तेलंगाना में हैदराबाद के चेंगिचेरला अभयारण्य में भारत का पहला बाओबाब पार्क बनाने का सपना फिर से जीवंत हो गया है। दरअसल, अभयारण्य में वन अधिकारियों को प्राकृतिक रूप से पुनर्जीवित 21 पौधें मिले हैं. बाओबाब के पेड़ मूलत: अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और मेडागास्कर में पाए जाते हैं. इनकी अनोखी पहचान इनके विशाल तने हैं. ये पौधे तीन बड़े बाओबाब पेड़ों के पास देखे गए. इन पेड़ों के बारे में माना जाता है कि ये 400 साल से भी ज्यादा पुराने हैं.हैदराबाद में करीब 37 बाओबाब के पेड़ हैं. इनमें से कई स्कूलों और निजी परिसरों में हैं. इन प्राचीन और मजबूत पेड़ों को कीटों और शहरीकरण से बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है. इस नई खोज ने इन दुर्लभ पेड़ों के संरक्षण के लिए एक अभयारण्य बनाने की उम्मीदों को फिर से जगा दिया है.
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