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00:00:00और पिर अल्लाह ने देखा कि जमी पर आदमी के गुनाह और जुल्म बढ़ गए है
00:00:26और उसके दिल का सोचा हुआ हर ख्याल हर किस्म की बुराई और नुकसान दे सोच पर मुनस्सिर है
00:00:34तब अल्लाह तालाह ने फरमाया मैं उस आदमी को तबाह बरबात कर दूँगा जिसकी तखलीख खुद मैंने की है
00:00:42रूए जमी पर इंसान और हैवान दोनों और रेंगने वाली चीजों और हवा में उड़ते हुए परिंदे जिनके लिए मुझे अफसोस है कि मैंने उन्हें पैदा किया है
00:00:55हुआ है
00:01:25बुछें प्रिछ पिल्ट झाले हना है
00:01:33थार प्रिंट से जदे टुछा प्रिंट
00:01:39इंद हम यारा प्रिंग
00:01:46थारी है
00:01:48अगर मुझे इस बात का इल्म होता कि आप मुझे किस काम में खासीट रहें
00:02:18तो मुझे नहीं लगता कि मैं राजी हो गया होगा
00:02:21अच्छा ये तो बताओ कि ये चीज कितनी बड़ी होगी
00:02:24यही कोई तीन सो हाथ लंबी
00:02:28पचास हाथ चोड़ी
00:02:32और तीस हाथ उची
00:02:37पसम अपने सूखे हुए अंगूर के बागात के लिए सालह साल से ये नहर खोद रहा है
00:02:55मेरा मतलब आप पर शको शुभा करना बिलकुल नहीं था अबाजान मगर बारिश
00:02:59बारिश कहां से
00:03:01आस्मान से पानी मेरे बेटे
00:03:05वो आस्मान से बरसने वाला है
00:03:08और उसकी तहे में छिपे हुए अजीम होज से फवारे निकलेंगे
00:03:13क्यों हमारे अलावा कोई और ऐसी कश्टी नहीं बना रहा
00:03:16मेरा कहने का मतलब है
00:03:18उसमें काफी काम है लेकिन मेरा खयाल है
00:03:20इस तरह हमें एक तो बना ही लेंगे
00:03:22वो अपने जिस्म की नफसानी खौाहिशात के अलावा
00:03:25किसी और चीज़ पर ध्यान ही नहीं दे पाए
00:03:26अच्छा है कि हम लोग इस कश्टी को बनाने में लगे हुए हैं
00:03:30इसलिए हमें कोई बेहुदा खयाल नहीं आता
00:03:32क्या इस लकडे की मचली पर तंदूर भी लगाई जाएंगे
00:03:40वैसे देखा जाए तो आग बहुत खतरनाक हो सकती है
00:03:45तो हम लोग जानवरों के साथ घास खाएंगे
00:03:48वो तमाम पानी जिसकी पेशीन गोई अब बाजान कर रहे हैं
00:03:52उसके होते हुए मुझे नहीं लगता कि आग कोई मसला बन सकती है
00:03:58अच्छा अब बस करूँ चलो काम पर लग जाओ
00:04:08मुझे अखनुक की बहुत याद आ रही है
00:04:19वो वाक्या तो सबको मालूम है अखनुक हमेशा इस तरह बोलता
00:04:26जैसे कि दुनिया जीती जाकती
00:04:32कहा जाता है कि वो पूरा दिन एक फूल की तरफ टक्टकी लगाए देखता रहता
00:04:37कभी वो उस फूल की रंगत पर कुछ कहता
00:04:41कभी उसकी खूपसूरती और नजाकत पर कि जिस तरह उसे बनाया गया है
00:04:48वो कहता अल्ला क्या यकसानियत नहीं होती क्योंकि जिन्दगी का कोई साचा नहीं है
00:04:57तरफ की हर पत्ती हर बादल हर हैवान अलग है
00:05:02हर कोई हत्ता की हर इनसान की शक्ल और सूरत और उसकी शख्सियत
00:05:08वो सब के सब खास है सब के सब
00:05:12नुह मैं जानती हूँ कि अल्ला को तुम्हारा साथ क्यों पसंद है
00:05:16तुम एक शरीफ नफस इनसान हो और नन्ले से फूल पर भी तवज़ह देते हो
00:05:21अल्फिया तुम मेरा फूल तुम इस तरह की बाते हवाओं के दोश पर ना किया करो
00:05:30वरना वो सांस के जरीए मेरे दिल में उतर जाएंगी
00:05:33और मेरी सोच अपने बारे में रुक जाए जितनी की उसे होना चाहिए
00:05:37तुम एक बहुत ही प्यारे और मुकमल शाहर हो
00:05:43सिर्फ वही औरत जो किसी मर्द को प्यार करें वो उसकी गलतियों को हमवार कर सकती है
00:05:49और उसको बहतर बनने पर आमादा कर सकती है
00:05:53ताकि वो उससे ज्यादा से ज्यादा सताइश हासिल करें
00:05:57नुह तुम जानते हो कि मुझे क्या तश्वीश है
00:06:01मुझे नहीं पता, मुझे बताओ
00:06:04हम यहां तक कैसे पहुँचें?
