00:00देश्मोदय, भारत के सामने भी इस युद्ध ने अव प्रत्याशित चुनावतियां खड़ी कर दी हैं, ये चुनावतियां आर्थिक भी हैं,
00:17नेशनल सिकुरिटी से जोड़ी भी हैं और मानविय भी हैं।
00:23युद्ध रत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिष्टे हैं, जिसी छेत्र में युद्ध हो
00:38रहा है, वो दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है।
00:48विशेश रुप से कच्चे तेज और गैस के हमारी जरुतों का एक बड़ा हिस्सा यही छेत्र पूरा करता है।
01:01हमारे लिए यह रीजन एक और कारण से भी एहम है।
01:08लगवग एक करोड भारतिया खाड़ी देशों में रहते हैं और वहां काम करते हैं।
01:17वहां समंदर में जो कॉमर्शल शिप चलते हैं।
01:25उनमें भारतिय क्रू मेंबर्स की संक्या भी बहुत अधीक है।
01:31ऐसे अलग-अलग कारणों के चलते भारत की चिंताएं स्वाभा रुप से अधीक है।
01:41इसलिए यह आवशक है कि भारत की संसत से इस संकट को लेकर एक मत और एक जुट आवाज दुनिया
01:54में जाए।
01:56भारत के सामने भी इस युद्ध ने अव प्रत्याशित चुनावतियां खड़ी कर दी हैं।
02:06ये चुनावतियां आर्थिक भी हैं, नेशनल सिकुरिटी से जुड़ी भी हैं और मानविय भी हैं।
02:18युद्ध रत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिष्टे हैं।
02:31जिसी खेत्र में युद्ध हो रहा है, वो दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण
02:42रास्ता है।
02:44विशेश रुप से कच्चे तेज और गैस के हमारी जरुतों का एक बड़ा हिस्सा यही खेत्र पूरा करता है।
02:56हमारे लिए यह रीजन एक और कारण से भी एहम है।
03:03लगवग एक करोड भारतिया खाड़ी देशों में रहते हैं और वहां काम करते हैं।
03:13वहां समंदर में जो कॉमर्शल स्विप चलते हैं, उनमें भारतिय कुरू मेंबर्स की संक्या भी बहुत अधीक है।
03:26ऐसे अलग-अलग कारणों के चलते भारत की चिंताएं स्वाभा रुख से अधीक है।
03:36इसलिए यह आवशक है कि भारत की संसत से इस संक्ट को लेकर एक मत और एक जुट आवाज दुनिया
03:49में जाए।
03:54अध्यक जी जब से ये युद्ध शुरू हुआ है।
04:00तब से ही प्रभावित देशों में हर भारतिय को जरूरी मदद दी जा रही है।
04:08मैंने खुद पस्चिम एशिया के जादातर देशों के राष्टा द्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है।
04:18सभी ने भारतियों की सुरुक्षा का पूरा आस्वाशन दिया है।
04:25दुरुबाग्य से इस दोरान कुछ लोगों की दुखत मृत्य हुई है और कुछ गायल हुए है।
04:34ऐसे मुश्किल हालात में परिवार जनों को आवशक मदद दी जा रही है।
04:41जो गायल है उनका बहतर इलाज सुनिस्चित कराया जा रहा है।
04:49अद्यक जी प्रभावित देशों में हमारे जीतने भी मिशन है।
04:57वो निरंतर भारतियों की मदद करने में जुटे हैं।
05:02वहां काम करने वाले भारतिय हो या फोर जो टूरिस्ट वहां गए हैं।
05:08सभी को हर संभव मदद दी जा रही है।
05:12हमारे मिशन नियमित रुप से एड़वाजरी जारी कर रहे हैं।
05:18यहां भारत में और अन्य प्रभावित देशों में 24 बाइ 7 कंट्रोल डूम और आपात कालिन हेल्प लैं स्थापित की
05:31गई है।
05:32इनके माध्यम से सभी प्रभावितों को त्वरी जानकारी दी जा रही है।
