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#CoachingScam, #KotaSuicides, #NEET2025, #JEEPrep, #EducationReform, #StudentMentalHealth
Discover the dark truth behind India's coaching industry in 2025. This documentary exposes the mental health crisis, scams, and unregulated coaching canters like Kota, affecting millions of students. Learn about NEET-JEE pressure, student suicides, and the ₹58,000 crore business thriving on broken dreams.

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00:00one day
00:02one day
00:04one day
00:06one day
00:08one day
00:10I was thinking
00:12to be a man
00:14and I was thinking
00:16to be a man
00:18I was thinking
00:20to be a man
00:22of the state
00:24and the 22nd March
00:26was a problem
00:28this is a society's %, and this is a ugly headline.
00:33This is a joke.
00:35It's just a joke.
00:38There are a lot of children who don't have their own sound.
00:41It is not a joke.
00:44It's a joke.
00:46It's a joke, it's a joke.
00:50यह एक ऐसा बिजनेस है जो सालाना 58,000 करोर से भी जादा कमाता है
00:56और यह मुनाफ़ा 2028 तक 1.3,000,000 करोर तक पहुँछ जाएगा
01:01सवाल यह नहीं है कि यह कोचिंग सेंटर्स कितने बड़े हैं
01:05सवाल यह है कि इतने बड़े कैसे हो गए
01:08एक कोर्स की फीस होती है तीन से पांस लाग तक और होस्टल का खर्चा लगभग 15 से 20 हजार मईना
01:21बेटा डॉक्टर बनेगा ये सपना सिर्फ एक बच्चे का नहीं होता ये सपना पूरा परिवार देखता है
01:27लेकिन उस सपने की असली कीमत क्या है हर साल लाखों माता पिता अपने बच्चों को कोचिंग सेरों में बेशते हैं कोटा पटना एदराबाद और दिल्ली
01:37कोई जमीन गिरवी रखता है तो कोई चूणियां बेशता है और कोई 3-4 लाग का करज लेकर सोचता है सायद मेरा बच्चा ही गरी भी तोड़ पाएगा
01:47लेकिन जब बच्चा कोटा या पट्टा पहुंचता है तो उसे मिलता क्या है एक ऐसा सिस्टम जो दिखता तो क्लास रूम जैसा है लेकिन चलता है एक फेक्टर की तरह
01:57सुबच 6 बजे सेल्फ स्टडी दिन में 5-6 गंटे क्लासेज हर हफ्टे टेस्ट हर महीने रैंकिंग और हर दिन एक मैसिज अगर टॉप रैंक नहीं आई तो तुम फेल हो
02:09यहां बच्चे इंसान नहीं रहते वो बन जाते हैं रैंक मसीनी ना कोई दोस्ती ना सोशल लाइफ ना गाइडेंस सिर्फ स्लेवर्स टेस्ट और डर
02:21जो सोशते हैं कि 25 से 30 हजार में एसी रूम मिलेगा उन्हें अशले दिखती है सीलन भरे कमरे तूटे फरनीचर और बेस्वाथ खाना एक बॉर्डन पर 100 से 200 बच्चे और सबसे खतरनाग कोई मेंटल हैल सपोर्ट नहीं इस सिस्टम में इंसान तूटता है लेकिन फीज नह
02:51सोशते हैं अगर मैं पास नहीं हुआ तो माबाप की महनत बेकार हो जाएगी और यहीं से सुरू होती है फियर, स्ट्रेस और गिल्ट की बिमारी और कई बार ये डर मौत बन जाता है भारत में सिक्षा एक सपना है लेकिन कोचिंग इंडस्ट्री ने इसे बिजनस बना दिय