00:06:08इनसान के ख्यालाद शदीद तोर पर नफसानी गुनाह की तरफ हैं
00:06:15तशद्द उनके मुस्तकिल तक्रीब
00:06:18और उनकी आँखें शहवत अंगेजी से कभी दूर नहीं रह सकती
00:06:24मुझे अपने लड़कों की फिक्र है
00:06:28उनके हमले बढ़ते जा रहे हैं, खास तोर पर रात के वाँ
00:06:32उनको अपनी बीवियों की फिक्र है
00:06:37पानी का रेला, मेरे लिए बहुत जल्द नहीं आ सकता
00:06:45अल्लाँ ने अपनी मखलूक को हर मौका अता कर रखा है
00:06:50मैंने इस बारे में कई बार सोचा है
00:06:54क्या है अगर कुछ लोगों को तुम पर भरोसा है
00:06:58अगर वो अपने के पर पच्टावा करें
00:07:01मैं उनको पीछे छोड़ जाने के बारे में सोच भी नहीं सकता
00:07:03लेकिन अल्लाँ तो दिलों का हाल जानता है
00:07:07उसके अलफास बिलकुल उसी तरह के थे
00:07:09कि नूह मैं तुम्हारे साथ
00:07:11एक महाइदा कायम करूँगा
00:07:15और तुम अपनी कश्टी में सवार हो जाओगे
00:07:20तुम तुम्हारे बेटे तुम्हारी बीवी और तुम्हारे बेटों की बीवियां भी
00:07:24सिर्फ यही कश्टी है है ना
00:07:29हाँ सिर्फ यही कश्टी
00:07:41मैं तु सालिह का क्या होगा
00:07:51और तुम्हारे वालिद लामेच
00:07:54वालिद और मैथू सालिह बूड़े हो रहे हमें कुछ इंतजार करके देखना होगा
00:08:04मुझे तु सब सोचकर बहुत डर लग रहा है
00:08:09अल्ला हमारी रहनुमाई फर्माएगा
00:08:13हम वही कर सकते हैं जिसका हुक्म हो
00:08:18प्रूण करके वालिद य हमें तुम्हारे वालिद
00:08:28कि अरुण करो स सब सकते हैं
00:08:37नूह
00:08:51नूह मेरे अजीज दोस्त
00:08:55यकीन नहीं आता है
00:08:58ये तो बिलकुल वैसी है जिसकी हमें जरूर थी
00:09:02एक बड़ी सी कश्टी हमारे आहाते में
00:09:06किसी भी तरह के पानी के मुआफिक वो बहुत उम्दा है
00:09:13मेरे दोस्त बाद आखाद तुम गलत वक्त पर बोल पाते हो
00:09:17नहीं नहीं नूह में वाकई में कोई तजहीग नहीं करना चाहता था मेरे दोस्त
00:09:24लेकिन
00:09:26लो
00:09:28दूर हो जाए नशेबाजों
00:09:31हो हो मस्बूट जवान तुम्हें अपने मूग को संभाल ना होगा
00:09:36अरे क्या कर रहे हो चुप हो जाओ चुप हो जाओ
00:09:41बंद करो ये सब
00:09:42आह ये सब मजाग था
00:09:46बिंताई छोड़ो ये सब खत्म करो
00:09:48अब तुम सुनो
00:09:51तुम्हें इस वक्त उसे नाराज नहीं करना चाहिए था
00:09:55अब वो वापस आने वाला है ठीक अधी रात को
00:09:59और अब वो तुम्हें मार डालेगा
00:10:02विनताई मुझे माफ कर दो
00:10:06दरसल मेरे लड़के ज्यादा काम करके ठक गये है
00:10:15अगे मत बार शोड़ ही
00:10:18कुझते कई के बुझते
00:10:20अगर मुझे रोका नजहाता तो मैं तुम्हें खत्म कर देता
00:10:28बस
00:10:29उसके लिए इतना काफी है
00:10:32फसाम, तुम अपने दोस्तों को लेकर चले जाओ। आज की रात मैं तुम्हारा इस्तक्बाल करूगा।
00:10:44चलो फसाम चलते हैं।
00:10:47हवायफे हमारा इंतजार कर रही होंगी।
00:10:51मैं चला है।
00:11:02मुझे अफसोस है मेरे दोस्त।
00:11:20यह सब शराब की वज़ा से।
00:11:23मैं जानता हूं फसाम।
00:11:32तो अब तुम इस कश्टी को जानवरों से भर देना चाहते हो मेरे दोस्त।
00:12:01मेरे दोस्त।
00:12:02यह अल्ला की मर्जी है मेरे दोस्त।
00:12:05अब यह तो बताओ की और कितने लोग इस कश्टी में समा पाएंगे मेरे दोस्त।
00:12:12बिल्हाल तो मेरे बीवी मेरे तीन बेटे और गालिबन तीन वहुएं।
00:12:19तो यही उम्मीद रखें।
00:12:20तो यही उम्मीद रखें।
00:12:21मैं अपनी बेटी और तुम्हारे बेटे के दर्मियान तालुकात की होसला अफजाही कर रहा हूं।
00:12:40उम्मीद है तुम्हे कोई अतराज नहीं होगा।
00:12:44तुम्हारी बेटी बहुत उम्मदा है फस्ताम।
00:12:48और मुझे इस सफर में उसको शामिल करके बेहत खुशी होगी।
00:12:53हाँ, मैंने उससे बात की है उस जुनूनी सफर के बारे में।
00:13:02उसने शादी करने में रजामंदी दिखाई है।
00:13:06यकीनन वो अपने वालिद की फर्मा बर्दार बेटी है।
00:13:10मैं ऐसी किस्म की लड़की अपने बेटे के लिए चाहता हूँ।
00:13:16नूह ये बताओ।
00:13:18क्या।
00:13:20मैं तौबह करलू तो क्या मुझे कश्टी में कमरा मिलेगा।
00:13:22या मैं बाहर की तरफ लटकता रहूँगा।
00:13:25दुनिया के बाकी मांदा गुनेगारों की तरह।
00:13:28मेरे पास आओ।
00:13:31अब तौबह करूँ।
00:13:44तौबह?
00:13:48मैं और तौबह?
00:13:50किस लिए?
