00:00उत्तरकाशी के धराली गाउं में आया अपता को कई दिन बीच चुके हैं और अभी भी सौज से डेड़ सो लोग लापता बताए जा रहे हैं जिनके मलवे में दवे होने की आशंका है
00:16वैसे धराली के असी एकड़ में 20-50 फिट तक मलवा फैला हुआ है इसे हटाने के लिए सिर्फ अभी तीन जीसी मसीने लगी हुई है जो नाकाफी है
00:29मलवे की नीचे दवेलों की तलाश के लिए हाइटेक्स थर्मल सेंसिंग उपकरन और बड़ी मसीने चाहिए लेकिन ये अभी 60 किलमेटर दूर भटवारी में रास्ता ना खुलने के वज़ा से फसी हुई है
00:39वैसे उतरकासी से गंगोती तक एक ही सड़क है जो धराली से गुजरती है हरसिल से धराली की 3 किलमेटर की सड़क 4 जगह पर 100 से 1.500 किलमेटर खत्म हो चुकी है
00:50बटवाडी से हर सिल तक तीन जगा लैंड्सलाइट और एक पूल टूटा है
00:54ऐसे में धराली तक सड़क खुलने में तीन से चार दिन लग सकते हैं
00:58इस बीच मलमे में दबे के लोग की तलाश के लिए के नाइन डॉग स्कॉट की मदद ली जा रही है
01:03जो पिछले तीन दिनों से सक्क्री रूप से खोजबियान में लगी हुई है
01:07और चुनोती पूरी लाकों में लोग का पता लगाने और उन्हें बचाओ प्रयासों में महत्पूर योग दान दे रही है
01:13अब सवाल उठता है कि आखिर के नाइ यूनिट है क्या और इसकी खासियत क्या है
01:31तो बता दे कि जंगल में सर्च और एरिया सैनिटाइजिशन जैसे स्पिसल टेक्निकल आपरेशन के लिए ट्रेंड किया जाता है
01:39एवलांच के दौरान बर्फ में दबिल सेना के जवानों को भी धूड निकालने में ये माहिर होते हैं
01:45लेजर गाइड़ अटेक और विपन रिट्रिवल जैसे खास शमताओं के लिए भी इन्हें ट्रेंड किया जाता है
01:50रेडियो गाइड़ डिरेक्शन कंट्रोल में भी डॉक की ट्रेनिंग दी जाती है
01:54काउंटर ट्रेडिजम एरिया में स्पेसिल फोर्स के आपरेशन में फर्स्ट रिस्पॉंडर के तौर पर रिहने इस्तमाल किया जाता है
02:01वह है इस आपरेशन में हाई सिंसर ड्रोन की मदद भी लिजा रही है
02:05जिनकी मदद से पूरे लागे को सर्च किया जा रहा है और इसकी तस्वीरे भी सामने आई है
02:09जिसमें साब देख़ रहा सकता है कि कितनी आसानी से हम किसी मुविंग अबजिट को आसानी से देख सकते हैं
02:15कुल मिलाकर लगातार सर्चिंग हो रही है और जिन्दगी की तलास की जा रही है
02:19फिलाल के लिए बस इतना ही बाकी अप्रिक लिए बने रहे है वन इंडिया हिंदी के साथ
02:49कि अबस्क्राइब कर्णार के लिए अप्राइब करेंट अच्छ।
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