00:00गनेश चतुर्ती ये तेहवार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है
00:04कहते हैं कि भगवान गनेश सर्व विग्न हरता ही नहीं बलकि बुद्धी, सुक और समर्द्धी के तेपता है
00:12यही वज़ा है कि भाद्रपत मास के शुकल पक्ष की चतुर्ती दिती को ये आता है
00:18और पूरे देश में गनपती बपा का स्वागत बड़े ही धूमधाम के साथ किया जाता है
00:23घर घर में इसकी प्रतिमा को स्थापित किया जाता है
00:27तो आज इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि गनपती बपा के स्थापना की पूजा विधी क्या है
00:34गनेश चतुर्ते के दिन भगवान गनेश को घर लाने और उनकी स्थापना करने के लिए कुछ विशेश नियम है और विधिया है
00:42तो चलिए बताते हैं कि आखिरकार क्या क्या है
00:45पूजा स्थल की तयारी
00:47सबसे पहले घर के पूजा स्थान या जिस जगा पर प्रतिमा स्थापित करनी है उसको अच्छी तरह से साप कर ले
00:55वहाँ पर लाल यक पीला कपड़ा बिछाएं और फूलो रंगोली और दीपक से उसकी सजावट करें
01:02प्रतिमा स्थापना की बात करें तो शुब मूरत में भगवान गनेश की प्रतिमा को पूजा स्थल पर स्थापित करें
01:09प्रतिमा उत्तर पूर्ग दिशा इशान कोड में रखना शुब माना जाता है
01:14पूजा करने से पहले हाथ में जल फूल और चावल लेकर प्रत का संकल प्लें
01:20इसके बाद मंत्र का उचारन करें ओम गन गन पते नमहा और गनेश जी की पूजा करें
01:27भगवान गनेश की मुर्ति को पंचाम रित से स्नान कराएं स्नान कराने की बाद उन्हें साफ कपड़े पहनाएं और गहनों से सजाएं
01:35गनेश जी को उनका प्रिये खोग मोटक लट्टू और फल अर्पित करें
01:40भूरवा घास लाल फूल और सिंदूर भी अर्पित करना शुब माना जाता है
01:45परिवार के सभी सदस से मिलकर गनेश जी की आरती करें
01:49अंत में उनसे जीवन में सुक्ष सम्रदी और ग्यान के निवारण की प्रात्ना करें
Comments