00:00दिल्ली NCR में बेघर कुटो को शेल्टर हुम में भेजने के सुप्रीम कोट के निर्देश पर हंगामा मचा हुआ है।
00:30हमारा इतना कहना है कि कोई भी जानवरों से नफरत नहीं करता है लेकिन सुरक्षा जरूरी है।
01:00होकर बात करती है लेकिन दूसरा पक्ष चुप्चाप सहता जाता है।
01:04लेकिन यहाँ वोकल माइनोरेटी है जो चिकन खाती है और अब पशु प्रेमी बन गई है।
01:10यह एक एतन मुद्धा है जिसका समाधान होना चाहिए।
01:12बच्चे रेवीज से मर रहे हैं नस्बंदी करने से रेवीज को नहीं रोका जाता।
01:18कोई पशु से नफ्रत करने वाला नहीं है।
01:20ट्रैक्रोज जीवों में केवल चाही जहरीले हैं।
01:23हम उन्हें घर में नहीं रखते हैं।
01:25कुतों को मारा नहीं जाएगा।
01:27उन्हें सिर्फ अलग किया जाएगा।
01:29मही वरिष्ट अधिवक्ता कपिल सिर्फबल ने कहा कि
01:32कोड के निर्देश में ये कहा गया है कि
01:34कुतों को नस्बंदी के बाद छोड़ा नहीं जाएगा।
01:37तो फिर वे कहां जाएगे।
01:38ये नियमों के खिलाफ है इस पर रोक लगनी चाहिए।
01:41जब एक बड़ी संख्या में कुतों को एक साथ शेल्टर में रखा जाएगा
01:45तो वे एक दूसरे पर हमला करेंगे।
01:47ऐसे इंसान भी प्रभावित होंगे।
01:49कुतों को सड़कों से उठाने पर रोक लगाई जाए।
01:52यह चिकर करताओ कि और से पेश वरिष्ट अधिवक्ता सिंबल ने कूट को बताया कि खुतों को सड़कों से उठाने के फैसले पर तिलहाल रोक लगनी चाहिए।
02:02और हमें जवाब देने के लिए समय देना चाहिए।
02:04इस जवरान कोट को बताया गया कि सुप्रीम कोट का ये फैसला गुरुवार शाम को अफलोड किया गया लेकिन इससे पहले ही सड़कों से कुत्ते उठाने शुरू कर दिये गए।
02:13इस पर कोट ने कहा कि ऐसा कैसे किया जा रहा है जिस पर सिब्बल ने कहा कि प्रशाशन ने कुत्ते उठाना शुरू कर दिया है।
02:33सुप्रीम कोट ने कहा कि वो आज इत्मामले को बंद नहीं करेंगे कि तस देखेंगे कि फैसला के किसके सिब्से पर आपसी है और या उन पर रोग लगानी चाहिए या नहीं।
02:43The government has said that the government is not going to take care of the government.
02:49The government has said that the government is not going to take care of the government.
02:54Bureau Report, Patrikah.
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