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  • 5 months ago
Apradh Ka Jahan: गिरफ्तारी या 30 दिन हिरासत होने पर जाएगा PM-CM का पद, बिल को लेकर हंगामा जारी

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00:00अपराद चाहे कोई भी करे अपराद अपराद ही होता है और अगर ये अपराद कोई सियासदार करता है कोई राजनिता करता है तब भी अपराद अपराद ही रहता है और ऐसा अपराद करने वाले जो पदस्त राजनिता है यानि के जो पदो पर जमे हुए हैं जो की मुख्य
00:30तो अगर वो जेल में रहे तो उन्हें भी अपना पद छोड़ना होगा ये कह रहा है वो कानून जिसे लेकर इस वक्त पूरे संसद में और यहां तक की पूरी राजनितिक दलों में बवाल मचा हुआ है नमस्कार मैं हूँ परवेश सागर आप देख रहे हैं आज तक डिजि
01:00बीच घमासान चल रहा है तीन नए कानून बनाने की बात है संसद में बिल लाया गया था कि जो राजनिता जो पदस्त निता जो समधानिक पदों पर हैं जो मुख्य मंत्री या मंत्रियों जैसे पद पर हैं या देश के प्रधान मंत्री पर भी अगर कोई निता होगा और �
01:30बहुत संगीन तरह का मामला है, बहुत सम्वेदन शील कानून है, देश की सियासत में इस कानून को लेकर बवाल मचा हुआ है, सत्ता और विपक्ष आमने सामने हैं, क्या कहते हैं आप किस तरह का कानून है, पहले तो दर्श को कानून के बारे मताइए, क्या आफिर सरकार क्य
02:00करेंगे वो चाहे CM हो चाहे PM हो और वो अगर 30 दिनों तक जेल में रहता है तो पहले तो ऐसा होता था शुरुवात में नैतिक्ता के अधार पर स्तीफा दे दिया जाता था लेकिन ये विवस्ता इसलिए लाई गई क्योंकि केजरिवाल साब ने छे महने तक वो सरकार चलाते �
02:30तो वो डिस्कॉलिफाई हो जाएगा और उसको हटाया जाएगा इसका बहुत विरोध हो रहा है इस कानून का
02:37हाला कि मैं आम आदमी पार्टी के नेताओं की भाईट सुन रहा था उनका कहना था कि कानून तो बहुत अच्छा है लेकिन हमें डर इस बात का है कि दुरूपयोग होगा उनका कहना था कि E.D.C.P.I. ने कितना दुरूपयोग किया कानून होगा और मैं तो सुप्रीम कोट
03:07द्रट है बहुत कानून के तो आप मुकदमे दर्च कर रहे हों तो क्यों पूरूव नी कर पा रहे है अदालतों में क्या मुकदमे गलत दर्च हो रहे हैं ।power शांडिया का साशन है तो वो तुरंट उसको गिरा सकती है अगर
03:32उसके किसी भी CM के खिलाफ मुकदमा दर्च करे, 30 दिन उसको जेल में डाले
03:36और फिर वो डिस्क्वालिफाई हो जाएगा, तो ये तो एक तरह से कहा जाए
03:40कि मैकल राहूल गांदी की भी बाइट सुन रहा था, उनका भी कहना है
03:44कि ये तो बिल्कुली तुगलगी फर्मान टाइप है, कि ये कैसा फर्मान है,
03:48हाला कि देखिए, ग्रहमंतरी ने बहुत क्लियर किया, उनका साफ-साफ कहना है
03:54कि जनता भी है चाहती है, कि आप क्यों, पहले तो पहले तो ये होता था कि स्टीफा दे लेते,
04:02उन्होंने खुद अपना example दिया कि उन्होंने भी दिया था इस्तीफा और हर को दे देता था लेकिन इन्होंने ऐसी परिपाटी शुरू की जिसमें इन्होंने इस्तीफा देना नहीं शुरू किया तो naturally अब क्या करें अब इसी वज़े से कानून इंट्रिउस किया जा रहा है