03:21लेकिन क्या आपने कभी पूछा कि कितनों का नहीं हुआ असलियत तो यह है कि कोचिंग सेंटर में 97% बच्चे टॉपर नहीं होते बलकि भीड में गुमनाम हो जाते हैं और बहुत बार उन्हें कहा जाता है नौट सीरियस, लो लर्नर या सिर्फ एक्स्ट्रा लोड जेई �
03:51और UPSC में सिर्फ 0.07% और बाकी बच्चों का क्या बस कोचिंग इंडस्री का फ्यूल बन जाते हैं पीज दो, रट्टा मारो और सिस्टम में खो जाओ
04:04कोचिंग इस्टिटूट्स में बनाये जाते हैं खास टॉपर बैच जहां वो बच्चे रखे जाते हैं जो पहले से टॉप कर चुके होते हैं या जिनका स्कूल बैग्राउंड मजबूत होता है और उन्हें मिलता है बहतर सिक्षक, एक्स्रा माटीरियल, पर्सनल मेंटरिं
04:34इंटर्वियूज वाइरल होते हैं क्यों क्योंकि वही है कोचिंग की मार्केटिंग मसीन हर टॉपर को मिलती है 10 से 25 लाग की ब्रैंड डील कभी वीडियो में बुलवाया जाता है कि मैंने सिर्फ एलन से पड़ा तो कभी फिट जी ने मुझे बनाया और मज़े की बात तो �
05:04में एक महीने डेमो प्लास दी थी अब इससे तो यही पता चलता है कि कोचिंग सेंटर्स सिर्फ सिक्षा नहीं बेचते वह बेचते हैं टौपर बनाने का जूटा सपना और इस ब्रह्म में हर साल लाखो पेरेंट्स पस जाते हैं हर बच्चा अलग होता है लेकिन कोचिंग
05:34जगा वो आपके साथ घोटाला कर रहे हो तो दो हजार पचीस की सुरुवात में फिट जी ने नोईडा, गाजियाबाद, मेरट, भोपाल और पटना समेत आठ सेरों में अचानक सेंटर बंद कर दिये बिना कोई नोटिस, बिना रिफंड और क्लास तो सुरू ही नहीं की ग
06:04कि future is yours और छोड़ गए छात्रों को लोन, तनाव और अधूरी पढ़ाई के साथ दिल्ली सरकार की जैभीम मुख्यमंतरी प्रतिवा विकास योजना, SC, ST और OBC के छात्रों को UPSC और नीट जैसे परिक्षाओं की प्री कोचिंग देने के लिए सुरू की गई थी पर हुआ क
06:34चात्र के कई नामों से एड्मिशन हुए और कई संस्थानों ने बिना पढ़ाए पैसा ड़कार लिया यह देखकर तो यही लगता है कि गरीब बच्चों के सपनों को कुछ संस्थाओं ने कमाई का जरिया बना लिया है
06:452024 की सबसे बड़ी परिक्षा नीट पेपर लीग के दलदल में फंस गई
06:5123 लाग से ज़्यादा चात्रों ने परिक्षा दी पेपर, सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर बिक्ता मिला
06:58जांच में सामने आया कि पेपर सॉलवर रैकेट राजस्थान और बिहार से जुड़ा था
07:03कुछ कोचिंग सेंटर्स के नाम भी जांच में आये
07:06और सुप्रीम कोट ने खुद माना कि पेपर लीग हुआ था और लाखों छात्रों के साथ अन्याय हुआ
07:12पेपर लीग अब हास्ता नहीं धंदा बन चुका है और हर साल इसकी बोली लगती है
07:18साल 2019 में सूरत की ट्यूशन क्लास में आग लगने से 25 छात्र जिन्दा जल गए
07:25क्योंकि ट्यूशन क्लास में फायर एक्जेट ही नहीं था
07:282023 में दिल्ली के मुखरजी नगर में UPSC कोचिंग सेंटर में आग लगी
07:34और अपने बचाव के लिए छात्रों को खिड़की से कूदना पड़ गया
07:38सिक्षा अब तपश्चा नहीं गोटालों और मौतों का धंदा बन चुकी है
07:43जहां फीज तो पहले दिन बसूली जाती है पर सपनों की कीमत जिंद की चुकाती है
07:48क्या आपने कभी किसी ऐसे स्टुडेंट को देखा है जो स्कूल में नामांकित्तो है लेकिन स्कूल जाता ही नहीं