00:13:52पसाम, तुम मेरे दोस्त हो।
00:13:56और तुम्हे छोडने का मुझे गम होगा।
00:13:59तौबह एक ऐसी चीज है जो तुम्हारे और अल्लह के दर्मियान होगी।
00:14:04लेकिन मैं नहीं जानता कि इसका मतलब क्या है।
00:14:09असाम, हम लोग जुल्म और तश्दुत के स्याहकार वक्त में जी रहे हैं।
00:14:17हर आत्मी वही करता है जो उसकी नजर में सही है।
00:14:21और किसी दूसरे के लिए कोई परवा नहीं करता।
00:14:24एक दिन मैं बाजार में मौजूद था।
00:14:30मैंने लड़कों को एक छोटे से चौराहे पर जमा होते देखा।
00:14:34मैं ये देखने के लिए रुख गया।
00:14:37कि आखिर वो लोग क्या कर रहे हैं।
00:14:42फिर मैंने जो मंजर देखा।
00:14:46वो बड़ा ही देशतनाग था।
00:14:50वो छोटे छोटे चुहूं के पैर काटकर उन्हें तड़पता देख रहे थे।
00:14:56और कह कहे लगा रहे थे।
00:14:59ये तो मैं हर वक्त देखता हूँ।
00:15:03ये बेजरर मजाख है नो।
00:15:06ये पुराने लोग हैं जो मुसीबत की वजह बनते हैं।
00:15:12लेकिन मेरे पास बिंतई और दूसरे महाफ़जीन हैं जो मेरे दुकान का ख्याल रखते हैं।
00:15:16वो मुझे कभी नहीं सताएंगे।
00:15:19मैंने इन ही लोगों को लोगों की निगाहों में धूल डालकर चारो तरफ टहलते देखा है।
00:15:25और लड़ खडाते हुए गड़ों में गिरते हुए देखा है।
00:15:31और बहुत ही जोर-जोर से हसते हुए देखा है।
00:15:37मजाख उडाते हुए देखा है।
00:15:39में देखा है इसका हल क्या है तुम्हारे कहने के मुताबिक एक सैलाव आने वाला है जो इन तमाम निजास्तों को धोड़ा लेगा बिल्कुल सही
00:16:09मेरे साथ हा फसाम
00:16:39तियामित शिक्वे शिकायत बंद करो और अपनी काम पर लग जाओ हम वहां उन बदबुदार जानवरों के साथ कश्टी में समाएंगे कैसे और उने खिलाए पिलाएगा कौन हम कहता है कि हम सारी दुनिया के लिए मजाक का जरिया बन रहे हैं तुम्हारे शोहर हम हैं कहां त
00:17:09इसनलने ने क्या हम इतने अमीर होने वाले हैं हैम और फसाम कश्टी बनाने की बाते बताने वाले हैं के ये क्यो बनाए गई
00:17:15गई और इसका मकसद क्या है तुम जानते हो कि हैम कह रहा था कि सारी दुनिया के लोग आने वाले
00:17:21मुझे तुम्हारा रवया बिल्कुल पसंद नहीं आया
00:17:24मुझे शर्म आती है कि मेरा बाप इतना नीचे जुग जाएगा
00:17:28नीचे? तुम्हारा मतलब मेरे शोहर के साथ काम करना उनके लिए मीचता है?
00:17:32तुमका सिर्फ इस बात की जलन है कि जैफित ने उस अजीम मौके का फाइदा नहीं उठाया
00:17:37याफित एक शरीफ और रहम दिल शक्स है और वो कभी भी शराब में पानी मिला कर नहीं बेचेगा जो सिर्का लगती है
00:17:44क्या तुम खुद अपने बाप को ही चोर मना रही हो?
00:18:02हम वहां उन बदबुदर जानवरों के साथ कश्टी में समाएंगे कैसे और उन्हें खिलाए पिलाएगा कौन
00:18:07हम कहता है कि हम सारी दुनिया के लिए मजाग का जरिया बन रहे हैं
00:18:10तुम्हारे शोहर हम है का हम?
00:18:12तुम लोग कब जा रहे हो?
00:18:13हम लोग नहीं भी जा सकते हैं
00:18:15क्या हम ने अपने इरादे के बारे में नू से बताया?
00:18:17मुझे यकिन है नू पूछ लेंगी कि क्या हम इतने अमीर होने वाले हैं
00:18:20हेम और साम कश्टी बनाने की बाते बताने वाले हैंич nosy तुम जानती है कि हाम प्यारा था कि सारी दुनिया के लोग आने वाले हैं
00:18:28मुझे तुम्हारा रवई यह बिल्कुल पसंद नहीं आया मुझे शर्म आती है कि मेरा बाप इतना नीचे धूग
00:18:32जाएगा नीचे तुम्हारा मतलब मेरे शोहर के साथ काम करना उनके लिए नीचता है तुमका सुप इस बात की जलन है कि जैफ अपने उस अजीम मौके का फाइदा नहीं उठाया यह आफेद एक शरीफ और रहम देल शक्स है और वो कभी भी शराब में पानी मिलाकर नहीं ब
00:19:02अपने चोहर के बारे में कोई भी गंदी बात नहीं सुन सकती जब जब वो अपने नोचेवे चेहरे को देखेगी उससे अपने जूट की आदाएगी
00:19:08सुनिए सुनिए नोच साफगो आदमी है और अपने तमाम मामलों में अल्ला के साथ चलता है और चीज़ें आगे बढ़ती हैं और अल्लाह नोच से ये कहता है कि जूल्म और स्याहकारियां ज्यादा बढ़ गई हैं
00:19:29जिसका उसे बहुत अफसोस है कि उसने आदमियों को क्यों पैदा किया इसलिए अल्लाह ने नोच से कहा यहां एक कश्टी बनाने के लिए जो तुम्हें मेरे पीछे नजर आ रही है
00:19:42अल्लाह नोच से कहता है कि वो जमीन पर ऐसा तैलाब भेजेगा और तमाम गंदगियों को साफ कर देगा
00:19:51तो नोच ने सौ साल पहले दरختों को काटना शुरू कर दिया और इस अजूबे को इस कश्टी को बनाने में कई साल लग गए
00:19:58और फिर इस तरह दयार हुई है एक नायाब कश्टी जिसको बनाने में सदिया लग गई
00:20:03लेकिन कौन गिन रहा है ये