04:32कोई बुरा ही नहीं क्योंकि इसमें PM तक को आपने शामिल किया लेकिन हाँ ये बात भी सच है practical approach ये भी है कि दुरूपयोगे के होने के बहुत जाए चांसे से तो ऐसे में विपक्ष यही कह रहा है विपक्ष का लगातार यही हो सकता है दुरूपयोगों क्योंकि हमने दे
05:02या evidence appreciate नहीं किया जाते court में और अगर evidence appreciate नहीं किया जा रहे तो फिर agencies किस तरह के evidence बटोर रही है या fabricated evidence अगर लेकर आया जाए तो इस तरह की बाते होती है
05:14reasons बहुत होता है equity की सिर्फ एक reason नहीं होता लेकिन maximum किसमें देखा गया है कि अगर सबूत weak है तो ही equity होता है
05:22अगर सबूत ठीक है तो फिर equity का कोई मतलब भी नहीं होता दूसरी बात कई लोग ये भी बात कर रहे है परवेज इसमें कि judges को क्यों इसमें शामिल नहीं किया गया परधान मंत्री और CM को तो आप शामिल कर रहे हूँ
05:36मैं तो कई जगा social media पर ये भी पढ़ रहा था ये bill जो है वो आम आदमी पार्टी हम पता है दिल्ली में जब LGs को पावर जादा दे दी गई थी
05:47CM को जादा पावर दे दी गई थी सुप्रीम कोट के दौरा तो केंदर सरकार एक bill लाई थी
05:52डेली अमेंडमेंट बिल जिसको कहा गया और वो लेकर आई और उसके बाद फिर दौरा LG की पावर जादा की गई
05:58क्योंकि बीजेपी ये NDA समच्टी थी कि जो केजरिवल सरकार है वो मिस्यूस कर रही है
06:06वो इस तरह की बाते करके मिस्यूस कर रही है लौका इसलिए वो हाला कि सुप्रीम कोट ने अप्रिशिट किया था आम आदमी पार्टी के जो पॉइंट था कि सीएम स्टेट में बढ़ा होता है लेकिन ये यूटी है दिली हाज कर अगर दिली की बात करो तो यूनिन टरे�
06:36वो सेंटर पर उनका सपोर्ट कर रहे हैं जी बढ़ा रहा है कि जिन राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारे हैं खासकर वो लोग निशाने पर हूंगे और ऐसा ही केजरवाल पहले कहा चुके हैं बहुत पहले और ऐसा ही अब राहूल गांधी भी कह रहे हैं और तमाम व
07:06दिस्कुशन भुल है in गिक हैं
07:11हमारे हैं प्रोवरीजन्स क्रिमनल सेस्टम है
07:15अगर आप बात करें तो पहले जांच नहीं होती, पहले अरेस्ट नहीं होती है
07:20फिर जांच होती है
07:21अगर यहाँ इमानदरी से पहले जांच हो
07:24गंभीर जाँच हो और उसके बाद गिरफतारी हो तो शायद ये कारगा, सवाल नहीं उठेंगे, आप पहले अरेस्ट कर लेंगे, अब पहले अरेस्ट कर लेंगे, अरेस्ट इसलिए करते हैं, अब अरेस्ट करने की पीछे भी लॉजिक देते हैं, कि भई, वो एक इतना इं�
07:54ये बात भी सच है, और सुप्रीम कोर्ट भी कई बार बोल चुका है, इस मुद्दे पर, कि इमानदारी से जाँच होनी चाहिए, और जाँच इमानदारी से होने के बाद जो रिजल्ट है, उसके बेसिस पर कारवाई हो, लेकिन ऐसा होता नहीं है, कानून में पहले कई केस
