00:00गजाननम भूत गणाद सेवितम कपित जम्वू फल चारु भक्षणम उमाशुतम शोकी बिनाश कारिकम नमामी बिघनेश्वर पाद पंकजम प्यारे मित्रों जैशियराम जैमातादी मित्रों आज आपसे चर्चा करें गणेश चतुर्थी 27 अगस्त दो हजार पचीस दिन �
00:30चतुर्थी के रूप में मनाई जाती है और इस दिन भगवान गणपत गणेश का पूजन करने का बिधान बताया गया है माननेता है कि इसी तिथी का सम्मंद गणेश जी के पावन जन्म के साथ में जुड़ा हुआ है और भगवान गणेश को आज की तिथी अत्यदिक प्
01:00चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है इसी लिए आज के दिन चंद्रमा का दरशन निश्यद माना जाता है इस चतुर्थी को कलंक चौत के नाम से भी जाना जाता है 27 अगस्त 2025 को इस वरत को रखा जाएगा और इस दिन भगवान स्री कृष्ण इसी तिथी पर चंद्रमा
01:30प्राता और शंध्या दोनों शमय भगवान की पावन आर्थी को करना चाहिए।
02:00वैसे तो चतुर्थी तिथी पर चंद्रमा को देख करके अर्ग दिया जाता है परन्तु आज के दिन चंद्रमा बिना देखे ही अर्ग देना चाहिए।
02:30यह कहा था कि भाद्रप्रदमास के शुक्लपक्च की चतुर्थी को जो दर्शन करेगा तुम्हारा उशे मिठ्या कलंक लगेगा और तबी से इसको संकट चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।
02:44हमने आपको बताया कि गणेश दी की पावन चतुर्थी कब है।
02:48चंद्रमा का दर्शन क्यों नहीं करना चाहिए। अधिक जानकारी चाहते हैं तो शंपर करिए।
02:54मैं पुना मिलता हूं नए वीडियो में तब तक के लिए दीजे इजाज़त जैमाता दी जैमागंगे।
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