00:20:06कब नू समंदर को खोट कर उसमें नहर पैदा करेगा
00:20:09सुनिये सुनिये चलो हम अपने खचरों तक जाए और इस सफर को खत्म करें
00:20:15अबा का दिमाग कुछ चल गया है वो अल्लाह से हम कलाम है या हो सकता है खुद से
00:20:23तुम हमेशा इतने बदखूब क्यों हो जाते हो अकिकत पसंद क्या मैंने कश्टी बनाने में मदद नहीं की
00:20:27तुम उससे अच्छा खासा मुनाफ़ा भी बना रहे हो ये बिल्कुल सही नहीं है हम ये तुम क्या कह रहे हैं
00:20:33सही कह रहा हूँ तो क्या बिंताई और फसाम को हमारी सक्त महनत का फाइदा उठाने दे
00:20:36ये मुनाफ़ा तुम्हारा जाना बहुत ही मुश्किल बना देगा अपने अत्राफ देखो शेम हम कहीं भी तेजी से नहीं बढ़ रहे हैं
00:20:45अब काई का जख्म कैसा है जख्म तो भर रहा है लेकिन उसके जजबात वैसे ही है
00:20:52यो तयामत उसे अब तक मनाने नहीं आए वो कहते है उसकी कोई गलती नहीं उसका कहना है तुम्हारी बीवी ने मेरे बारे में काफी बुरा भला का है
00:20:59एक बात बताओं क्या ये सब सच है दरसल बात ये है मैं कारोबारी मामला की तफसील में नहीं जाता सब कुछ बिंताई पर छोड़ देता हूं
00:21:07कि लेकिन मैं उनकी
00:21:11कि तफ्तिश करूंगा
00:21:12नहीं ये तुम्हे बहुत आराम पहुचाएगी पी लो
00:21:29कि अल्ला ने कहा वो हलीम वो बर्दुबार रहेगा ताकि हर किसी को तौबा का मौका में सब क्या तुम्हे तुम्हे इन तख्तों पर तारकोल का आखरी बुरश मारे हूए 90 साल गुजर चुके हैं
00:21:59इसमें मुश्किल क्या है देखते नहीं वो कितने बर्सों से इन तमाम कहकों को जिल रहा है
00:22:04माफ करना मैंने सियाहत का कारोबार शुरू करने में हाथ डाला था लेकिन जब वो बढ़ा तो अपने आप बढ़ने लगा
00:22:11तुम सिर्फ अंगूर उगाते हो और निचोड कर रस निकालते हो जबकि मेरा बेटा हाम और तुम्हारा दोस बिनताई कारोबार चलाते हैं
00:22:19जानता हूँ मैं जानता हूँ वो उझए पानी ज़्यादा मिलाते हैं तब तो उन्हें इतने मैख़वार नहीं मिलते होंके जितने वो जाते हैं इस से उन्हें कोई फरक नहीं पड़ता
00:22:29मेरा बेटा हाम
00:22:35दुनिया के हर आदमी को शुमार कर रहा है
00:22:38जो इस कश्टी को बहते देखने आएंगे
00:22:41तो वो इस कश्टी का छोटा नमूना खरीज सकते हैं
00:22:48ये कोई ऐसी बात नहीं जिसका मज़ाग बनाया जाए फसाम
00:22:55ठीक है
00:22:58ठीक है नू वो देखो पानी तुम्हारी कश्टी के चारो तरफ बन रहा है
00:23:04कहां है पानी
00:23:06मैं समझ रहा हूँ जो तुम गह रहे हैं लेकिन मुझे ये बनाओ
00:23:10क्या तुमने हवाओं में कोई तब्दीली महसूस नहीं की
00:23:14अब हवा से मौत की भू आ रही है
00:23:18नहीं नहीं तो जबसे मैं इतना अमीर हो गया हूं कि मुझे लोबान और उत के सिवा और कोई भू महसूस नहीं होती जानते हो तुम
00:23:28वो कश्टी की इबादत कर रहे हैं उन्होंने सभी उची जगहों पर मंदिर बना लिये हैं वो अल्ला को ढूंड रहे हैं वो उनसे बात क्यूं नहीं करता
00:23:40वो सच मुझ अपने अल्लाह को नहीं ढूंड रहे हैं, वो अपने मंदीरों में उस अल्लाह के सामने सर जुकाते हैं, जो खुद उनका बनाया हुआ है, जिसको वो बात नमानने पर लाथ मार सके, वो खुद अपने आप की पूजा कर रहे हैं।
00:23:56नूह मेरे दोस्त, बुड़ हापे के लिए सबसे बहतरीन चीज़ ये है, कि अल्लाह पर से भरोसा कम कर दिया जाए।
00:24:05कि अपने जाए।
00:24:35कि अपने जाए।
00:24:38कि अपने जाए।
00:24:41कि अपने जाए।
00:24:49मुसीबत और तबाही बहुत नजदीक आ गई थी, हम सब को चौकन ना रहना चाहिए।
00:24:54मैं चाहता हूँ कि हम कश्ति के चारु तरफ एक नाला बना दे और उसे पानी से भर दें।
00:24:58ताकि आइंदा ऐसा न हो, मैंने इसके बारे में पहले सोचा था
00:25:01लेकिन ये नहीं कुमान था, ये ऐसा हो जाएगा
00:25:04अबाजान, कश्टी के चारू तरफ, पानी का नाला, वहाँ क्या तज्वेज है
00:25:09ये तर्कीब बहुत ही बढ़िया है अबाजान
00:25:11तुमने देखा कितनी बड़ी ताराद में लोग कश्टी को देखने आ रहे हैं
00:25:17ये हमारे लिए शर्मिंदिकी की बात है, लेकिन नुह डगमगाए नहीं
00:25:20वो अब भी अल्ला की अलफास बर कायम है
00:25:23अल्ला सहलाब कब भीजने वाला है और सब को तबाभ भी करेगा, ये मत बूलो
00:25:28पहले ये मुझे काफी नागवार लगता था, मगर अब नहीं
00:25:32और सिहा कारियों की कहानिया सुनने के बाद, मुझे हैरत होती है कि हम भी खड़े हैं
00:25:36मैं ठीक कह रही हूँ ना
00:25:38हम कश्टी के आसपास मुहाफजीन तायनात कर रहा है, उसको बर्बाद करने की धंकिया मिल रही है
00:25:42अच्छा तुम कश्टी के पास उस नए मंदिर गई हो?
00:25:44कश्टी का मंदिर? तुम इस जमीन पर कैसी बाते कर रही हो?
