00:00अरे महिला सब काय भाग रही है? जानोगी नहीं तो कैसे जाओगी इतना काम किया महिला का? बैठो सब सुनो कितना काम किया गया? पहले जानोगी सब जानते रहोगी तभी रठीक रहेगा इधर दर का करे जा रही है?
00:14बिहार की सियासत की बिसात पर खुद को सुशासन बाबू और महिलाओं का मसीहा कहने वाले मुख्यमंत्री नितीश कुमार के साथ सिवान के राजहिंद्र स्टेडियम में जो हुआ उसने ना केवल सुरक्षा कर्मियों के होश उड़ा दिये बलके खुद मुख्यमंत्री को �
00:44जिनके दम पर नितीश अपनी चुनावी नहिया पार लगाते हैं वो उन्हें बीच भाशन में अकेला छोड़कर भागने लगे ये मनजर किसी फिल्म के कॉमेडी सीन जैसा लग सकता है लेकिन दोहजार चब्वीस की समरद्धी यात्रा के दौरान ये हकीकत बनकर उभरा ह
01:14अधर नितीश कुमार को ये क्या हो गया है क्या बिहार के विकास पुरुष अब इतने असुरक्षित महसूस करने लगे हैं कि उन्हें अपनी सभा से जाती हुई जनता भी बगावत नजर आने लगी है
01:42समरद्धी यात्रा का मकसद तो लोगों से जुड़ना और उन्हें अपनी यूजनाओं की घुट्टी पिलाना था लेकिन सिवान में तो मामला ही उल्टा पड़ गया
01:51नितीज जी मंच से महिलाओं के उत्थान की गाथा गा रहे थे साइकल और पोशाक यूजना के किस्से सुना रहे थे
01:57लेकिन शायद सिवान की महिलाओं को उन दावों से जादा अपने घर के चूलहे और अधूरे पड़े कामों की चिंता सता रही थी
02:04जैसे ही महिलाओं ने अपनी कुरसिया छोड़ना शुरू किया सुशासन बाबु का चेहरा गुस्से से लाल हो गया
02:10उनका वो सवाल ये महिलाओं कहां भाग रही है सोशल मीडिया पर अब मजाक और तंस का सबसे बड़ा हतियार बन गया है
02:17लोग पूछ रहे हैं कि साहब अगर जनता भाग रही है तो इसका मतलब साफ है कि या तो उन्हें आपके भाशन में रस नहीं आ रहा
02:24या फिर उन्हें डर है कि कहीं आपकी समरिध्धी की बातें सुनते सुनते उनका असल वक्त ही ना बरबाद हो जाए
02:30इस घटना का विडियो जब वाइरल हुआ तो ऐसा लगा मानो नितीश कुमार किसी प्राइमरी स्कूल के मास्टर बन गया हो जो शरारती बच्चों को भागने से रोक रहे हो
02:39मुख्यमंत्री का ये व्यभार उनके गिरते हुए धैर्य और बढ़ती हुई मानसिक ठकान का संकेद दे रहा है
02:46एक तरफ समर्थक कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री अनुशासन सिखा रहे थे
02:50लेकिन दूसरी तरफ लोग तंसकस रहे हैं कि क्या अब बिहार में सभाओं में बैठने के लिए भी जबरदस्ती की जाएगी
02:56नितीश कुमार ने शायद सोचा नहीं होगा कि जिस सिवान में वो अपनी समरिधी का धिंडोरा पीटने आये थे
03:02वहां की महिलाएं उन्हें बीच मजधार में छोड़ कर चली जाएंगी
03:06राजेंद्र स्टेडियम की वो खाली होती कुर्सियां और मंच से गरजते नितीश कुमार की आवाज
03:11बिहार की बदलती राजनीती की एक नई और अजीबो गरीब कहानी कह रही है
03:16क्या ये दो हजार चबवीस के चुनावी समर से पहले की ठकान है
03:29या फिर जनता का मोह भंग जो अब मुख्यमंत्री को सुनने के बजाए घर जाना जादा बहतर समझ रही है
03:35नितीश बाबू महिलाए भाग नहीं रही थी
03:38शायद वो आपके दावों और हकीकत के बीच के उस फासले को देख चुकी थी
03:42जिसे आप मंच से पाटने की नाकाम कोशिश कर रहे थे
03:45समर्धी यात्रा का ये जनसंबाद अब एक ऐसे विवाद में तबदील हो चुका है
03:50जिसने सुशासन के दावों की हवा निकाल दी है
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