07:55यह है भारत का दमी स्कूल सिस्टम जहां स्कूल सिर्फ बोर्ड अग्जाम के एड्मिट कार्ड के लिए होते हैं
08:02अटेंडेंस होती है एक्सल सीट में और असली पढ़ाई कोचिंग के दिवारों में बंध होती है रोज 12 से 14 गंटे
08:09आखिर यह डमी स्कूल काम कैसे करता है क्लास 11 या 12 में छातर का किसी प्राइविट स्कूल में नामंखन किया जाता है
08:18लेकिन स्कूल कहता है कि पढ़ाई कोचिंग से होगी बस बोर्ड अग्जाम के लिए रेजिट्रेशन चाहिए
08:24हर तीन महिने में एक दिन आता है प्रैक्टिकल, सिगनेचर और अटेंडन्स ट्वीट कराने के लिए
08:31इंटर्नल मार्क्स और रिपोर्ट कार्ड दोनों कोचिंग सस्थान तय करते हैं
08:36इस स्कूल में स्कूल एक लीगल कवर है और कोचिंग सेंटर अस्ति संचालक बन जाते हैं
08:42और इसी से होता है छात्रों का सबसे बड़ा नुकसान
08:45जीरो क्रेटिविटी, नो सोशल स्किल, मेंटल बर्न आउट और नो फिजिकल एक्टिविटी
08:51स्कूल का मकसब था बच्चे को इनसान बनाना
08:54लेकिन आज स्कूल सिर्फ बोर्ट सर्टिफिकेट छापने की फैक्टरी बन चुके हैं
08:59सीबियस्सी हो या स्टेट बोर्ट कोई सवाल नहीं करता कि छात्र स्कूल क्यों नहीं जा रहा
09:04NEP 2020 में होलिस्टिक लर्निंग की बात होती है
09:08लेकिन जमीनी हकीकत में कोचिंग माफिया सब कुछ कंट्रूल कर रहा है
09:13UGC, NTA और MHRD सभी चुप हैं
09:17तोकि इस सिस्टम को रोकने का न तो कोई डेटा है न कोई नीती
09:21कोटा राजस्थान
09:23ये सहर सिर्फ मेडिकल और इंजिनियरिंग के तयारी के लिए नहीं
09:27बलकि एक और खौपनाक पहचान के लिए जाना जाने लगा है
09:31सुसाइट कैपिटल
09:332023 में यहां 26 चात्रों ने आत्मत्या की
09:37जो अब तक का सबसे भयाना कांकड़ा था
09:402024 में प्रसासन ने कुछ कड़े कदम उठाए
09:44जैसे हफते में एक चुट्टी अनिवार्य
09:46पंकों में एंटी सुसाइट स्प्रिंग सिस्क्रम
09:49तोपर ग्लॉरिफिकेशन पर रोग
09:51इसका असर भी दिखा
09:532024 में आकड़ा गिरकर 17 पर आ गया
09:56लगभग 50% की गिरावट
09:59लेकिन 2025 के पहले 6 महिने में ही
10:029 और आत्मत्याएं दर्ज हो चुकी है
10:04मतलब अब भी हर 20 दिन में
10:07एक बच्चा अपनी जान दे रहा है
10:08हर्सराज, अंकुस और तानिया जैसे कई नाम है
10:13जो कभी कोटा के किसी कमरे में
10:15अपने सपनों के साथ रहते थे
10:16और अब सिर्फ अकबार की
10:19हेडलाइन बुन कर रह गये हैं
10:21कोई अकेले कमरे में लटका मिला
10:22कोई टोयलेट में खुद को खत्म कर गया
10:25तो किसी ने सुसाइड नोड तक नहीं छोड़ा
10:27बस सननाटा
10:29जिने मदद करने चाहिए
10:45यह है जिस बच्चे को नीन नहीं आती
10:47वो हेल्प लाइन नंबर कैसे डायल करेगा
10:49जो अंदर से टूटा हुआ है
10:52क्या उसे गेट कीपर ट्रेनिंग रोक पाईगी
10:54और क्या एक पंखे में स्प्रिंग लगाने से
10:56किसी का डिप्रेशन खत्म हो जाएगा
10:58उन्हें मोटिवेशनल स्पीकर नहीं
11:01मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट चाहिए
11:03उन्हें आई आई आई टी में सीट नहीं
11:05पहले खुद से सांती चाहिए