00:25:47कश्टी के इर्दगिर्द एक नया मख़ब परवान चलड़ रहा है
00:25:49पुजारी लकड़ी की बनी हुई कश्टी की छोड़ी मूर्तिया निशाने के तौर पर सयाहों को बेच रहे हैं
00:25:53मख़बी रस्मों की अदागी जारी है
00:25:54तुम्हारा मतलब है वो मख़बी रस्मे सेलाव को रोखने के लिए की जा रही है
00:25:58नहीं उन्हें इसकी परवा नहीं
00:26:00सेलाव? कैसा सेलाव? उन्हें सिर्फ पैसे से मतलब है
00:26:02और तुम्हारा शोहर हम उसके बीच ओबीच है
00:26:04या? नू को इसकी खबर है
00:26:07इश्टर तुम बस चलती हो इसलिए कि हमारे पास बहतरीं कपड़े हैं ताम की ताकत है और नौकर चाकर है
00:26:13नहीं मेरी अजीज मुझे तुमसे बिल्कुल हसर नहीं मुझे तुमारा रवया और सोचने का तरीका दोनों ही चीजे नागवार लगती है
00:26:19तुम काफिराना हो और नौ उसकी तबलीग कर रहे हैं
00:26:22अच्छा ओ आलमय गईबी मुहतरमा क्या तुम उस दिल का हाल जान लेती हो इसे तुम देख नहीं सकती
00:26:26दिल की अवाज से निकल कर जो लब कहते हैं मैं उन्हें भाप सकती हूँ
00:26:29और मैं ये भाप रही हूँ कि बातों का सिलसिला यही पर खत्म हो जाना चाहिए
00:26:32इससे पहले कि किसी बड़ी रद्दी अमल का शिकार हो जाए जिसका बाद में हम अफसोस करना पड़े हैं
00:26:36अगर हम सब को कश्टी में किसी भी मुद्द तक रहना पड़ गया
00:26:39हम मेंसे कोई भी जिन्दा वापस नहीं आएगा देखो मेरे गाल के इस खराज को देखो शुक्रिया
00:26:46मैं इससे मुत्तफिक हूँ मैं अपने शोहर के बारे में बुरी बात हर्गिस नहीं सुनूंगी
00:26:52हर्गिस नहीं सुनूंगी तुम सब लोग बस करो अब एक बुड़ी और अब का तुल यहाद करो
00:26:56979 साल की उम्रवाला मैथ्यू साले अब हमारे बीच नहीं रहा
00:27:09और आज हम उसको उसके बेटे लामेच के बराबर दफन करते हैं
00:27:15उसकी रूख को सुकून नसीब लागा उन्हें सुकून मिले तो अब लामेच और मैथ्यू साले की मौतों के बात
00:27:26अब हमें क्या करना है अभी भी वक्त है
00:27:31979 साल तक मैथ्यू साले अपनी सच्ची और सीधी साधी जिंदगी में
00:27:39हर वक्त सच्चे दिल से अल्ला के अदल और इनसाफ का हाथ पकड़े रहा
00:27:44अब जब की वो गवाह चला गया है
00:27:49हम लोग भी बहुत जल्दी चले जाएंगे
00:27:52मेरे बिटे कश्टी की तरफ नजर करते हैं
00:27:56और अल्ला का शुक्र बजा लाते हैं उसकी राहे निजात के लिए
00:28:00हम लोग जल्दी ही उसमें दाखिल हो जाएंगे
00:28:04अबजान क्या आपको यकीन है
00:28:08हाँ
00:28:10मुझे इस बात का पूरा यकीन है
00:28:12और ये एक निशानी है
00:28:14ख्याल रहे
00:28:16कि कोई भी कश्टी में दाखिल ना हो
00:28:19और ना उसके करीब जाए
00:28:20हमें अभी बहुत सारे काम करने बाकी है
00:28:22और इसकी धरूरत नहीं कि लोग उसका तवाफ करें
00:28:25हाम
00:28:26पसाम से कहो दुकान बंग कर दे
00:28:28हम लोग निकलने वाले हैं
00:28:31वो फूरसत पालेगा
00:28:32सयाहों की तादाद कम हो गई है अभाजान
00:28:34क्यूंकि कश्टी को देखने का अब शौक कम हो गया है
00:28:37अपनी पीट पर सिर्फ कपड़ों की गठी
00:28:40हर्गिस नहीं
00:28:41हम अपना सोना चांदी और कीमती पत्थर छोड़ नहीं सकते
00:28:43और उन मसालों और लोबान और
00:28:44उद का क्या होगा जो हमारे पास है
00:28:47सिर्फ वो जरूरियात जिन्दगी
00:28:49जिनके हमको जरूरत होगी
00:28:51बौते लगाने के लिए भीजों और काश्टकारी के लिए आलाद की जरूरत होगी
00:28:54हाँ बिल्कुल सभी कुछ साथ होगा बजान
00:28:56उन तमाम जानवरों को हम कश्टी में कैसे लाएंगे
00:28:59और उन पर काबू कैसे रखा जाएगा
00:29:01हम उनको चारा वगेरा क्या खिलाएंगे
00:29:03और साथ ही उनके फुजलात को कैसे साफ करेंगे
00:29:07दर्वाजा भी नहीं सिर्क उन्चाई पर एक खिड़की है
00:29:09अल्लाह का हर काम माफूख फित्रत तरीके से होता है
00:29:15ताकि ये अधना इंसान टींगे ना मार सकी
00:29:20अबाजान
00:29:21की और मैं बहुत डर रहे है
00:29:24इसमें नई बात क्या है? हाँ मुसे पुखता होने के लिए अकिला छोड़ दो
00:29:27जो सच्चाई है उसका सामना करो
00:29:29इस वक्त कौन से सच्चाई सामने है
00:29:30अब बस करो
00:29:31हम सब थोड़ा थोड़ा डरे हुए है
00:29:34मैं तुम लोगों से ये कहना चाता हूँ
00:29:36कि बुराई अब भी हमारी ताक में है
00:29:38हमें बहुत ही महताद रहना होगा
00:29:41और कश्टी के आस पास ही रुखना होगा
00:29:43बुराई हमें इस निजात की राह से
00:29:46हटाने की हर मुम्किन कुशिश करेगी
00:29:48यही उसकी फित्रत है
00:29:49हमारा उस कश्टी में जाना ही एक
00:29:53माफूकुल फित्रत माजरा होगा
00:29:56माजरा होगा?
