इसी सीर के साथ इस रिवियू का यहीं पर रिक्ताम हो जाता है अगर दोस्तो मारी वीडियो अच्छी लगी है तो इसको लाइक करें मारे चैनल को सबस्क्राइब करें आप सब दोस्तों का बहुत बहुत शुक्रिया अल्ला हाफीज
29:56असलम लेकम दोस्तो डाइन ड्रामे की नहीं आने वाली एपिसोड के ने रिवियू के अंदर तमाम के तमाम दोस्तों को खुश आम देद इस रिवियू की शरुआत में हमें डाक्टर साहिब को दिखाया जाता है जो के अपनी सोचों में गुम होता है उसे वो ख्यालात आरे
30:26साहब अपनी बेटी के मुह से खफ़ण उतार कर उसे देख रहे होते हैं कि भी मेरी कितनी प्यारी बेटी है और अब वो इस दुनिया में नहीं रही वो एक सदमे में चला जाता है अगले सीन में हमें दिखाया जाता है कि डाक्टर साहब गाड़ी में बैठे हुए होते है
30:56प्रिशा को कतल किया था उसकी वीडियो बना रहा होता है और वो जो हैं गाड़ी को में रोड़ के उपर पार करने के बाद एक दूसरे के साथ खेलते खेलते आगे बाढ़ रहे होते हैं और डाक्टर साहब सलसल दबी नजरों के साथ उन्हें देख रहा होता है उनकी पह�
31:26और सिर्फ कोई और नहीं बलके मिशा इंतकाम लेगी यानि के जवारशा की बेगम यानि के डाक्टर साहब ने उसे अपनी बेटी बना लिया है और उसे की सरजरी की थी और अब उसको नया नाम दिया है मिशा यानि के अपनी बेटी का नाम उसे दे दिया है तो यही जो है
31:56तो इस दुनिया फानी से रुक्सप किया
31:59अगले सीन में दोस्तों हमें जवार शा को दिखाया जाता है
32:02जो के अपने डेरे के अंदर बैठावा होता है
32:06और चार चुपेरे उसके चारों तरफ जो है
32:10वो गार्ड्सी गार्ड्स खड़े होते हैं
32:13और रात का वक्त होता है
32:14और वहां पर कुछ जीमिदार और कुछ वहां पर जो हैं लोग आयोए होते हैं
32:22वहां पर कोई अहम मीटिक या अहम फैसला चर रहा होता है
32:27जवार शाह के पास वो एक फैसला लेकर आयो होते हैं
32:32यहां पर जो जवार शाह का सक्तित होता है
32:36वो कहता है जवार सिशाथ साहब जो आमर साहब हैं उन्होंने इस बिचारे मजदूर का हक रोक के रखा हुआ है
32:45इसके जमीन के उपर कब्जा किया हुआ है और इसके कागजात को जो है इसने अपने पास हड़प करके रखा हुआ है
32:53तो इस विचारे ने अपनी बेटी का देहज बनाना है उसकी शादी करनी है जवान बेटी है तो साइं मैं चाहता हूँ कि आप इसके काखजात इसे वापस लुटा दें
33:05तो यहां पर जवाजशा कहता है देखो मेरी बात सुनो कोई भी शक्स किसी गरीब का हक खा कर या किसी गरीब के उपर जलम कर के कभी खुश नहीं रह सकता और नहीं कभी उसे खुशी मिलेगी इसलिए तुम जल्दी से इसके काखजात जो हैं इसे वापस कर दो और यह जाए
33:35यह गरीब इनसान है तो इसके बाद जो है वो काखजात ले ले लेता है और वहां से चला जाता है फिर जवारशा कहता है जाओ खाना लाग्या होना है और महमानों को ले जाओ और जाकर खाना खिलाओ तो इसके बाद वहां से उटकर चले जाते हैं और इसी दुरान जवार
34:05कहती है बस जवार्शा समझ लें बस मुझे पता चल जाता है तो यहां पर जवार्शा पुछता है हामिशा बताओ खेरियत से काल की थी कोई काम है तो जवार्शा की बात सुनकर मिशा कहती है जवार्शा मैं घर में अकेली हूं और हुनायन बाबा जो है वो रोई जा रहे र
34:35चाति थी क्या मैं हुनेन बाबा को डाक्टर साफ के घर ले जाओं,
34:40यहाँ पर मैं अगेली हूं और कोई हैं भी नहीं,
34:44आपको भी यहाँ पर आने में काफी टाइम लगेगा,
34:48आपके आने में वक्त दरकार है,
34:51तो क्योंdock न मैं इसे डाक्टर साहब के पास ले जाओू
34:56तो यहां पर जो अबसवार शाय कहता है मिशा क्या हुआ हुआ हुनायन को
35:01तुम ने मुझे काल करने की जहमत क्यों की थी
35:05तुम खुत लेकर चली जाथी
35:07एक तो डाक्टर साहब के घर से हुआ थी
35:09और दूसरा जो है उनेन को भी उनसे के पास ले जाती और चैक अप करवा लेती यह तो बहुत अच्छी बात थी
35:18तो यहां पर जो मिशा वो कहती है जवार शाहा बस मैंने आपसे इजादत लेनी थी
35:27और अब मैं उनके घार चली जाओंगी और उनेन को भी चैक अप करवा कर ले आओंगी और मैं भी वह से होकर आ जाओंगी
35:38तो यहां पर जवार शाह कहता है हाँ मुझे तो आने में अभी तक दो चार दिन लग जाएंगे इसलिए तुम जाओ और उदर से हो आओ
35:47कोई मसले वाली बात नहीं है तो यहां पर जो मिशा है वो जवार शाह से कहती है जवार शाह आपकी मिशा जो है बहुत ही शिदत से आपको याद कर रही है आपको बहुत चाह रही है आप जल्द आ जाएं तो यहां पर जवार शाह कहता है अगर मुझे मजबूरी ना होती
36:17तो में कब का आपके पास आ चुका होता ये सुनकर मिशा भी खुश हो जाती है रुद्वार श्यावी आज दोस्तों इसी सीर के साथ इस रिव्यू का यहीं परक्ताम हो जाता है अगर दोस्तों मारी वीडियो अच्छी लगी तो इसको लाइक करें मारे चैनल को सब्सक्राइ
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