00:00बचावदल ने गुरुवार को एक वहन तैनाप किया जो विशेश रूप से
00:30पानी में तलाशी अभियान के लिए बनाया गया है
01:00ऐसे आपको ये ओपरेशन सफल ही नहीं हो सकता आपका विनवीकल के
01:04क्योंकि आप किनारे किनारे देख सकते हो आपको अगर बीच में जाना है नदी के
01:07तो सिर्फ आप वीकल की साहता से ही जा सकते हो
01:1014 अगस को मचैल माता मंदिर के रास्ते में पढ़ने वाले चशूती गाओं में
01:17सालाना तीर्थ यात्रा के दोरान आई प्राकरतिक आपदा में मरने वालों की संख्या 65 तक पहुत गई
01:23बादल फटने से आई अचानक बाल ने भारी तबाही मचाई
01:27इससे एक आस्थाई बाजार सालाना मचैल माता यात्रा के लिए बनाये गया लंगर इस्थल बरबाद हो गया
01:33और इलाके में भारी नुकसान हुआ
01:3525 जुलाई से शुरू होकर 5 सितंबर को खत्मोने वाली सालाना मचैल माता यात्रा गुरुवार को लगातार आठवे दिन भी इस्थागित रही
01:44साढ़े 9000 फुट की उचाय परिस्थित मचैल माता मंदिर तक जाने के लिए शद्धालू चशोती गाउं तक वहां से पहुच सकते हैं
01:52उसके बाद उन्हें 8 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है
01:55चशोती गाउं किस्तवाल शहर से लगबग 90 किलोमीटर दूर है