00:00भाद्रपत महा सनातन धर्म में अत्यंत महत्पूर माना जाता है। इस महा में कई प्रमुक्वरत और तेहवार मनाया जाते हैं जसमें गनेश चतूर्ती का पर बेहत महत्व रखता है। गनेश चतूर्ती जो हर साल भाद्रपत महा के शुकल पक्ष की तिथी को मनाया जाती है
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00:49other people who are also known as the king's king shirvan kya kya
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01:35और पहली बार यहाँ पर गणपती पपा की मूर्ती को स्थापित किया।
01:40उस समय लोगों की एक जुटता और संखर्ष का प्रतीक बन गया।
01:44क्योंकि बाजार की मांग पूरी ना होने के बाद भी लोगों ने हार नहीं मानी।
01:49और गणपती पपा की चर्णों में अपनी आस्था रग दी।
01:53दीरे दीरे यहां की गनेश उस्था की लोग्त्रेता बढ़ती गई।
01:57और मुंबई में यह लाल बाक्चा राजा की नाम से प्रसिध हो गया।
02:02कहते हैं कि लाल बाक्चा राजा सिर्फ एक पंडाल का उत्सव नहीं बलके आस्था, विश्वास और एकता का प्रतीक है।
02:11यहां हर साल लाखों लोग बपा से अपनी मनोकामना का आशिरवाद मांगने आते हैं।
02:18यही वचा है कि गरपती बपा का ये स्वरू लाल बाक्चा राजा कहलाता है।
02:24इसलिए लाल बाक्चा राजा को नव साचा गनपती और मन्नत का राजा भी कहा जाता है।
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