00:29:58लेकिन मेरी बीवी का कश्टी में दाखिल होना
00:30:00दाखिलोना वाकई एक माफो कुल फित्रत माजरा होगा
00:30:03इसके लिए तुम्हें ज्यादा इंतिजार नहीं करना पड़ेगा मेरे बेटे
00:30:07लेकिन तुम्हारी बेयतमादी तुम्हारे लिए शर्म का भायस बने
00:30:13मैं आखा नू
00:30:15हाँ बोलो
00:30:16जनाब आली फसम बिमार है
00:30:18जनाब मेरे वालिद सक्त बीमार है
00:30:30नम्मो कहा है
00:30:32अम्मा जान कश्टी के मुकदस मंदर तक गई है
00:30:35अब बाजान की सेहत के लिए दुआ करने
00:30:37ये बहुत बुरा हुआ
00:30:45कहा है वो
00:30:47यहीं अंदर
00:30:49डरो नहीं फसम
00:31:09बलकि खुशी मनाओ
00:31:11अगर तुम इस वक्त रुखसत हो गए
00:31:13तो तुम उन तमाम खराबियों से बचे रहो
00:31:16मैं जानता हूँ
00:31:19मौत को गले लगाना ही बहतर होगा
00:31:22लेकिन मैं तुम्हें बहुत याद करूगा मेरे दोस्त
00:31:26और मुझे भी तुम बहुत याद आओगे
00:31:28तुम और तुम्हारी वक्त बाते हैं
00:31:31हमारी बाते मैं यहां हूँ
00:31:40क्या मैं तुम्हारे साथ आ सकता था
00:31:47यह ऐसा सवाल है जिसे कभी भी जवाब की ज़रूरत नहीं
00:31:50अलविदा मेरे अजीज दोस्त
00:31:53अबाजान वो इस तरह आ रहे हैं कि जैसे उन्हें वक्त मालूम हो
00:32:15ऐसे हुक्म के मतादर जिसके बारे में हम नहीं जानते हैं
00:32:19हाम कहा है वो तयामत से बहस करते हैं हाम शायद अपनी जान कमा सकता है
00:32:26वो अपने धन दौलत के बारे में ही सोचता रह जाएगा और कश्टी उसको लिए बगएर निकल जाएगी
00:32:34यह आप उनको छूड़कर चले जाएंगे अपाजान
00:32:37मैं तुम्हें कुछ करने के लिए मुझबूर नहीं कर रही हूं जो जी चाहे करो
00:32:51मैं नहीं जा रही हूं अगर मेरी यह तमाम आरम्दे चीज़ें मैं नहीं ले जा सकती तो मैं मरना ज्यादा पसंद करूंगी
00:32:55यह सब मेरे साथ क्यों हो रहा है तियामेत मैंने जानवरों को आते हुए देखा है
00:32:59यह बहुत ही अनोखी बात है ऐसा मैंने कभी नहीं देखा वो कश्टी में दाखिल होने के लिए कतार लगा रहे हैं
00:33:04मेरे अबबा जाने से ही कहा था देखा है मैंने
00:33:06क्या तुमने मंदिर में तमाम इबादत गुजारों को देखा वो समझत है कि उनकी वज़े से यह अनोखी कश्टी आई है जो तुम्हारे सामने है
00:33:12उनका अला तुम्हारे वाली के अला के खिलाफ है देखना है कि उनमें कौन जीतने वाला है
00:33:16मुझे कोई पानी नजर नहीं आता हाँ मुझे मालूम है मगर ये सब इसलिए हो रहा है कि सब तुम्हारे वाली ने कह दिया है
00:33:22मैं खुद कुछ सहमा हुआ सा हूँ
00:33:25तुम्हें याद है तुम्हें एक दिन अपने भाई का मजाग उड़ाया था आओ तिया में चलो
00:33:28मैं नहीं है मैं नहीं आ रही हूँ ठीक है मेरे वालिद मां भाई और उनकी वीवियां सब भी कश्टी के पास वहां नीचे खड़े हैं तुम्हें एक बार फिर सोच लूँ तुम्हें अपना चैरा बचाना है सोच लिया है आओ चलो मैं तुम्हें जुदा नहीं कर सकता
00:33:43अब मीजान हमें अब जाना होगा अल्फिया तुम तो हमारे मामलाद से दूर ही रहो मुझे जानवरों की बद्बू आती है मुझे वह बर्दाश्ट नहीं होता मैं उसे सह नहीं सकती हम क्या तुम्हारे हो
00:33:58मेरी बीवी के बगार रही
00:34:09अच्छा क्या यह अल्ला का फिजावा नहीं है नहीं छोड़ तुम्हारे सब लोग तुम्हारे सब लोग सर चुका कर वो सलाह की अबादत करो जो खालिक है
00:34:37और उन अल्फाज को ध्यान से सुनो कि क्या होने वाला है मैं आखिर का का हूँ हर उस खुदा का जिसकी कभी मैंने पूजा नहीं की मैं तभी अल्ला की अबादत करूँगा जब मैं उसे अजीम और खुद से जादा मस्बूत पाऊंगा कान है वो
00:34:49मैं बिण ताई學 pals
00:34:53मैं ने खुद को कभी मायूस नहीं किया जब मैं खुद की अभादत करता हूं तो और बड़ा और वस्बूत हुझा और अधना लोग मिरी अबद से भी ऑना से बचाता
00:35:01वो लोग तरक्य करते हैं, अमनों अमान से जीते हैं, और मैं तुम्हें भी वही बेशकर्ष करता हूँ, छुका लो अपना सर, और मेरी बूजा करो, छोड़ो ये सब बिंताई, मेरे पास इन सब चीजों के लिए वक्त नहीं, मेरे ख्याल से तुम अची तरह से समझ नहीं प
00:35:31हुँआ कि हुआ कि अदर के अदर क्यों जा रहे हैं, मेरे बाप और मा दुनों अंदर हैं, चलो
00:35:43कि मैं तुम्हार से जावा नहीं का थी, अद पर ये जाना होगा, चलो मेरे साथ
00:35:53पको इसे अदर अधर नहीं डेघान।
00:36:01आजाओ
00:36:03आओ
00:36:08आओ
00:36:11आओ
00:36:12तुम यहां क्या कर रहे हो?