08:24बेल मिल गई, और वहाँ सुप्रीम कोर्ट ने क्या बोला, सोचिये, सुप्रीम कोर्ट ने क्या बोला, कि अपने विवेक का इस्तमाल नहीं क्या, कोर्ट ने, कि एक ऐसे इंफ्यूंचल आदमी को बेल दे दी, हमने देखा पहलवान शुशील, कि बेल कैंसल करी अभी सु�
08:54अधिकार, जिसके हाथ में पावर आती, वो उसको मिस्यूश करता है, तो इसका सबसे बैस तरीका है, पहले इंवेस्टिकेशन फियर लिकर आईए, उसमें आप फियर लिया जाएगी, तो जो सबूत आएंगे, उसके बेसे पर करी, हाँ, ऐसे में अब उसको एक यह होता है
09:24यहाँ, वो तीस दिन तक अगर अंदर रहेगा, तो तो बाउंड हो जाएगा पद छोड़ने के लिए, तो इससे विपक्षी पार्टी है कह रही है कि पार्टी क्रमबल हो सकती है, आप में लीडर्स को अरेस्ट कर लेंगे तो तो पार्टी क्रमबल हो जाएगी, आप जू
09:54गैर भाजपाई सरकारे इंखास का जैसा कि विपक्ष बोल रहा है, वो निशाने पर होंगी इस तरह की दावेदारी है, तो तो किल मिला कि चिराग अब विरोध वो के सिस्तर पर हो रहा है, और अभी क्या रन्नीती विपक्ष बना रहा है, क्या खबर इस तरह की है हमारे �
10:24महावयोग लाएंगे, हस्ताक्षर होंगे, प्रस्तावबास होगा, अभी जांच कमिटी बैठी हुए, वो अपने रिपोर्ट देगी, उसके बाद महावयोग की प्रक्रिया चलिए और उनको हटा दिया जाएगा, उसके बाद उनको गिरफतर किया जाएगा, जो भी एक्स
10:54आप एक बड़े औहदे पर बैठे हैं, आप जुडिशल ऑफिसर है तो इसलिए, तो लोगों का ये भी कहना है कि सिर्फ ये लौ नेताओं के लिए क्यों हो, करप्शन तो हर जगा है, करप्शन तो जुडिश्री में भी है, करप्शन तो पुलिस में भी है, करप्शन तो �
11:24एडी का डाटा भी बोल रहा है, कि आप कन्विक्शन, तो ऐसे में मुझे लगता है कि अभी इस पर क्या आगे डिसेजन होगा, ये तो नहीं कहा जा सकता, क्या सरकार रोल बैक तो करने नहीं वाली इस तरह के कानून, वो पहले भी कई सारे कानून उन्हें पास करवाएं,
11:54जारी है, सरकार अपने फैसले पर अडि हुई है, सरकार का कहना है कि पार-दरशिता लाने के लिए राजनीती को साफ बनाने के लिए इस तरह का एक कानून लाने की जरूरत है, उधर विपक्ष का कहना है, कि सरकार इस कानून की याड़ में दुरपयोग करेगी अपनी सत्
12:24पॉइंट था, उनका कहना था कि अगर इन केस मान लीजे आपने उसको अंदर कर दिया और बाद में जाकर केस एकविटल पर चला गया, वो बरी हो गया, फिर तब आप क्या करेंगा, बहुत कंभीर सवाल है, भई शुरुवात में तो आपने उसको हटा दिया, केस चलता रहा
12:54जोटा मुकदमा दरच किया, बलकुल, तो यह भी प्रोविजन एक अच्छा, उन्होंने सजेशन दिया, मुझे लगता है, यह बहुत अच्छी बात बुली उन्होंने, बहुत वैलेड पॉइंट है, तो जिस तरह चिराग बता रहे हैं, कि इस मामले में एक पेच यह भी �
13:24पर जा पाएंगे, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है, कुल मिला कर इस पुरे खबर पर, इस पुरे मामले पर हम नजर बनाये रहेंगे, और इस मामले से जुड़ा हर अपडेट आपके लिए लाते रहेंगे, तब तक आप देखते रहेंगे, आज तक डिजिटल, औ
13:54उस समय तो continue नहीं कर सकता था, तो freeze frame टाइप का हो गया, कसम पैदा कर ले
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