00:00उत्तरकाशी के गाउं धराली में जहां पांच अगस्त को अचानक बादल फटा और फिर पलक जपकते सारा का सारा इलाका बह गया
00:08मकान तिनके की तरह उखड गए बाजार, बस्तिया, इंसान और मवेसी सब उसमें बह गए
00:14बड़ी संख्या में लोग लापता हैं, सिर्फ उत्तरा खंड बे ही नहीं बलकि हिमाचल प्रदेश हो या फिर कोई भी पहाडी लाका
00:21यहां पर हर साल बादल फटने की खटना सामने आती है
00:24इससे पहले बरसाथ के इस मौसम में हिमाचल प्रदेश में कई जगां बादल फटने की खटनाएं सामने आ चुकी हैं
00:30जब बादल फटते हैं तो अचानक अथा पानी दानों बरकर तूट परता है
00:34इसमें इतना फोर्स होता है कि सब कुछ अपने साथ बहा ले जाता है
00:38कुछ नहीं बसता मकान के मकान टास की पत्तों की तरह उखड जाते हैं
00:43नदियों का वेग इतना हो जाता है कि उसे देख कर भी डर लगने लगता है
00:47वही जानकारों की माणने तो पहाडी राकों में बादल फटने की खटनाओं में एक दर्शक में भीतर तेरी से बढ़ोत्री हुई है
00:54एक अनुमान के मताबिक अब उतरा खंड और हिमाचल के पहाडों में डेड़ गुना से जादा बादल फटने की खटनाओं हो रही है
01:00बादल फटने की जातार घटनाएं मौनसून के बारिस के दोरान ही होती है
01:30अब सवार उठता है कि आखिर पहारी और उची इलाकों में इतने जादा बादल क्यों फटते हैं तो इसका जवाब है कि बादल फटना या क्लाउड बर्स का मतलब है कि बहुत कम समय में एक सिमित दायरे में अचानक बहुत भारी बारिश होना
01:47आम बोलचाल की भासा में कहें तो किसी एक जगाँ पर एक साथ अचानक बहुत बारिश होना बादल फटना का जाता है विज्ञान की मताबिक समझे तो बादल तब फटता है जब नमी के साथ चलने वाली हवा एक पहारी लाके तक जाती है जिससे बादल का उर्धोधर स्�
02:17बादल फटना आम बात हो गई है विज्ञान की मताबिक जलवाईव परिवतन की कारण आने वाले वर्सों में बादल फटने की आपदाओं में ज्यादा बढ़ुत्र की आसंका है वहीं तेरी से हो रहे जलवाईव परिवतन के लिए जंगलों की आग पेड़ों की अंधा �
02:47वन इंडिया हंदी के साथ
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