00:00देवों में प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की पूजा आर्चना यू तो हम रोज करते हैं। लेकिन भादों मा प्रभु की उपासना के लिए अत्यनत शुब है।
00:30प्रमुख जगों पर भगवान श्री गणेश की प्रतिमा भी अस्थापित की जाती है। और दस दिनों तक पूरे विधी विधान की साथ उनका पूजन किया जाता है।
01:00इसका समापन होगा। यह दिन गणेश मिसर्जन की राम से जाना जाता है।
01:29इसके बाद शुक्लियोग बनेगा। गणेश चतूर्थी के दिन हस्त नक्षत्र प्रता काल से लेकर सुबह छे दवचकर चार मिनड़ तक रहेगा। उसके बाद चित्रा नक्षत्र प्राणा हो रहा है।
01:41गणेश चतूर्थी पर पूजा और मूर्ती अस्थापना शुब मुहुर्त में करे।
01:45सुबह का समय या पंचांग के अनुसार निर्धारी समय सबसे उत्तम है। रात में मूर्ती अस्थापना या पूजा करने से बचना चाहिए क्योंकि यह अशुब माना जाता है।
01:55शुब मुहुर्त में पूजा करने से गणपती की क्रिपा और कारेव में सफलता मिलती है। इस बार गणेश चतूर्थी पर शुब मुहुर्त की बात करें तो।
02:0527 अगस्त को 11 बचकर 45 मिनट से 12 बचकर 55 मिनट तक अभिजित मुहुर्त रहेगा। इस मुहुर्त में गणपती की प्रतिमा की अस्थापना सबसे शुब रहेगी।
02:16इसके साथ ही 27 अगस्त को दोपहर 1 बच कर 49 मिनट से शाम 6 बच कर 5 मिनट तक मुर्द भी शुब है।
02:46इसके साथ नमस्कार।
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