00:36:18चलो, मैं कारोबार अपने हाथ में ले रहा हूँ
00:36:20बहुत उंदा, बहुत अच्छी बात
00:36:24आँ, और यहां कोई रोकने वाला नहीं है
00:36:26क्यों? तुम पहले से कहीं जादा कारोबार करोगे
00:36:31हमारा मनसूबा यह है कि
00:36:32हम कश्टी के अंदर जाकर
00:36:34सैलाव आने का इंतिजार करेंगे
00:36:36लोग वापस उमड़ पड़ेंगे यह देखने के लिए
00:36:38कि क्या हुआ तुम्हारे पास पहले से ज़्यादा मचमा होगा
00:36:41मैंने उसके बार में सोचा नहीं था
00:36:42उसमें तुम्हारे लिए क्या है
00:36:44पचास पिसद मुनाफ़ा हूँ
00:36:46यह कारोबारी सोदा है
00:36:49लेकिन तुम बैमानी नहीं कर सकोगी
00:36:50ओ नहीं मैं तो इस बार में सोच भी नहीं सकता हूँ
00:36:53फीक है
00:36:55काफी अच्छा रहा हमें काफी काम करने है
00:36:57जलो लड़कों आजा
00:36:59यह क्या है
00:37:14क्या हो रहा है यह
00:37:16तुम यहां क्या कर रहे हो
00:37:28सुनो मैं कारोबार अपने हाथ में ले रहा हूँ
00:37:30बहुत उंदा
00:37:32बहुत अच्छी बात है
00:37:34और यहां कोई रोकने वाला नहीं है
00:37:36क्यों
00:37:37तुम पहले से
00:37:39कहीं ज़्यादा कारोबार करोगे
00:37:41हमारा मनसूबा यह है कि
00:37:43हम कश्टी के अंदर जाकर सहलाब आने का इंतजार करेंगे
00:37:46लोग वापस उमड़ पड़ेंगे यह देखने के लिए
00:37:48कि क्या हुआ तुम्हारे पास पहले से ज़्यादा मजमा होगा
00:37:51अरे उसके बारे में सोचा नहीं था
00:37:53उसमें तुम्हारे लिए क्या है
00:37:54पचास फीसद मुनाफ़ा यह कारोबारी सौधा है लेकिन तुम बैमानी नहीं कर सकोगी ओ नहीं मैं तो इस बारे में सोच भी नहीं सकता हूँ
00:38:03ठीक है काफी अच्छा रहा हमें काफी काम करने है चलो लड़कों आजा
00:38:23यह क्या है क्या हो रहा है यह अल्ला तिरा शुक्रिया या अल्ला या अल्ला यह क्या है
00:38:30मैं जानता हूँ हम सब डरे हुए हैं यहां तक कि मैं भी यह एक डराओना लम्हा है
00:38:53ऐसा नहीं है कि नहीं होगा बलकि ऐसा है कि ऐसा ही होगा
00:39:00जो कुछ भी हम जानते हैं सोचा है या खुआब देखा है सब कुछ बदल जाएगा
00:39:07मैं तुम लोगों को इस इन्खलाब के लिए तयार कर रहा हूँ हम कैसे बदलेंगे या क्या होने वाला है यह सब एक गहरा रास है लेकिन यह तैह है हम सब को अल्ला पर यकीन रखना चाहिए जो खालिक है और भरोसा रखना उस पर जो तुम्हारा बाप कहता है
00:39:31चलो ठीक है यह रहा सोदा हम सयाहत का वही रहनुमा मनसुबाइस तुमाल करेंगे चराब काफी म्लेकतार में है और हमारे पास खचर और रहनुमा वगएर भी सब कुछ तयार है कश्ति का दर्वाजा बंद करने का हुक्म चारी होचका है एक और भी कारोबार है जो मैं
00:39:50मैं क्यारी करने वाला हूँ शर्त या चुवा बताओ शर्त या चुवा कितने अर्से तक वो अपने चानवरों के साथ खोलो कश्ति में रह सकते हैं बताओ मुझे
00:40:03मैं शुक्र गुजार हूँ मगर ये नहीं समझ पाया ये एक डाल है मेरे लिए पचास-पचास फिसद है अगर कश्ति बहन इकली तब तो मैं अंदर महफूज हूँ और अगर ना चली तो मैं अपना पचास फिसद वसुल कर लूँगा
00:40:22तुम्हारा दिल अल्ला की तरफ रागिब नहीं हुआ है लेकिन दुनिया की तमाम चीज़ें बहुत जल्द ना पैद हो जाएगी ठीक है जैसा कि मैंने कहा मेरी हर तरह से जीत है नहीं जीतने का सिर्फ एक ही रास्ता है मेरे बेटे आला कि तुम हमारे साथ आ गए लेकिन
00:40:52इस दुनिया को दो कर साफ करना चाहता है यह तमाम किस्म की बुरायों से लदी हुई है बिंताएं को देखो खुद की पूजा कर रहा है वो अपने आप में इतना पेवस्त हो गया है कि अल्ला ताला के नूर हक के लिए उसके जमीर में जर्रा बराबर भी जगह नहीं बच
00:41:22अभी वक्त है
00:41:52अब अजन क्या हम उपर जाकर खिड़की को खोल सकते हैं मैं ये देखना चाहता हूँ कि वहाँ क्या हो रहा है मैं उसकी राय नहीं दूँगा ठीक है तो क्या हम जिसकी मुझे हिदायत नहीं है वो तुम भी नहीं कर सकते कहीं तुम दूसरी तरफ गिर गए तो फिर हम दर
00:42:22उसे देखकर तुम्हारी खौईश होगी कि उसका कुछ हिस्सा यहां भी होता नहीं का कोई हिसा नहीं होता
00:42:30तुम यकीन नहीं करोगे जो मैंने अभी देखा है हजारों और हजारों लोग हजारों लोग मैंने देखे हैं अबबाजान आपको इसका कतई इल्म नहीं था कि इतनी बड़ी कश्टी बनाकर आप इतने मशुहूर हो जाएंगे
00:42:53हाम यहां बैठ जाओ हम दोहरी मुश्किलों के बारे में बात कर रहे हैं मैं कश्टी से आजिस आ चुकी हूँ और अपने खांदान और जानवरों के बद्बू से भी बस करो तियामित
00:43:03कैसी दोहरी मुश्किल
00:43:04मुझे यह गुमान नहीं कि आगे चल कर कते ही क्या होने वाला है
00:43:07मैं तुम सब के लिए चाहता हूँ कि किसी भी चीज के लिए तयार रहो