05:40अन्दिक जी संकट की स्थिती में देश विदेश में भारतियों की सुरुक्षा हमारी बहुत बड़ी प्रात्फिक्ता रही है।
05:55युद्ध सुरू होने के बाद से लेकर अब तक 3,75,000 से अधिक भारतियों सुरक्षित भारत लोट चुके हैं।
06:10इरान से ही अभी तक लगभग एक हजार भारतियों सुरक्षित वापस लोटे हैं।
06:17इन में 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं।
06:24खाड़ी देशों में भारतियों स्कूलों में हजारों विध्यारती पढ़ते हैं।
06:32CBSC ने ऐसे सभी भारतिय स्कूलों में होने वाली कक्षा दस्वी और बारवी की निर्धारित परिक्षाओं को रद कर दिया
06:43है।
06:44इन बच्चों की बढ़ाई निर्बाद चलती रहे। इसके लिए CBSC उचित कदम उठा रही हैं।
06:54यानि सरकार सम्वेदन सिल भी हैं, सतर्ग भी हैं और हर सहायता के लिए तत्पर भी हैं।
07:06मानियद्देग जी, भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेर, गैस और फर्टिलाइजर जैसी अनेक जरूरी चीजें होर्मूज स्ट्रेट के रास्ते
07:20से आती हैं।
07:22युद्दे के बाद से ही हर्मूज स्ट्रेट में जहाजों का आना जाना बहुत चुनोती पुर्ण हो गया है।
07:32बावजुद इसके हमारी सरकार का ये प्रयास रहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई बहुत ज्यादा प्रभावित न
07:42हो।
07:43देश के सामान ने परिवारों को परिशानी भी कम से कम हो, इस पर हमारा फोकस रहा है।
07:51हम सभी जानते हैं, देश अपनी जरुरत की 60% LPG आयात करता है।
08:02इसकी सप्लाई में अनिस्षित्ता के कारण सरकार ने LPG के डॉमेस्टिक उप्योग को प्रात्फिक का दी है।
08:13साथ ही, LPG के देश में ही उत्पादन को भी बढ़ाया जा रहा है।
08:21पैट्रोल डीजल की सप्लाई पुरे देश में सुचारू रुप से होती रहे, इस पर भी लगातार काम किया गया है।
08:32अध्यक जी, आज की इन परिश्चितियों में एनर्जी सिकुरिटी को लेकर बीते एक दसक में उठाए गए कदम और भी
08:44प्रासंगिक हो गए है।
08:46भारत ने बीते ग्याना वर्षों में अपनी एनर्जी इंपोर्ट का डाइवर्सिफिकेशन किया है।
09:06आज भारत 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है।
09:18अधिक जी बीते दसक में भारत ने संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को भी
09:30प्रात्फिकता दी है।
09:32आज भारत के पास 33 लाग मेट्रिक टंद से अधिक का स्ट्रेजिक पेट्रोलियम रिजर्व है।
09:42और 65 लाग मेट्रिक टंद से अधिक के रिजर्व की ववस्ता पर देश काम कर रहा है।
09:49हमारी तेल कंपनियों के पास जो रिजर्व रहता है वो अलग है।
09:54बिते 11 वर्सों में हमारी रिफाइनिंग केबिसिटे में भी उलेखनिये वृद्धी हुई है।
10:02अधिक जी सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर्स के साथ भी लगातार संपर्क में है।
10:10प्रयास यह है कि जहां से संबव हो वहां से तेल और गैस के सप्लाय होती रहे।
10:21भारत सरकार गल्फ और आसपार्स के शिपिंग रूट्स पर निरंतर नजर बनाए हुए है।
10:30हमारा प्रयास है कि तेल हो, गैस हो, फर्टिलाइजर हो, ऐसे हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित
10:43पहुचे है।
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