11:06और हमें चाहिए एक ऐसा सिस्टम
11:09जो नंबर नहीं इंसानों को देखे
11:112023 में कोटा में 26 मोते हुई
11:152024 में 17
11:172025 में अब तक 9
11:20सवाल ये नहीं कि कौन मरा
11:22सवाल ये है कि हम कब जागेंगे
11:24कोचिंग सेंटर्स बच्चों की जान ले रहे हैं
11:28गोटाले हो रहे हैं
11:30धोका दड़ी खुले आम चल रही है
11:32और मीडिया तक सांत है
11:33तो क्या सरकार सो रही है
11:35नहीं तरकार सो नहीं रही
11:37वो तो तमासा देख रही है
11:392025 में राजस्थान सरकार
11:42ने कोचिंग सेंटर्स रेगुलेशन बिल पास किया
11:45इसका उद्देश्य था
11:46कोचिंग को नियंतित करना
11:48चातरों को आत्पत्या से बचाना
11:50और फीस की लूट को रोकना
11:52इस बिल में था age limit
11:5416 साल से नीचे के बच्चों के लिए
11:57कोचिंग पर रोक
11:58entrance test
11:59जो की चातरों की मानसिक तैयारी जांचने के लिए
12:02अनिवारे test था
12:03class hour cap
12:04हर दिन अधिक्तम 6 गंटे की सीमा
12:07पर फिर क्या हुआ
12:09जिन प्रावधानों से छातरों की जान बस्टक्ती थी
12:12उन्हें बिल से हटा या कमजोर कर दिया गया
12:15क्यों?
12:16क्योंकि ये coaching institutes कोई छोटे मोटे व्यापारी नहीं
12:20ये है 7000 करोर की इंड़स्टी
12:22जिनका सीधा संबंध है नेताओं, अपसरों और चुनावी funding से
12:27टीवी चैनल्स को coaching institutes से करोणों के विग्यापन मिलते हैं
12:32एजुकेशन मेक जीन्स में टॉपर्स की paid stories छपती है
12:36सोशल मीडिया influencers को मिलती है sponsorship deal
12:39तो जब कोई छातर आत्भत्या करता है
12:42तो मीडिया कहता है दुखत गटना
12:44और अगले दिन उसे भूल जाता है
12:46भारत के करीब 1.2 लाग सरकारी स्कूलों में परियाप सिक्षक नहीं है
12:52maths और science जैसे विश्यों के लिए qualified teachers की भारी कमी है
12:57ग्रामेन लाखों में स्कूल की building, lab, library सब अधूरी है
13:03इसी भिफलता ने coaching को एक जरुरत बना दिया
13:06और अब वही जरुरत एक मुनाफा खोर उध्योग बन गई है
13:10उत्तर प्रदेश में coaching centers को लेकर कुछ action लिए गए
13:14गाजयाबाद, लखनव और नोईडा में कुछ अवैयत coaching centers को seal और पंजी करण रद्द कर दिया गया
13:22पर बड़े और प्रमुक एस्टिटूट्स को बड़े इस्तर पर अब भी छूट मिली हुई है
13:27छोटों पर कारेवाई होती है पर जिनके पास power है वो अब भी अपनी topper factory चला रहे है
13:33क्योंकि भारत में आज तक coaching को लेकर कोई central regulatory body नहीं है
13:39AICT, UGC और MHRD सबकी दिसा अलग है
13:44private coaching को education sector की तरह माना ही नहीं जाता
13:48कोई standard slaves नहीं, कोई mandatory certification नहीं
13:52और यहां तक की कोई student protection law भी नहीं
13:55और इसी वज़ा से ये system ऐसा जंगल बन गया है
13:59जहां सिकारी के पास बंदूग तो है लेकिन सिकार के पास कोई ढाल नहीं
14:09झाल
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