00:43:14अबाजान
00:43:15तयार रहे किसी भी चीज के लिए अबाजान
00:43:23अल्लां की चुनिंदा हर शेitting इस कष्टी में आचुकी है
00:43:26यह कष्टी निजात का जरिया है
00:43:29हमें पुकारा गया था बहाराने का रास्ता चुनने के लिए
00:43:33मैंने यह नहीं चुना था
00:43:34तुमको चुन लिया गया था त।
00:43:36अब तुम्हें उस पुकार को सुनना है
00:43:39तुम्हारा दिल सक्त नहीं हुआ है, उस मुलाइमियत की दूसरी तरफ से, हालांकि ये ऐसा जाहिर हो सकता है, किसी लम्हे तुम एक मकनातीस की तरह हो, और तमाम उंदा जरूफ को तोड़ सकती हो अपनी एक ही तेज नजर से, लेकिन ये कैफियत उस वक्त रुखसत हो जा�
00:44:09हम कहां है, ये सुनने के लिए, तुम लोग कैसी एहम खानवादे का रहे हो, ये जगा जहनुम की तरह है, बिल्कुल, ये जगा एक लानती जहनुम है, और मैं इसे और बरदाश्ट नहीं कर सकती
00:44:17साथ दिन तो गज़र चुके हैं, साथ दिन गज़र चुके हैं, वो लोग जानुरों की बदबू और दूसरी चीजों के साथ ज़रा खड़ चुके हैं, साथ दिन तो छिल चुके हैं हम, आठवे का क्या होगा, आसमान हम पर दूप बढ़ रहा है, हम लोग यपीनन मर जा�
00:44:47तु चुब क्यों दहाँ है, साम बयाँ
00:44:52यह क्या हो दरो मत आओ मेरे बेटों दिया में
00:44:57यह क्या हो रहा है
00:44:58सब्रतरो, सब्रतरो, सब्रतरो
00:45:02यह अन्दा मजी है
00:45:17मोजी खिल प्रतरो, साठिक
00:45:43अलफिया, मैं हुनूद, अट जाओ
00:45:46क्या हो रहा है हाँ सुनो सुनो ऑम मैं सास में ले पा रही हुं सबर करो अब बढ़ी खामोशी से है कश्टी ठेरी हुई है कश्टी बिल्कुल भी नहीं चल रही है थेरो इतनी जल्दबाजी ठीक नहीं अभी बाहर जाने का वक्त नहीं आया है
00:46:14मैंने फाक्ता को बाहर की तरफ भीजा है
00:46:17और
00:46:18वो वापस नहीं आई
00:46:21इसका क्या मतलब है
00:46:23इसका मतलब हुआ कि हम भटक गए हैं
00:46:25इसका मतलब ये हुआ
00:46:26कि उसने एक महफूज जन्नत बाहर की तरफ पा ली है
00:46:30क्या आप नई
00:46:31सूरते हाल को समझ गए है
00:46:33सभी सुनना चांदी कीमती पत्थर
00:46:36मेरे हिस्से में हर चीज हमारी है
00:46:38इसमें अच्छा क्या होगा
00:46:39ना तो कोई खरीदने वाला बचा है ना बेचने वाला
00:46:41ये सब बिकार है
00:46:42अच्छा आप बस करो
00:46:46तरफाजे तक आओ
00:47:01नूम और उसका खाना
00:47:02इस कश्टी में एक साल
00:47:04और सत्रा दिनों तक रहा
00:47:06इन लोगों ने जानवरों के साथ कैसे निवाह किया
00:47:08इस राज को अल्ला ही चांता है
00:47:11लेकिन अल्ला अपने दिये हुए
00:47:12अलफाज पर खायम था
00:47:14और कश्टी जाकर कूह अरारत पर
00:47:16लंगर अंदास हुई
00:47:17मैं अब कभी आदमियों के वास्ते
00:47:20खित्ते को बद्धुआ नहीं दूँगा
00:47:22इसके बावजूद कि मैं देखता हूँ
00:47:25कि इनसान के दिल के तसवरात में
00:47:27उसकी जवानी की उम्र से बुराईया होती है
00:47:29ये बयाना है उस मोहायते का
00:47:32जो मैं तुम्हारे साथ कायम कर रहा हूँ
00:47:34और हर उस जिन्दा मखलूग के साथ
00:47:37जो जमी पर है
00:47:38मैं अपनी खौव से खजा बादलों में सजाऊंगा
00:47:42ताकि वो मेरे लिए यादगार रहे
00:47:44और पानी कभी भी उसके बाद सैलाब बनकर
00:47:47जिस्मों को तबाह कर सके
00:47:49हर वो जिन्दा और चलती हुई चीज
00:47:51तुम्हारे लिए घिजा के मानिंद होगी
00:47:53सब जो मैंने तुम्हे दी है
00:47:55जैसे कि मैंने नबातार दिये
00:47:58लेकिन सिर्फ ये
00:47:59कि तुम गोश्ट को उसकी जिन्दगी के साथ
00:48:01नहीं खाओगे
00:48:02यानि कि उसका खूँ
00:48:04नूह तुम और तुम्हारा खांडान समर्याब हो
00:48:07और इतने बढ़ते जाओ की जमी दोबारा भर जाए
00:48:10और अगर कोई इनसान का खूँ बहाएगा
00:48:12तो इनसान ही के जरिये उसका खूँ बहेगा
00:48:15अल्लाह का तसबुर कर
00:48:17कि उसने इनसान को बनाया
00:48:19आए अल्लाह हम तहे दिल से तेरे शुक्र गुदार है
00:48:34उस दिन के लिए जिसने हमें बचाया तेरे घजब से
00:48:38और दिखाया तेरा रह्म करम
00:48:40तू ही खालिक है या अल्लाह हमारे तमाम दिन तेरे हाथ में
00:48:49अल्लाह के बन्दों का आओ देखे तारीख सफर
00:49:11आओ देखे तारीख सफर
00:49:13अल्लाह के बन्दों का वो अजीम कुजिश्टा वक्त
00:49:17तो सिर्टाँ वसिप वक्त
00:49:34झाल झाल
00:50:04झाल झाल
00:50:34झाल झाल
00:51:04झाल
00:51:34झाल
00:52:04झाल
00:52:34झाल
00:53:04झाल
00:53:34झाल
00:54:04झाल
00:54:34झाल
00:55:04झाल
00:55:34झाल
00:56:04झाल
00:56:34झाल
00:57:04झाल
00:57:34झाल
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