00:01शेशी कला बहन जी कहां रह गई? जरा जल्दी कीजिए लड़की वालों को दस बजे का देखा देखी का टाइम दिया था
00:08हान जी हान जी पंडिची बस हो गया लड़की वाले के कपड़े लत्ते शगुन का लिफापा नारियल मिठाई हो गया
00:15अरे भागिवान लड़की छिकाई में फल भी तो लगेगा फलों की टोकरी कहां है तयार नहीं की क्या?
00:21तबी रिशी प्रेम पसीने पसीने होकर बगीचे में से पक्के पक्के दस टोकरी आम लाकर गाड़ी में रखवाते हैं वहीं चिल चलाती गर्मी में खड़े पंडिची बड़बडाना चालू कर देते हैं
00:32ये जमाहन अब जल्दी से आ जाएए, दूब में खड़े खड़े मेरे तो पसी ने छूट गए, थोड़ी देर और खड़ा रहा तो धोती भी गेली हो जाएगी।
00:41अजी क्यों खीसे आ रहे हैं पंडित जी, अब ये आपको एसी की हवा खिलाते हैं।
00:47थोड़ी तेर में लड़के वाले लड़की वालों के घर आते हैं।
01:17पूरे हैं बलके राम फल जी के घर की खेती हैं।
01:20पूरे एक भीखा में आम का बगीचा है।
01:22सैकड़ों पेड हैं और घर भी बगीचे के बीचों बीच में फस्क्लास का बनाया है।
01:27क्या बड़ी हा ताजा हवा बहती है।
01:29पूजा शर्माते हुए चाय नाश्ता करवाती हैं तभी शशीकला कहती है।
01:33भाई सहाब हमें तो हमारे प्रेम के लिए आपकी पूजा पसंद है।
01:36आप बताए आम वाले खानदान से समध्याना जोडेंगे आप।
01:40बिलकुल बेहन जी हमारी तरफ से तो रिष्टा पक्का है क्योंकि हमारी पूजा को कच्चे पक्के आम खाना बड़े पसंद है।
01:47हम तो जी ऐसा ही घर ढून रहे थे बिटिया के लिए।
01:50थोड़े ही दिनों में शादी होकर पूजा अपने आम के बगीचे वाले ससुराल में आती है।
02:10शर्शिकला पूजा का स्वागत करती है फिर सब लोग सोने चले जाते हैं इसी तरह अगला दिन चालो होता है।
02:15पूरी घर का चपपा चपपा चान मार लिया किचिन नहीं मिला तबी चारू कनिका पूजा के पास आती है।
02:22चले पूजा भावी मा आपको बगीचे में बुला रही है।
02:24अच्छ ठीक है पूजा आकर देखती है कि रसोई बगीचे में बनी है जहां धूप की किरने सीधे पड़ रही थी।
02:30हाव पूजा बहुत हमको इस बागवानी में ही खाना बनाना है यह रहा चूला मसाले कुटने के लिए माम दस्ता और इस चटनी पीसने के लिए सलबटा कोई दिका तो नहीं।
02:42नहीं सासूमा बलकि आपने तो बढ़िया जुगार लगा रखा है बगीचे में ठंडी ठंडी ताजी हवा में खाना बनाने का मजा लग है।
02:49पूजा तोड़े हुए कच्चे पक्के आम में से चुन कर कई तरह का ब्यंजन बना लेती है दो घंटे बाद।
02:55उफ इतना सब कुछ बनाने में मेरे तो पसीने चूट गये। कुछ देर में बहु सब कुछ मेज पर परोस्ती है।
03:01सब लोग आजा ये खाना तेयार है।
03:31मेरा तो पेट एक दम टंच हो गया। आज तो खाना पचाने के लिए टहलना पड़ेगा।
03:39ससुर जी आपनी पक्के आम तो खाया ही नहीं। कोई नहीं मेरे हिस्से की फारी अपनी सास को खिला दो।
03:46अरे मेरा तो पेट फटने को हो रहा है बहो खालेगी।
03:50सबसे लास्ट में पूजा खाने बैठती और पलक जपकते सारे आम लपेट जाती है।
03:54हाँ हाँ हाँ ये मालदे आम तो चासनी जितने मीठे हैं और ये दशेरी आम तो गूदे से भरा है मज़ा आ गया।
04:02इसी तरह पूजा का उसके आम खाने वाले ससुराल में दो चार दिन तो अच्छे खासे कट जाते।
04:06मगर वो कहावत तो आप सभी ने सुनी होगी चार दिन की चांदनी फिरंधेरी रात।
