00:00क्या आप भी चैट जीपीटी का इस्तेमाल करते हैं?
00:03तो ये ख़वर आपके लिए है
00:05आपकी एक कलती आपकी जान पर पढ़ सकती है भारी
00:08जी हाँ क्या आप भी अपनी छोटी मोटी बिमारी, डाइट प्लान या फिटनेस के लिए चैट जीपीटी से पूछते हैं?
00:16अगर हाँ तो एक मिनट रुकिए और ये वीडियो पूरा देखिए
00:19क्योंकि आपकी ये आदत आपको सीधे अस्पताल पहुचा सकती है
00:23आज हम बात करेंगे नुई-यॉक में हुए एक ऐसे ही चोटाने वाले मामले की
00:28जहां चैट जीपीटी की सरा एक साथ साल के आदमी के लिए जान लेवा साविद होते होते बची
00:35तो हुआ यूंकि नियॉक में रहने वाले साथ वर्स के एक ब्रिक्ती ने फैसला किया को अपनी सेहत सुधारेंगे
00:41और अपने खाने से नमक यानि सोडियम को कम करेंगे
00:45लेकिन डॉक्टर की पास जाने से बजाए उन्होंने अपना डॉक्टर चैट जीपीटी को बना लिया
00:50उन्होंने AI से पूछा कि खाने से नमक कैसे हटाए
00:54चैट जीपिटी की सरापरों ने कई हफ्तों तक अपने खाने से नमक बिलकुल खत्म कर दिया
00:59जिसका नतीजा हुआ कि उनके शरीर में सोडियम का लेवल खतरनाख रूप से गिरने लगा
01:05इस कंडिशन में वो हाइपो नेट्रोमिया नाम की विमारी का शिकार हो गए
01:11और ये इतनी खतरनाख है कि इससे इंसान की जान भी जा सकती है
01:15और की हालत इतनी बिगडी की परिवार वाले उन्हें तुरंत अस्पताल में भरती किया
01:19जहां वो करीब तीन हफते तक रहे
01:22लेकिन कहानी का सबसे खतरनाख हिस्सा तो अब आने वाला है
01:25जब उस शक्स ने चैट जीपीटी से पूछा कि साधार नमक की जगा क्या इस्तमाल करें
01:30तो पता है AI ने क्या जबाब दिया और वो भी कितना खतरनाख
01:34चैट जीपीटी ने एक जहरीले केमिकल का नाम सुधाया
01:37सोडियम ब्रोमाइड वो एक कमपाउंड है जिसे अब जहरीला माना जाता है
01:42और उस शक्स ने AI पर आख मूंत कर भरोसा किया
01:45और इसे ओनलाइन खरीदा और तीन महिने तक अपने खाने में इस्तमाल करता रहा
01:51सोचिए कितना बड़ा खतरा था
01:53दोस्तों ये मामला हमें एक बहुत बड़ी सीख देता है
01:57AI यानि चैट GPT जैसा कोई चैट बोर्ड सेटिफाइड डॉक्टर नहीं है
02:01उसे आपकी मेडिकल हिस्ट्री आपकी ऐलर्जी या आपके शरीर की जरूरतों के बारे में कुछ नहीं पता
02:07वो सिर्फ इंटरनेट में मौझूद डेटा के आधार पर जवाब देता है
02:12जो गलत, अधूरा या जानलेवा भी हो सकता है
02:15वैसे चैट GPT के डेवलपर ओपन AI ने इसे इस्तमाल करने की शर्तों में
02:19स्पष्ट रूप से कहा है कि आपको हमारी सर्विस से प्राप्त आउटपुट को सत्यात तथ्यात्मक जानकारी के एक मात्र स्रोत के रूप में
02:27या पीशवर सलाह के विकल्प के रूप में नहीं माना चाहिए
02:31सर्तों में यह अभी इस्पश्ट किया गया है कि यह सर्विस चिकिस्ता स्थिती के निदान या उफचार के लिए नहीं है
02:37तो अगली बार जब आपनी सिहत से जुड़ा कोई फैसला लें तो AI से नहीं किसी असली डॉक्टर या हैर्थ एक्सपर्ट से सलाह लें
02:45AI का इस्तमाल जानकारी के लिए करें इलाज के लिए नहीं क्योंकि आपकी सेहत किसी अल्गोरिदम से कहीं ज़्यादा किम्ती है
02:53वैसे हमारा मकसद AI की प्रती आपको डराना नहीं है बलकि आपको सतर करना है
02:59फिलाल करी बस इतना ही बाकी अपडेट भी मने रहें वन इंडिया हिंदी के साथ
Comments