04:12पूजा यार और कितना लेट लगाओगी। अभी तक आम का पराठह तयार नहीं हुआ।
04:16सारे नोप पहुचना था तुमने दस बजा दिया।
04:18जी जी बस लाई एक तो चूले से चिमनी जितना धुआ मच रहा है उपर से आधे घंटे में ही छाओ चली जाते और चल चलाती धूप पढ़ने लगती है।
04:26इस आम के बगीचे में खाना बनाना भारी पढ़ रहा है। पसीने पसीने होकर पूजा आम के पराठह परोस्ती है जहां देवर नकरे करते हुए।
04:34भाबी आपका धंदा पानी बहुत खराब हो गया है। रोज आप नाश्ता करवाने में देरी लगाती हो। ये चार से पांच पराठह बनाने में एक घंटा लगा दिया।
04:42देवर जी खाना बनाने में मेरा हाथ खिचा हुआ है तो क्या चूले पर चड़ जाओं।
04:46पूजा का गुसेल मिजास देखकर शशी कला राशन पानी लेकर चड़ जाती है। बहु ज्यादा लत्कोरी नहीं बत्या रही तो जाकर पराठे बना और आमरस भी बनाना। आग बबूला होकर बहु बगीचे में लोट जाती है जहाँ पक्के आमों पर ततया भिन्मिना �
05:16काटता तुझे वही तो पूजा भाबी बगीचे में तो कितने सारे आम की पेड़ो पर मदुमक्खी ने चत्ता लगा रखा है जल्दी से नुकसान नहीं पहुचाती हैं।
05:46क्योंकि भीषड गर्मी में खाना बनाते उसे भरी दुपहरी हो जाती है जिससे शरीर में मोटे मोटे दाने निकलाते हैं।
06:16करते हैं साफ नहीं होते हैं जल्दी से।
06:18बर्दन दोने के बाद पूजा जैसे किचन से बाहर आती तो एक चीटी पैर में काट लेती है।
06:22पूजा का ध्यान फर्ष पर बिखरे पके आम की गुटलियों पर जाता है जिससे उसे गुस्सा आता है।
06:36हे भगवान एकदम खचर जितने आलती ससुराल वाले पले पड़ी हैं एक छिलका भी इस डस्ट बिन में नहीं डाला जाता है।
06:43लपु जन्ने हैं सब के सबूजा इतने बड़े घर में जाडू पोछा लगाने में पसीने में नहा जाती है।
07:13पती का कंजूसपन देखकर पूजा अपनी किसमत पर पच्टावा करती है।
07:43पूरे बगीचे को साफ करना धूप मेखाना बनाने से उसकी हालत और खराब हो जाती है।
07:49पूजा भाबी कहां रह गई फटफट से हमारे लिए चिल्ड आम का जूस पिलादो गर्मी लग रही है।
07:53सर से टपटप पसीना चूरा होता है।
07:55पूजा जूस की केतली हाथों में पकड़े लड़ खड़ाते हुए अंदर आती है।
07:59और तभी चक्कर खाकर बेहोश हो जाती है।
08:01जिससे सब का कलेजा मू को आ जाता है।
08:03ये भगवान, पूजा बहु, ओ बहु क्या हो गया तुझको, प्रेम, डॉक्टर को फोन लगा बेटा।
08:10जी माँ, कुछ दिर में डॉक्टर घर पर आकर पूजा का चेकप करते हैं और फिर।
08:16देखे जी, इन्हें तंग्रा लू लग गया है। लगता है आपके बहु जरूरत से जादा गर्मी में काम करती है।
08:21बाकि आप सब लोगों के शरीर पर भी कितनी सारी फोले फुनसी और घमोरी निकल लई है।
08:26रामपल जी, आपका फैमिली डॉक्टर होने के नाते में बार बार आपको समझाता हूँ। और आज भी आप लोगों को यही सुझाओ दूगा।
08:33जादा मात्रा में आम खाने से परहिस कीजिएगा और खान पान में हरी सबजी, दूद, दही शामिल करिए। वरना आपका पूरा परिवाज शुगर का शिकार हो जाएगा।
08:41डॉक्टर के चितावनी के बाद ससुराल वाले खान पान को संतुलित करते हैं, वहीं शशीकला पूजा को सेवा पानी करती है और उसे कच्चे आम का पन्ना बना कर पिलाती है, जिससे लू छू मंतर हो जाती है।
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